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हादसे को आमंत्रण दे रहा हटिया रेलवे क्वार्टर, जर्जर मकान में खौफ के बीच रह रहे लोग

टूट रही क्वार्टर की छत, दरकती दीवारें

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Ranchi: हटिया स्थित रेलवे कॉलोनी में रहने वाले लोग खौफ के साये तले जीने को मजबूर है. हर दिन उन्हें ये डर सतता है कि कहीं कोई बड़ा हादसा ना हो जाये, कोई अनहोनी का घट जाये. दरअसल, हटिया रेलवे क्वार्टर की स्थिति इतनी जर्जर है कि कभी भी कोई दुर्घटना घट सकती है.

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किसी क्वार्टर की सीलिंग कभी टूट कर गिर जाती है तो, कभी दीवार से प्लास्टर झड़ते हैं. क्वार्टर की दीवारों पर दरारें पड़ गई है, जिससे हमेशा दीवार के गिरने का खतरा बना रहता है. लेकिन रेल प्रशासन का ध्यान इस ओर नहीं जाता है.

टूट कर गिर रही है छतें

टूट कर गिरी सीलिंग

रांची रेल डिवीजन में कुछ क्वार्टर को छोड़कर अधिकतर क्वार्टर की हालत काफी खराब है. किसी की छत गिर रही है तो, किसी क्वार्टर में पानी टपक रहा है. और कई क्वार्टर की दीवारें भी गिरने लगी है. जिसके कारण यहां रहने वाले लोग परेशान हैं. सबसे बड़ी परेशानी तब खड़ी हो जाती है, जब बारिश होने पर पानी क्वार्टर में घुस जाता है. ऐसे में यहां रहनेवाले लोग रात में भी चैन की नींद नहीं सो पाते हैं.

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बाल-बाल बची थी महिला

27 अगस्त को रेलवे कॉलोनी की एक घर में छत गिर गई थी. छत के अचानक गिरने से अनंत सिंह की पत्नी बाल-बाल बच गई. इस दौरान महिला घायल हो गई थी. इसको लेकर लोगों ने कई बार रेलवे अधिकारियों को बताया भी लेकिन रेलवे के कोई अधिकारी देखने तक नहीं आए.

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शिकायत के बाद भी नहीं हो रही सुनवाई

जिस तरह रेलवे क्वार्टर जर्जर स्थिति में है और आए दिन क्वार्टर के छत और दीवारें गिर रही हैं. उससे लोग भयभीत हैं. कई बार लोगों ने डीआरएम से मिलकर शिकायत भी की. लेकिन हर बार डीआरएम के द्वारा झूठा आश्वासन दिया जा रहा है. सुनवाई कुछ नहीं होती है.

क्या कहते हैं स्थानीय लोग

यहां रहने वाले मनोज गुप्ता कहते हैं कि हमेशा डर-सा बना रहता है. कब दीवारें गिर जाये या छत गिर जाये, इसका कोई पता नहीं है. रेलवे इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है. वहीं शालिनी तिवारी करती है कि मेरे घर में भी एक बार छत गिर गयी थी. जिससे मैं घायल हो गई थी, लेकिन अधिकारियों ने सुध तक नहीं ली.

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इधर रांची रेल डिवीजन के डीआरएम विजय कुमार कहते हैं कि रेलवे का ध्यान क्वार्टर पर है. जल्द ही इसकी मरम्मत की जाएगी.

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