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#COVIDIOTS : झारखंड के लोगों में दिख रही घर से सड़क तक लापरवाही, जान लीजिये इटली में क्यों खराब हुए हालात

Surjit Singh

रविवार को जनता कर्फ्यू में तो झारखंड के लोग भी घरों में रहें. सड़कें सुनी रही. जरुरत पड़ने पर ड्राइवर को ना बुलाकर खुद गाड़ी चलाकर गंतव्य तक पहुंचे.

घरों में कामवाली या नौकर को बुलाने से परहेज किया और काम खुद निपटाया. पर सोमवार को झारखंड के लोग कोरोना संकट को लेकर लापरवाह नजर आ रहे हैं.

Sanjeevani

देखें वीडियो: झारखंड में कैसे लोग लॉक डाउन के बावजूद कर रहे हैं लापरवाही, बेवजह सड़कों पर घूम रहे हैं.

इसे भी पढ़ेंः अगर आप अब भी समझते हैं कि संकट में नहीं है,  तो भ्रम में है, पढ़ लीजिये इटली के लोगों के अनुभव

लोगों से दूर रहने के बजाय घरों में नौकर व दाई को बुला रहे हैं. बेधड़क सड़कों पर निकल रहे हैं. चौक-चौराहों पर बहुत सारे वाहन देखने को मिल रहे हैं. सरकार ने जरूरी सामान के दुकान खोलने की अनुमति दी है. लेकिन अधिकांश इलाकों में हर तरह की दुकान खुली हुई है.

रातू रोड में नहीं दिख रहा लॉकडाउन का असर, गाड़ियों की आवाजाही सामान्य से कम लेकिन घरों से निकल रहे लोग

यह ठीक नहीं है. लोग नहीं समझ पा रहे हैं कि खतरा कितना बड़ा है. यही कारण है कि घर से लेकर सड़क तक लापरवाह बने हुए हैं. ठीक है सरकार ने लॉकडाउन किया है.

प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह सख्ती से लोगों पर इसके प्रावधानों को लागू करें. लेकिन यह भी सच है कि प्रशासन हर किसी पर हर वक्त अंकूश नहीं लगा सकता. इस बड़ी संकट से बाहर निकलने के लिए सभी को अपनी-अपनी तरफ से कोशिशें करनी होंगी.

सोमवार को सुबह से ही रांची के बूटी मोड़, बरियातू रोड, हजारीबाग रोड, कचहरी रोड, मेन रोड, कांके रोड, हरमू रोड, डोरंडा, हीनू रोड, अशोक नगर रोड, हटिया रोड में हर तरह की गतिविधियां सामान्य दिनों की तरह देखी जा रही है.

जानें इटली में कैसे बदत्तर हुए हालात

ऐसा लगता है लोग खतरे को ठीक से समझ नहीं रहे हैं. अगर ऐसा है तो नीचे के उस ट्वीट को पढ़ लीजिये जिसे दो दिन पहले इटली के पत्रकार एड्रियानो डेल मोंटे ने लिखा था.

उन्होंने लिखा है कैसे तीन सप्ताह पहले इटली में कोरोना के 821 मामले सामने आये थे. सरकारी कार्यालयों में छुट्टी कर दी गई थी. तब लोग बोंडी बीच पर मस्ती करने निकल पड़े थे. आज क्या हालात है वहां 47000 लोग पीड़ित हैं और 4032 लोगों की मौत हो चुकी है.

इसलिये सबक लीजिये इटली व यूएस से. बाहर के लोगों से खुद को अलग करिये.  बहुत जरूरी हो तभी घर से बाहर निकलिये या बाहर से किसी को घर में बुलाईये. अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो खुद को, अपने परिवार वालो को और पड़ोसियों को खतरे में डाल रहे हैं.

अब जरा यह भी समझ लीजिये. इटली और भारत में क्या फर्क है. डब्लूएचओ के मापदंडों के अनुसार बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के मामले में इटली दुनिया में दूसरे नंबर है, जबकि भारत का स्थान 112वां है. आप समझ सकते हैं स्वास्थ्य सुविधा के मामले में हम इटली से कितने पीछे हैं.

जब इटली जैसे देश में वहां के लोगों की लापरवाही के कारण इतनी बड़ी त्रासदी फैली हुई है, तो अगर हमारे देश में कुछ ऐसा हुआ तो क्या होगा. सोंचने भर से शरीर में सिहरन होती है. पर, क्या हम इटली से कुछ सबक लेने को तैयार हैं.

क्या हो जायेगा, अगर हम सिर्फ जरुरी काम से ही घर से निकले. कुछ दिनों तक घर का काम खुद करें. लोगों को खुद से और खुद को लोगों से अलग करें. कुछ नहीं बदलेगा. लेकिन अगर लापरवाह बने रहें, तो बहुत कुछ बदतर होते देर नहीं लगेगी.

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