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बड़गांवा के वाल्मीकि आवास में रहनेवाले लोगों को नहीं है सरकारी योजनाओं की जानकारी

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Ranchi: नामकुम प्रखंड के बड़गांवा में आज भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है. विशेषकर यहां, वाल्मीकि आवास में रहने वाले लोगों की हालत अत्यंत दयनीय है. यहां लगभग 1500 लोग रहते हैं. लेकिन वोटर लिस्ट में 1200 लोगों के ही नाम दर्ज हैं. सेमी शहरी क्षेत्र के इन निवासियों को राज्य सरकार की अधिकतर योजनाओं की जानकारी ही नहीं है. इधर, रघुवर सरकार का कहना है कि गरीबों के उत्थान के लिए काफी कुछ किया गया है. इन योजनाओं में ओडीएफ मुक्त झारखंड, उज्जवला योजना, स्वच्छ भारत मिशन प्रमुख रूप से शामिल हैं. लेकिन यहां के लोग इन योजनाओं से वंचित हैं. राजमिस्त्री या मजदूरी के अन्य छोटे-मोटे काम कर जीविका चलाने वाले लोग इसी आस में जी रहे हैं कि कभी तो सरकार की नजर उनपर पड़ेगी. यहां के 1500 लोगों में से 1200 लोगों का ही वोटर लिस्ट बना है. जब चुनाव होते हैं तब नेता यहां आकर बड़े-बड़े वादे करते हैं. जैसे ही चुनाव समाप्त होता है, सभी वादे दिवास्वप्न साबित होते हैं.

स्वच्छ भारत मिशन यहां फेल हो जाता है

वाल्मीकि आवास के पास एक चापाकल है, जहां महिलाएं कपड़ा धोती है. इस चापाकल के आसपास ऐसी गंदगी फैली है कि मानो कि स्वच्छ भारत मिशन और इसे जमीन पर उतारने का दावा करने वाले अधिकारी यहां का रास्ता भूल गये हों. सभी घरों के पीछे भी गंदा पानी जमा हो गया है. इससे यहां कभी भी महामारी फैलने की आशंका है.

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उज्जवला योजना का नहीं मिल रहा लाभ

बाल्मीकि आवास में रहने वाले लोगों में से कई को आज तक उज्जवला योजना का लाभ नहीं मिल सका है. इसका कारण कई लोगों का राशन कार्ड नहीं बन पाना है. इलाके की मुखिया अनिता तिर्की भी इस बात को स्वीकार करती हैं. योजना का लाभ नहीं मिलने पर लोग लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने को विवश हैं.

ओडीएफ का दावा भी खोखला

यहां के कई लोग आज भी खुले में शौच करने को विवश हैं. महिलाओं ने झिझकते हुए बताया कि इससे काफी परेशानी होती है. जब यहां आवास बने थे तब उनमें शौचालय थे. लेकिन सात-आठ साल से मेंटेनेंस नहीं होने की वजह से अब उनका इस्तेमाल करना असंभव-सा हो गया है. नतीजा ये है कि लोग खुले में शौच क लिए विवश हैं.

सरकार से बातचीत की जाएगीः मुखिया

बड़गांवा पंचायत की मुखिया अनिता तिर्की का कहना है कि ऐसा नहीं है कि सरकार इन गरीबों के कल्याण के लिए प्रयासरत नहीं है. आवास देने के वक्त सरकार ने शौचालय बनाया था. मेंटेनेंस नहीं होने के सवाल पर मुखिया ने कहा कि यह उनकी जिम्मेवारी है. महिलाओं के खुले में शौच पर कहा कि उन्हें सुलभ शौचालय का लाभ दिया जाएगा. इसके लिए सरकार से बातचीत की जाएगी. उज्जवला योजना नहीं मिलने पर कहा कि जिनका राशन कार्ड बना है, उन्हें ही अबतक योजना का लाभ मिला है.

सामुदायिक प्रयास से भी बहुत कुछ किया जा सकता है:  विधायक

खिजरी विधायक रामकुमार पाहन का कहना है कि पहले यहां की स्थिति और भी खराब थी. गंदगी और योजनाओं के लाभ नहीं मिलने की बात पर उन्होंने कहा कि लोगों को भी इस दिशा में पहल करनी चाहिए. जरूरी है. सामुदायिक प्रयास से भी बहुत कुछ किया जा सकता है.

लोग  आवेदन दें, कार्रवाई करेंगे: बीडीओ

बाल्मीकि आवास में रहने वाले लोगों की समस्याओं पर नामकुम बीडीओ देवदत्त पाठक का कहना है कि लोगों को योजनाओं का लाभ नहीं मिलना गलत है. लेकिन उनकी जानकारी में किसी तरह की शिकायत अभी तक नहीं आयी है. लोग अगर प्रखंड मुख्यालय में आवेदन देते हैं, तो हल निकाला जाएग.

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