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खूंटे का सहारा देकर सड़क की जान बचा रहे लोग

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Chatra : ग्रामीण इलाकों में सड़कों का महत्व किस कदर है यह कोई खेरहनवां गांव के निवासियों से पूछें. यहां के निवासी अपनी प्यारी सड़क को लकड़ी के खूंटे से सहारा देकर टूटने से बचा रहे हैं. सड़क को बचाने के लिए उन्होंने पैदल सफर करना मुनासिब समझा पर वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित कर दिया है. ग्रामीणों को इंतजार है जिला प्रशासन अथवा जनप्रतिनिधियों के पहल की ताकि सड़क की मरम्मती हो जाए और वह फिर से बिंदास इस सड़क पर सफर कर सकें.

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ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस सड़क की मरम्मती की गुहार लगाई

सड़क प्रखंड के सुदूरवर्ती पंचायत चोपे के तोरार गांव में स्थित है. सड़क खैरहनवां टोले को हजारीबाग के सीमा पर स्थित बेंदी गांव से जोड़ती है. सड़क की लंबाई लगभग 4 किलोमीटर है. सड़क प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के द्वारा अगले वर्ष बनाई गई थी. ग्रामीण इस सड़क का उपयोग अपनी साग-सब्जियों को बेचने अथवा मेहनत-मजदूरी करने के लिए उपयोग करते हैं. खैरहनवां से आधे किलोमीटर की दूरी पर स्थित पुलिया के समीप सड़क को पीसीसी की गई है.

भारी बारिश ने इस पीसीसी के अंदर की मिट्टी को पूरी तरह खंगाल दिया है. जिससे सड़क का एक किनारा हवा में लटक गया है. सड़क की यह दुर्दशा ग्रामीणों को देखा नहीं गया. वे एकजुट हुए और उसके किनारे लकड़ियों का पीलर बनाकर उसे सहारा दे दिया. ग्रामीणों के इस प्रयास से सड़क से बच गई किंतु वह कमजोर हो गई है. सड़क के नीचे का आधार यदि मरम्मत कर दिया जाए तो सड़क पुनः दुरुस्त हो जाएगी. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस सड़क की मरम्मती की गुहार लगाई है.

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