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बिजली-पानी की समस्या से जनता त्रस्त , राज्य सरकार अभी भी जीत की खुमारी में  : झाविमो

झारखंड विकास मोर्चा के केन्द्रीय प्रवक्ता योगेन्द्र प्रताप ने कहा है भीषण गर्मी में पूरे राज्य में बिजली-पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है

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Ranchi :  झारखंड विकास मोर्चा के केन्द्रीय प्रवक्ता योगेन्द्र प्रताप ने कहा है भीषण गर्मी में पूरे राज्य में बिजली-पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है और राज्य की रघुवर सरकार अभी भी जीत की खुमारी में ही है. पूरे राज्य में बिजली-पानी का गंभीर संकट है.  सुदूरवर्ती जिलों व गांवों की बात तो छोड़िए, राजधानी रांची में इस संकट की भयावहता इस बात से समझी जा सकती है कि हाईकोर्ट के एक जज तक को भी अपनी पीड़ा व्यक्त करनी पड़ी कि अनियमित बिजली आपूर्ति के कारण रात में नींद पूरी नहीं हो पाती है.

वहीं सरकार में शामिल वरिष्ठ मंत्री सरयू राय ने तो मुख्यमंत्री रघुवर दास को बिजली को लेकर की गयी वादाखिलाफी के लिए माफी मांगने तक की नसीहत दे डाली है.  इतना ही नहीं बिजली-पानी की मांग को लेकर लोग अब सड़क पर उतरने लगे हैं.  गोड्डा में लचर बिजली आपूर्ति से आजिज आकर जनता ने कार्यालय में तोड़-फोड़ कर दी तो लोहरदगा के ग्रामीणों ने पानी नहीं मिलने पर नप कार्यालय में बवाल काटा.

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सरकार के दावे और जमीनी हकीकत में आसमान-जमीन का अंतर

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फिल्म रॉ के जासूस रहे रविन्द्र कौशिक के जीवन पर आधारित है. जिसमें उन्हें जासूसी के दौरान पकड़े जाने पर अनेक यातनाएं भी झेलनी पड़ी थीं.

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यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि सरकार के दावे और जमीनी हकीकत में आसमान-जमीन का अंतर है.  पूरे राज्य में बिजली-पानी को लेकर त्राहिमाम मचा है और सरकार कुभकर्णी निंद्रा में सोई हुई है.  पूरे राज्य में 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने वाली रघुवर सरकार के राज में राजधानी में बीते सात दिनों में लगभग 2900 बार बिजली कट हुई.  सीएम द्वारा 31 जुलाई तक बिजली में सुधार करने के लिए तय की गयी डेडलाईन व उनके दावे पर राज्य की जनता को रत्ती भर भी एतबार नहीं रहा.

दिसम्बर 2018 तक 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने में नाकाम रहने पर वोट नहीं मांगने का वादा करने वाले सीएम साहब को पलटी मारते हुए जनता ने देखा है. वास्तविकता यह है कि सरकार केवल आईवाश के लिए बैठक कर अपना पल्ला झाड़ रही है.  लोगों की परेशानी से सरकार को कोई सरोकार नहीं है.

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