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झारखंड के लोगों को अभी नहीं मिलने वाली है बिजली संकट से राहत, जानें क्यों

राज्य सरकार से मांगे गये पांच सौ करोड़ पर फिलहाल निर्णय नहीं

Ranchi: बिजली संकट से आम जन को अभी भी छुटकारा नहीं मिला है. रोजाना सुबह और शाम अलग-अलग समय में लोड शेडिंग की जा रही है. विशेषकर पीक ऑवर में. जब बिजली की जरूरत सबसे अधिक होती है. झारखंड बिजली वितरण निगम की मानें तो राज्य भर में लगभग 400 से पांच सौ मेगावाट बिजली की कटौती हो रही है. वहीं, राजधानी रांची में ये कटौती लगभग 50 फीसदी हो रही है. निगम के अधिकारियों की मानें तो अलग अलग जिलों में पावर लॉस या हानि को ध्यान में रखते हुए बिजली कटौती की जा रही है. ऐसे में जिन इलाकों में बिजली हानि अधिक है इन इलाकों में अधिक बिजली कटौती की जा रही है. वहीं, निगम इस समस्या से निपटने के लिये लगातार प्रयायरत है. इस दौरान जेबीवीएनएल ने राज्य सरकार से पांच सौ करोड़ की मांग की है. फिलहाल इस पर निर्णय नहीं लिया गया है. वहीं केंद्र सरकार और डीवीसी प्रबंधन से भी वार्ता की जा रही है.

 

क्यों हो रही है समस्या: जेबीवीएनएल के अतिरिक्त बिजली खरीद पर केंद्र सरकार ने रोक लगा दी है. ये रोक डीवीसी का बकाया भुगतान नहीं होने पर लगाया गया है. रोक सेंट्रल पावर एक्सचेंज से बिजली खरीद पर लगाया गया है. केंद्र सरकार की ओर से स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि जब तक राज्य सरकार बकाया भुगतान नहीं करती है, तब तक सामान्य बिजली नहीं मिलेगी. वहीं, जेबीवीएनएल को पिछले कुछ समय से राजस्व वसूली में नुकसान हो रहा है. जिसके कारण ये स्थिति हुई है. डीवीसी की ओर से भी दस फीसदी बिजली कटौती की जा रही है. जिससे समस्या विकराल हो गयी है.

 

राजधानी मे समस्या बनी हुई है: रांची के अलग अलग इलाकों में छह घंटे तक की बिजली कटौती की जा रही है. जबकि कुछ इलाकों में आधे घंटे से लेकर दो घंटे तक की कटौती की जा रही है. राजधानी रांची में प्रति दिन लगभग 300 मेगावाट तक बिजली की जरूरत होती है. पिछले कुछ समय से राजधानी में 260 मेगावाट तक बिजली मिल रही है. जिससे राजधानी में ये समस्या हेा रही है. बिजली में कटौती सेंट्रल पुल से किया जा रहा है. पीक ऑवर में सुबह 6 बजे से 10 बजे और शाम को 6 बजे से रात 11 बजे तक लोड शेडिंग की जा रही है.

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