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डीवीसी के संविदा शिक्षकों और सप्लाई मजदूरों का नहीं हुआ भुगतान

प्रत्येक माह में 7 तारीख को देना है वेतन

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Bermo :  डीवीसी पावर प्लांट सीएचपी में काम करने वाले सप्लाई मजदूर, स्थानीय डीवीसी जमा दो एवं मध्य विद्यालय में संविदा पर काम करने वाले शिक्षकों का वेतन भुगतान 15 मार्च तक नहीं किया जा सका है. जबकि प्रावधान के तहत सभी मजदूरों और शिक्षकों का वेतन भुगतान प्रत्येक महीने की 7 तारीख तक कर दिये जाने का प्रावधान है. सीएचपी में काम करने वाले लगभग 35 सप्लाई मजदूरों के ठेकेदारों में से मेसर्स आशा कंस्ट्रक्शन, मेसर्स एम झा, मेसर्स पिंटू कंस्ट्रक्शन ने अपने मजदूरों का वेतन भुगतान 15 मार्च तक नहीं किया है. डीवीसी यूसीडब्ल्यूयू के अध्यक्ष ब्रजकिशोर सिंह ने 15 मार्च तक वेतन भुगतान नहीं करने की सूचना स्थानीय प्रोजेक्ट हेड, डिप्टी चीफ मैकनिकल, विभागीय एसई को दी है, बावजूद 35 सप्लाई मजदूरों एवं 18 शिक्षकों का वेतन भुगतान नहीं किया जा सका है.

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पेरिविजन के बाद कैसे करेंगे भुगतान

डीवीसी यूसीडब्ल्यूयू के अध्यक्ष ब्रजकिशोर सिंह का कहना है कि वर्तमान में सप्लाई मजदूरों को ठेकेदारों के द्वारा 15 हजार का भुगतान किया जाता है तो वह समय पर नहीं हो पाता है. पेरिविजन के बाद जब मजदूरों को 29 हजार रुपये का भुगतान ठेकेदारों को करना होगा तो वे कैसे करेंगे.

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डीवीसी प्रबंधन द्वारा भुगतान करने की मांग

बोकारो थर्मल गोविंदपुर डी पंचायत के पूर्व समिति सदस्य बिनोद कुमार साहू ने डीवीसी के सदस्य सचिव डॉ पीके मुखोपाध्याय से मांग की है कि जिस प्रकार डीवीसी संविदा पर काम करने वाले डॉक्टरों, नर्सों एवं शिक्षकों का वेतन भुगतान खुद करती है, वैसे ही सभी सप्लाई मजदूरों का वेतन भुगतान भी खुद करे. डीवीसी के द्वारा मजदूरों को खुद भुगतान किये जाने से ठेकेदारों को दी जाने वाली कमीशन के रूप में 10 फीसदी राशि की बचत होगी. साथ ही जीएसटी का भी भुगतान नहीं करना पड़ेगा.

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ओपन टेंडर कराये डीवीसी प्रबंधन

पूर्व समिति सदस्य बिनोद कुमार साहू ने डीवीसी के सदस्य सचिव से बोकारो थर्मल में कार्यरत सप्लाई मजदूरों का ओपन टेंडर करवाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि डीवीसी के चंद्रपुरा पावर प्लांट में प्रत्येक वर्ष सप्लाई मजदूरों का ओपन टेंडर होता है. बोकारो थर्मल में भी कॉलोनी वाटर सप्लाई में काम करने वाले मजदूरों का ओपन टेंडर होता है, जबकि बोकारो थर्मल पावर प्लांट के सप्लाई मजदूरों के टेंडर में लिमिटेड टेंडर करवाया जाता है और इसके तहत विगत 30 वर्षों से एक ही ठेकेदार कार्य कर रहे हैं.

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एक-दो दिनों में कर दिया जायेगा भुगतान

इस संबंध में डीवीसी के अपर निदेशक नीरज सिन्हा से पूछे जाने पर कहा कि अकाउंट में फंड नहीं रहने के कारण समस्या हुई है. एक दो दिनों के अंदर सभी का भुगतान कर दिया जायेगा.

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