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लगातार दूसरे साल नवरात्रि पर डांडिया और रास गरबा नहीं होने से गुजराती समाज के लोग हैं मायूस

Jamshedpur : दुर्गोत्सव के दौरान नवरात्र में डांडिया और रास गरबा का भव्य आयोजन हमेशा से ही लौहनगरी का प्रमुख आकर्षण रहा है. जमशेदपुर में देश के सभी प्रांतों के लोग रहते हैं, जो नवरात्रि में डांडिया और गरबा में बढ़चढ हिस्सा लेते हैं. लेकिन पिछले दो साल से कोरोना के चलते डांडिया और गरबा का आयोजन न होने से लोग मायूस हैं. कोरोना की गाइड लाइन के तहत इस बार भी शहर में नवरात्र के दौरान होने वाले सारे सांस्कृतिक व रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन नहीं किया जायेगा. शारदीय नवरात्रि पर होनेवाले रास गरबा व डांडिया कार्यक्रम करने की अनुमति सरकार ने नहीं दी है. इससे विशेषकर गुजराती व राजस्थानी समाज के लोग काफी मायूस हैं. कोरोना से पहले यहां जगह-जगह डांडिया उत्सव का आयोजन किया जाता था. इनमें राजस्थान और गुजरात की संस्कृति के साथ देशभक्ति के भी रंग देखने को मिलते थे.

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सनातन समाज में इस बार केवल मां दुर्गा की पूजा व हवन

गुजराती सनातन समाज के ज्वाइंट सक्रेटरी प्रकाश मेहता ने बताया कि गुजरातियों के लिए नवरात्रि के दौरान रास गरबा और डांडिया का आयोजन महोत्सव की तरह  होता है. उन्होंने कहा कि बिष्टुपुर स्थित सनातन समाज में इस बार केवल मां दुर्गा की पूजा व हवन का आयोजन किया जायेगा. गरबा और डांडिया कार्यक्रम में भाग लेने के लिए समाज के लोग एक महीने पहले से ही कुशल प्रशिक्षक की देखरेख में म्यूजिक  पर गरबा के स्टेप्स सीखते है. नवरात्रि के दौरान बिष्टुपुर स्थित सूरत गुजराती समाज, गुजराती सनातन समाज, साकची स्थित धालभूम क्लब, जलाराम मंदिर, साकची स्थित गुजराती स्कूल, जुगसलाई गुजाराती समाज समेत कई स्थानों पर हर साल धूमधाम से डांडिया तथा गरबा का अयोजन किया जाता था. इनमें हर आयु वर्ग के लिए अलग- अलग प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाता है. कार्यक्रम गुजराती समाज के अलावा विभिन्न समाज के युवा- युवती काफी संख्या में भाग लेते हैं.

किराये पर गरबा- डांडिया परिधान देनेवाले भी बेहाल 

गुजराती समाज के अरुण भाई फिचड़िया ने बताया कि वे वर्षों से समाज के लोग उनके पास हर साल नवरात्रि पर डांडिया और गरबा के लिए किराए पर परिधान आभूषण लेने के लिए आते थे. लेकिन कोरोना के बाद कार्यक्रम के आयोजन बंद होने से कोई लोग परिधान व आभूषण लेने नहीं आते. परिधानों के इस्तेमाल न होने से बहुत कपड़े खराब भी गये हैं.

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