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डेंगू मच्छर पालते हैं झरिया के लोग, 2 मरे, दर्जनों आक्रांत

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Dhanbad: पानी की घोर किल्लत झेल रहे झरिया के लोग डेंगू के मच्छर पालने को विवश हैं. पिछले करीब दो महीने से शहर के कई इलाक़ों में डेंगू का जबरदस्त प्रकोप है. डेंगू के कारण अबतक दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है जबकि दर्जनों आक्रांत हैं. बचाव और राहत कार्य भी अपर्याप्त हैं.

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इस तरह डेंगू को लोग दे रहे निमंत्रण!

झरिया में नियमित जलापूर्ति नहीं होने से यहां के लोग अपने घरों में पानी दो-चार दिनों तक जमा करके रखने को मजबूर हैं. बता दें कि डेंगू जिस एडिस मच्छर के काटने से होता है वह जमे हुए साफ पानी में पनपता है. जैसे नारियल के पानी में, कूलर आदि में. जब झरिया में कई दिनों का पानी जमाकर रखने की मजबूरी है, ऐसे में डेंगू मच्छर पनपना स्वाभाविक है. हालांकि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पानी जमने से बचने की सलाह दी थी. कहा था आसपास पानी न जमने दें, इससे डेंगू के मच्छर पैदा होते हैं. जिससे डेंगू और मलेरिया जैसे रोग का खतरा बना रहता है. लेकिन, प्यास बुझाने के साथ रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी को तरस रही झरिया की जनता के पास पानी जमा करके रखने के अलावा और विकल्प नहीं है क्योंकि, झरिया में पानी की आपूर्ति की कोई गारंटी नहीं है. कभी सप्ताह भर तक जलापूर्ति नहीं होती है तो कभी बेवक़्त ही जलापूर्ति कर दी जाती है क्योंकि पिछ्ले छह महीने से झरिया के लोग पानी की विकराल समस्या से त्रस्त हैं.

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गौरतलब है कि झरिया में डेंगू का प्रकोप तेजी से बढ़ता जा रहा है. जिससे डेंगू मरीजों की संख्या और क्षेत्र दिन ब दिन बढ़ता जा रहा है. चार नम्बर सब्जी बगान, बालू गद्दा, छलछलिया धौड़ा, घनुडीह स्टेशन रोड के बाद अब डेंगू का प्रकोप शमशेर नगर, शाह नगर, ऊपर कुल्ही आदि मुहल्लों तक पहुंच गया है. गौरतलब है कि झरिया में डेंगू के मरीज दो महीने से लगातार पाये जा रहे हैं. अबतक दर्जनों लोगों में डेंगू के लक्षण पाये गये हैं. जबकि डेंगू के कारण ही पिछ्ले दिनों दो लोगों की मौत भी हो गयी. कुछ दिनों पहले ही यहां के हर घर में कंटेनर सर्वे मलेरिया और फाईलेरिया विभाग के टीम ने किया था. तब सभी जगह पर डेंगू के लार्वा भी मिले थे. न सिर्फ झरिया बल्कि शहर के दूसरे इलाकों में भी डेंगू का एडिस मच्छर तेजी से पांव पसार रहा है. एक सप्ताह पहले ही धनसार में भी डेंगू के मरीज पाये गये थे. झरिया में भी अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ मलेरिया और फलेरिया विभाग की टीम को यहां पर 17 बुखार पीड़ित मिले थे जिन्हें उचित सलाह देकर पीएमसीएच भेजा गया था. टीम ने आसपास के इलाके में मच्छरनाशक दवा का छिड़काव की भी की थी. उसके बाद से अबतक नगर निगम की सफाई में ढील को लेकर लोगों में आक्रोश है.

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लोगों ने खुद से शुरू की सफाई

ऐसा लगता है मानो झरिया में फैल रहे डेंगू की नगर निगम को कोई खबर ही नहीं है, क्योंकि आसपास फैली गंदगी जिससे डेंगू के मच्छर पैदा हो रहे हैं, वहां साफ-सफाई का बुरा हाल है. मुख्य सड़क से लेकर मोहल्ले में बीच सड़क पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है. लेकिन अभी तक निगम से सभी वार्डों की नियमित साफ सफाई नहीं कराई जा रही है. ऐसा लगता है कि निगम और स्वास्थ्य विभाग गहरी नींद में सो रहा है. जिससे इन इलाकों के लोग मजबूर होकर अब खुद ही अपने मोहल्ले की सफाई में जुट गये हैं, क्योंकि इन इलाकों में नालियां बजबजा रही हैं. सब्जी बागान के इलाके में सब्जी के खेतों में पानी भी इन्हीं नालियों का ही जाता है, जिससे इन इलाकों में गंदे पानी का जमाव भी है. जहां मच्छर पनपते हैं. जहां एक बार ही मच्छरनाशक दवा का छिड़काव करने के बाद कोई भी अधिकारी झाकने तक नहीं आये. आसपास गंदगी भी फैली हुई है. बावजूद इसके अब तक नगर निगम प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग गंभीर नहीं दिख रहा है. जिससे बुधवार को यहां के लोगों के सब्र का बांध टूट पड़ा और स्थानीय पार्षद के विरोध में लोगों ने जमकर नारेबाजी भी की.

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डेंगू के मरीज निजी अस्पतालों के शरण में

जिले में डेंगू के इलाज की सुविधा सरकारी अस्पतालों में से सिर्फ पीएमसीएच में ही उपलब्ध है. वहां डेंगू के मरीजों को स्वास्थ्य विभाग ने इलाज के लिये भेजा था. लेकिन पीएमसीएच में भी डेंगू के उपचार की सही सुविधा नहीं है. उपचार में देरी होने से विवश होकर मरीजों को धनबाद से बाहर रांची, कोलकाता जैसे शहरों के निजी अस्पतालों में इलाज करवाना पड़ रहा है. वहां उन्हें इलाज की मोटी कीमत चुकानी पड़ रही है.

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