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प्रति व्यक्ति कर्ज 27 हजार रुपये बढ़ा, सरकार बजट में बताये कि यह बोझ कैसे कम होगा : कांग्रेस

New Delhi: कांग्रेस ने मंगलवार को दावा किया कि नरेंद्र मोदी सरकार की ‘गलतियों और आर्थिक कुप्रबंधन’ के कारण पिछले साढ़े पांच साल में देश में प्रति व्यक्ति कर्ज में 27,200 रुपये की बढ़ोतरी हुई.

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पार्टी प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बजट में यह बताना चाहिए कि देश के लोगों के ऊपर से कर्ज का बोझ कैसे कम होगा.

वल्लभ ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘पिछले साढ़े पांच साल में प्रति व्यक्ति कर्ज 27,200 रुपये बढ़ा. वर्ष 2014 में प्रति व्यक्ति कर्ज 41,200 रुपये था जो गत साढ़े पांच वर्षों में बढ़कर 68,400 रुपये हो गया है. ध्यान देने वाली बात यह है कि एक फीसदी भारतीय लोगों के पास 70 फीसदी भारतीय गरीबों से चार गुना संपत्ति है.’’

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कर्ज बढ़ने से बढ़ती है रेटिंग

उन्होंने दावा किया, ‘‘ सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष में 18 लाख करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य रखा है, लेकिन इसके छह लाख करोड़ रुपये पीछे रहने का अनुमान है.’’

वल्लभ ने सवाल किया कि ऐसी स्थिति में बड़े बड़े निवेश की बात कैसे होगी?

उन्होंने कहा, ‘‘कर्ज बढ़ने से देश की रेटिंग घटती है. यही स्थिति रही तो भारत निवेश के लिहाज से आकर्षक नहीं रह पायेगा.’’

कांग्रेस नेता ने सवाल किया, ‘‘देश कर्ज का यह बोझ कैसे उठाएगा? भारत के लोग आपकी गलतियों और कुप्रबंधन का बोझ क्यों उठाएंगे?’’

उन्होंने कहा, ‘‘वित्त मंत्री को बजट में इसका उल्लेख करना चाहिए कि सरकार कर्ज के इस बोझ को कम करने के लिए क्या करने वाली है.’’

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