Uncategorized

‘PDS के लिए लोगों की भीड़, प्रज्ञा केन्द्र के लिए आदमी का टोटा क्यों?’

रांची: मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बुधवार को सूचना भवन में मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र की समीक्षा की जिसमें कई जिलों से आनेवाली शिकायत की समीक्षा की गयी। गिरिडीह के सरिया बरवाडीह में 116 संपन्न लोगों ने स्वयं के पैसे से शौचालय बनवायी और इस बनाये गये शौचालय के एवज में वे पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से राशि का भुगतान चाहते है, जिस पर विभाग ने राशि देने से इनकार कर दिया है। दरअसल जन संवाद केन्द्र में एक शिकायतकर्ता ने शिकायत दर्ज करायी कि सरिया बरवाडीह के 150 लोगों ने खुद के पैसे से शौचालय बनवायी पर निर्मित शौचालय की राशि मुखिया द्वारा नहीं दिया जा रहा, जबकि इसकी शिकायत प्रखण्ड विकास पदाधिकारी के पास भी की गयी। अधिकारियों का इस पर जवाब था कि 150 लोगों के द्वारा जो शौचालय बनवाया गया है, उनमें से 116 लोग संपन्न हैं, जबकि ये राशि उनके लिए है, जो निर्धन है, यही कारण है कि 150 में से 116 लोगों को राशि के आवंटन पर रोक लगा दी गयी है। समीक्षा बैठक के क्रम में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुमार के समक्ष कार्यपालक अभियंता ने कहा कि उन्होंने स्वयं इसकी जांच की है और पाया है कि 116 लोगों के पक्के मकान हैं, और उनके घरों में हर प्रकार के भौतिक संसाधन मौजूद है।
हजारीबाग के गुरूवाडा से शिकायत थी कि प्रज्ञा केन्द्र बसरिया पिछले 7 वर्षों से बंद है। जिस पर अधिकारियों का कहना था कि बंद होने का मूल कारण प्रज्ञा केन्द्र संचालक का उक्त पंचायत का न होना था, जिसके कारण उसे बंद कर दिया गया, जल्द ही उक्त पंचायत के लोगों से संपर्क कर प्रज्ञा केन्द्र खुल जायेगा। इस पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव ने अधिकारियों से कारण जानना चाहा कि पीडीएस चलाने के लिए लोगों की लंबी लाइन लगी रहती है और प्रज्ञा केन्द्र चलाने के लिए आदमी की कमी हो जाती है। प्रधान सचिव ने निर्देश दिया कि बसरिया में दो-चार दिनों के अंदर प्रज्ञा केन्द्र खुल जाना चाहिए, ये सुनिश्चित कराई जाये।
गोड्डा के तेतरिया मल से शिकायत थी कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत रानीडीह, मलहारा, दलदली, कुबजीघाट एवं करनातरी गांव में 1300 शौचालय का आधा-अधूरा निर्माण कराया गया है। अधिकारियों ने कहा कि शिकायत में सत्यता है, इसलिए संबंधित कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी गयी है। इस पूरे प्रकरण पर अधिकारी संजय कुमार ने कहा कि जो दोषी मुखिया है, चाहे वो कोई हो, उनके खिलाफ एक सर्टिफिकेट केस भी दर्ज करायी जाये।
गुमला के चैनपुर से शिकायत थी कि बरवे उच्च विद्यालय चैनपुर के गोदाम में रखे कुछ सामानों की चोरी की घटना की उच्चस्तरीय जांच करायी जाय। शिकायतकर्ता का कहना था कि इस घटना की जांच सही ढंग से नहीं हो पाई है, इसमें अभियंताओं द्वारा सामग्री निकासी कर इसे चोरी का रूप दे दिया गया। संबंधित थाना प्रभारी ने पूरी घटना के बारे में बताया और इसे निकासी न कहकर इसे चोरी की घटना ही बताया।
लोहरदगा के कुरसे गांव से शिकायत थी कि फसल बीमा योजना के तहत 2015-16 में रफीक अंसारी ने चार एकड़ जमीन का बीमा सहकारिता बैंक में किया था पर फसल की बीमा राशि का भुगतान आज तक नहीं हुआ। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुमार को आश्वस्त किया कि एक सप्ताह के अंदर इस मामले का निष्पादन हो जायेगा।
खूंटी के लोधमा से शिकायत थी कि अक्टूबर-नवम्बर 2015 में हुए ओलावृष्टि से फसल नष्ट हो गयी, पर उसका मुआवजा नहीं मिला। अधिकारियों ने कहा कि वे आज ही उक्त शिकायतकर्ता का मुआवजा रिलीज कर देंगे। कोडरमा के माधवी कुमारी की शिकायत कि उसे दो साल की छात्रवृत्ति नहीं मिली, अधिकारियों ने उसकी राशि आज ही रिलीज कर दी। लातेहार से आयी रवीन्द्र गोप की शिकायत कि उसे उसके सेवा के दौरान की बकाया राशि अब तक नहीं मिली। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव ने विभागीय समीक्षा कर भुगतान करने की बात कहीं। धनबाद के बिल्डर यश गंगा प्रोमोटर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा अतिक्रमण कर अवैध निर्माण करने पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव को अधिकारियों ने बताया कि उक्त बिल्डर की जमाबंदी रद्द करने और दोषियों पर कार्रवाई की अनुशंसा कर दी गयी है।
पलामू के लालगढ़ में पांच वर्ष पूर्व पानी टंकी बना दिये जाने के बाद भी जलापूर्ति नहीं होने पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुमार नाराज नजर आये। उन्होंने कहा कि जब ऐसे सामान्य कार्यों के लिए विभागीय प्रधान सचिव स्वयं देखे तो स्पष्ट हो जाता है कि यह दोष व्यवस्था का है। सामान्य कार्य में सामान्य क्रम में कार्य नहीं होते। हमलोग अपनी प्रक्रियाओं में इतने उलझ गये कि हमारा आउटपुट जीरो हो गया है। जो सही नहीं है। उन्होंने कहा कि शिकायत अहम है, शिकायतकर्ता अहम है। व्यक्तिगत दिलचस्पी लें, समस्या का हल निकालें। उन्होंने जनसंवाद केन्द्र के अधिकारियों को भी सलाह दी कि वे आकड़े और सच्चाई में तारतम्य बनाये रखे।

(आईपीआरडी)

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button