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पटना ट्रेन की मांग नहीं हुई पूरी, हटिया-पटना एक्‍सप्रेस से हटेंगे दो बोगी, यात्रियों में नाराजगी

Sanjay

Bermo : बरकाकाना से पटना वाया गोमो चलने वाली हटिया पटना एक्सप्रेस ट्रेन की दो कोच को रेलवे ने 9 मार्च से बंद करने का निर्णय लिया है. ईस्ट सेंट्रल रेलवे हाजीपुर ने पत्रांक-510 के तहत इस आशय की सूचना जारी करते हुए धनबाद डीआरएम को इसे लागू करवाने का निर्देश दिया है.

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क्या है आदेश में

जारी आदेश में कहा गया है कि 9 मार्च से बरकाकाना से पटना को जानेवाली 18623 एवं 18624 हटिया पटना ट्रेन की दो कोच नहीं जायेगी और उसे बंद कर दिया गया है. उसके स्थान पर दोनों कोच को गोमो बरवाडीह पैंसेजर से गोमो से बरकाकाना ले जाकर बरकाकाना से पटना को जानेवाली पलामू एक्सप्रेस में जोड़कर पटना भेजा जायेगा. रेलवे हाजीपुर के नये आदेश से रांची रोड, गोमिया, बोकारो थर्मल, जारंगडीह, बेरमो, फुसरो, भंडारीदह, चंद्रपुरा के पटना सहित बिहार जाने वाले यात्रियों को घोर असुविधा का सामना करना पड़ेगा.

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9 घंटे की बजाय 22 घंटे का होगा सफर

बोकारो थर्मल के यात्रियों को पलामू एक्सप्रेस से पटना जाने में 22 घंटे का सफर तय करना होगा, जबकि हटिया पटना से जाने में 9 घंटे का समय ही लगता था. पटना जाने के लिए यात्रियों को काफी लंबा समय ट्रेन में बिताना होगा. बोकारो थर्मल के यात्री पटना जाने के लिए 7 बजे घर से निकलते थे और सुबह साढ़े पांच बजे पटना पहुंच जाते थे, जबकि पलामू एक्सप्रेस से जाने के लिए उन्हें 11 बजे ही घर से निकलना होगा और वे पटना दूसरे दिन सुबह 8 बजे पहुंचेंगे. रेलवे के इस फैसले से यात्रियों समेत लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है.

ब्रज किशोर सिंह : भाकपा सचिव का कहना है कि वर्षों से इस क्षेत्र के यात्री बरकाकाना से वाया गोमो पटना के लिए ट्रेन की मांग कर रहे थे. अलबत्ता उन्हें ट्रेन तो नहीं मिली असुविधा अवश्य मत्थे मढ़ दिया गया. उन्होंने कहा कि आश्चर्य इस बात का है कि ये मसला यात्री परामर्श दात्री समिति में जरूर आया होगा, बावजूद ऐसा फैसला कैसे पारित हो गया. उन्होंने कहा कि भाकपा रेलवे के इस फैसले का विरोध करती है और आवश्कता पड़ी तो पार्टी आंदोलन भी करेगी.

घोर जनविरोधी निर्णय : मो शाहजहां कहते हैं कि रेलवे का उक्त फैसला यात्रियों को सुविधा मुहैया करवाने के वादे के विपरीत घोर जनविरोधी फैसला है जिसका जमकर विरोध किया जायेगा.

केशव प्रसाद सिंह : रिटायर डीवीसी अभियंता का कहना है कि रेलवे के इस प्रकार के फैसले का विरोध गिरिडीह सांसद को करना चाहिए था बावजूद उन्होंने विरोध नहीं करके इसे झंडी दिखाने का काम कर जनमानस को नाराज करने का काम करेंगे.

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