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सतगांवा PHC की व्यवस्था से परेशान लोग, कहा- इलाज में लापरवाही से अब तक गयी 4 की जान

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Ranchi: कोरोना महामारी ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिये हैं. बड़े से लेकर छोटे अस्पतालों और क्लिनिकों में इलाज के दौरान इसका असर देखा जा रहा है. सुदूर क्षेत्रों में स्थिति और खराब है. कोडरमा के सतगांवा प्रखंड में पिछले दिनों इसका उदाहरण देखा गया.

प्रखंड के लोगों ने प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेंद्र और यहां के प्रभारी डॉ चंद्र मोहन कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया.  लोगों ने आरोप लगाया कि प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेंद्र की लापरवाही के कारण पिछले कुछ महीनों में लगातार चार लोगों की मौत हुई. लोगों ने कहा कि कभी कोरोना के कारण इलाज नहीं करना, कभी मरीज लेकर गयी सहिया के साथ गाली गलौज करना, गर्भवती महिलाओं को एबुलेंस नहीं देने तक से भी जान चली जा रही है.

विगत 19 जुलाई को प्रखंड के लोगों ने इसके विरोध में जमकर प्रदर्शन किया. लेागों का आरोप है केंद्र की लापरवाही के कारण पिछले दिनों राजा कुमार नामक युवक की मौत हो गयी. युवक की दुर्घटना से सिर में गहरी चोट आयी थी. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में फर्स्ट एड तक नहीं किया गया. वहीं सदर अस्पताल में युवक को रेफर किया गया. इस दौरान युवक की एबुलेंस में ही मौत हो गयी. घटना के बाद से क्षेत्र उबाल है.

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कोरोना का लक्षण बताते हुए नहीं किया गया इलाज

स्थानीय लोगों के मुताबिक विनोद शर्मा नामक 27 वर्षीय व्यक्ति की मौत भी ऐसे ही हो गयी. 24 जुलाई की रात प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में व्यक्ति को इलाज के लिए लाया गया. केंद्र में कंपाउंडर था जिसने इलाज करने से मना कर दिया. व्यक्ति की हालत गंभीर थी. उसे एक इंजेक्शन दिया गया. कुछ देर बाद व्यक्ति की मौत हो गयी.

लोगों ने काफी हंगामा किया. लेकिन इसके बाद कोई नतीजा नहीं निकला. वहीं पिछले दिनों सतगांवा थाना में केंद्र प्रभारी के विरोध में मामला दर्ज किया गया. मामला सहिया गीता देवी की ओर से दर्ज किया गया. जिसमें आरोप लगाया गया कि सहिया एक व्यक्ति को इलाज के लिए केंद्र लायी. व्यक्ति ने सेनेटाइजर पी लिया था. इलाज का दबाव बनाने पर केंद्र प्रभारी डॉ चंद्रमोहन ने महिला के साथ गाली-गलौज किया. सहिया का आरोप है कि व्यक्ति से केंद्र प्रभारी ने आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया.

बता दें कि साल 2018 में प्रभारी डॉक्टर के खिलाफ विभाग और जिला प्रशासन की ओर से जांच की गयी थी. मामले में प्रभारी डॉक्टर को क्लीन चिट दे दी गयी थी.

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