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जनता कहती है रांची और धनबाद में लॉ एंड ऑर्डर हो चुनावी मुद्दा, मगर नेता जी को इससे क्या वास्ता

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Akshay Kumar Jha

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Ranchi: अभी तक लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जितनी भी खबर मीडिया में आ रही है, वो सिर्फ और सिर्फ टिकट को लेकर है. कौन-कहां से उम्मीदवार होगा. किसकी जीत कितनी सुनिश्चित है. कौन टिकट के लिए अपनी दावेदारी पुख्ता तरीके से रखता है. सभी राजनीतिक दलों को इन्हीं सब बातों से मतलब है.

अब तक शायद ही किसी उम्मीदवार या पार्टी ने फलां लोकसभा के सबसे अहम मुद्दे की बात की हो. लोकसभा चुनाव से पहले Association for Democratic Reforms (ADR) ने जो सर्वे किया है, उस रिपोर्ट में लोकसभावार वो मुद्दे निकल कर सामने आए हैं. जिसे पब्लिक चुनावी मुद्दा मानती है.

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लेकिन सवाल है कि क्या पार्टी या उम्मीदवार उस मुद्दे को चुनावी मुद्दा मानते हैं. क्या उम्मीदवार पब्लिक के बीच उन मुद्दों को लेकर जाएंगे जिसे पब्लिक चुनावी मुद्दा मानती है.

रांची और धनबाद में लॉ एंड ऑर्डर सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा

ADR ने अपने सर्वे में लोगों से उनके लोकसभा क्षेत्र में सबसे बड़े चुनावी मुद्दा के बारे पूछा. धनबाद और रांची लोकसभा क्षेत्र के लोगों का कहना है कि उनके क्षेत्र में लॉ एंड ऑर्डर सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा है. रांची के आधे से अधिक यानी 51.22 फीसदी लोग लॉ एंड ऑर्डर को चुनावी मुद्दा मानते हैं.

इस मुद्दा पर सरकार कैसा काम कर रही है, इसके जवाब में लोगों ने सरकार के प्रयास को पांच में सिर्फ 2.47 अंक ही दिए. जो कि एवरेज यानी तीन से 0.53 अंक कम है. धनबाद की भी आधी से अधिक जनता यानी 52.41 फीसदी का मानना है कि लॉ एंड ऑर्डर ही इस बार चुनाव में मुद्दा होना चाहिए.

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धनबाद की हालत तो रांची से ज्यादा खराब है. इस मुद्दे पर सरकार कैसा काम कर रही है, इसके जवाब में लोगों ने सरकार के प्रयास को पांच में सिर्फ 1.60 अंक ही दिए. जो कि एवरेज यानी तीन से 1.40 अंक कम है. यह आंकड़े अपने आप में काफी अफसोसजनक माने जा रहे हैं.

बेरोजगारी से त्रस्त से झारखंड की जनता

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पूरे देश की तरह झारखंड की जनता भी बेरोजगारी से परेशान है. चतरा हो या दुमका. झारखंड के 13 लोकसभा क्षेत्र की जनता मानती है कि बेरोजगारी चुनावी मुद्दा होना चाहिए. वहीं 13 में से नौ लोकसभा क्षेत्र ऐसे हैं जहां की जनता का मानना है कि झारखंड में चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा बेरोजगारी ही होना चाहिए.

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जिलामुद्दाकितने फीसदी लोग चाहते हैं बने चुनावी मुद्दासरकार को पांच में से दिए कितने अंक
चतराबेरोजगारी54.20%2.64
दुमकाबेरोजगारी2.56%2.56
गिरिडीहबेरोजगारी49.20%1.62
गोड्डाबेरोजगारी45.52%2.02
हजारीबागबेरोजगारी45.82%2.40
सिंहभूमबेरोजगारी52.70%2.26
खूंटीबेरोजगारी51.06 %1.54
जमशेदपुरबेरोजगारी51.70%2.20
कोडरमाबेरोजगारी53.00%2.48
लोहरदगाबेरोजगारी40.82%2.44
पलामूबेरोजगारी41%2.48
राजमहलबेरोजगारी44.26%1.53
सिंहभूमबेरोजगारी52.70%2.26

 

कितनी फीसदी लोग लॉ एंड ऑर्डर को बनाना चाहते हैं चुनावी मुद्दा

 

जिलामुद्दाकितने फीसदी लोग चाहते हैं बने चुनावी मुद्दासरकार को पांच में से दिए कितने अंक
चतरालॉ एंड ऑर्डर46 % 2.16
धनबादलॉ एंड ऑर्डर52.41%1.60
हजारीबागलॉ एंड ऑर्डर43.13 %2.42
जमशेदपुरलॉ एंड ऑर्डर55.28 %  2.72
रांचीलॉ एंड ऑर्डर51.22 %2.47
सिंहभूमलॉ एंड ऑर्डर44.10%2.54

 

कितनी फीसदी स्वास्थ्य को बनाना चाहते हैं चुनावी मुद्दा

 

 

जिलामुद्दाकितने फीसदी लोग चाहते हैं बने चुनावी मुद्दासरकार को पांच में से दिए कितने अंक
धनबाद स्वास्थ्य44.86 %1.28
गोड्डा स्वास्थ्य40.80 2.31
जमशेदपुर स्वास्थ्य46.02%1.98
खूंटी स्वास्थ्य51.06%1.54
पलामू स्वास्थ्य40%2.48
राजमहल स्वास्थ्य     40.872.63
रांचीस्वास्थ्य43.18%  1.62
सिंहभूम स्वास्थ्य46.61%     2.22

 

दूसरे मामले जिसे जनता बनाना चाहती है चुनावी मुद्दा

 

जिलामुद्दाकितने फीसदी लोग चाहते हैं बने चुनावी मुद्दासरकार को पांच में से दिए कितने अंक
चतराकिसानों के लिए बिजली44.20%1.83

 

धनबाद पब्लिक ट्रांसपोर्ट40.95%2.30
दुमकाकिसानों के लिए सब्सिडी     36%                1.65
दुमकाकिसानों के लिए बिजली   44%   1.70
गिरिडीह किसानों के लिए सब्सिडी45.89%1.70
गिरिडीहकिसानों के लिए बिजली   45.20%1.70
गोड्डा किसानों के लिए बिजली       38%1.70
हजारीबाग पब्लिक ट्रांसपोर्ट40.50%2.25
खूंटी बालू-पत्थर खनन        37.92%1.32
कोडरमाबालू-पत्थर खनन        36.24%2.28
कोडरमाकिसानों के लिए सब्सिडी       48.01%1.44
लोहरदगा किसानों के लिए बिजली   42% 1.50
पलामूकिसानों के लिए सब्सिडी       48.05%    1.44
राजमहलकिसानों के लिए सब्सिडी       48.02%       2.63

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