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पटना पुलिस लाइन हिंसा मामला : बवाल मचाने वाले 92 पुलिसकर्मी स्थानांतरित

एक दिन बाद सोमवार को 92 पुलिसकर्मियों को पटना प्रक्षेत्र से अन्य पुलिस प्रक्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया है.

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Patna : बिहार सरकार ने पटना में एक प्रशिक्षु महिला सिपाही की मौत के बाद न्यू पुलिस लाइन में हिंसा और तोड़फोड़ हुई. इन गतिविधियों में कथित तौर पर शामिल रहे आठ सिपाहियों और 167 प्रशिक्षु सिपाहियों को सेवा से बर्खास्त तथा 23 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया. एक दिन बाद सोमवार को 92 पुलिसकर्मियों को पटना प्रक्षेत्र से अन्य पुलिस प्रक्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया है.

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अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) एस के सिंघल ने बताया कि स्थानांतरित किए गए 92 पुलिसकर्मियों में दो अवर निरीक्षक, दो सिविल जमादार, 16 सहायक अवर निरीक्षक, 11 हवलदार और बाकी अन्य सिपाही शामिल हैं.

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न्यू पुलिस लाइन में तोड़फोड़

एक प्रशिक्षु महिला सिपाही सविता पाठक को बीमारी के बावजूद छुट्टी नहीं मिली. इलाज के दौरान ऐसे में उसकी मौत हो गई. इस घटना से आक्रोशित सिपाहियों ने कथित रूप से न्यू पुलिस लाइन में तोड़फोड़ की और एक पुलिस उपाधीक्षक से मारपीट और उनके घर में घुसकर परिवार के साथ अभद्रता की गई. इस मामले में जांच का जिम्मा पटना प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक नैय्यर हसनैन खान को सौंपा गया था.

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इस मामले में कार्रवाई करते हुए आठ पुरुष सिपाहियों के साथ ही 167 प्रशिक्षु सिपाहियों को बर्खास्त कर दिया गया था. इसके अलावा 23 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है.

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92 पुलिसकर्मियों के स्थानांतरण का आदेश जारी

खान ने पुलिस लाइन में दस वर्षों से अधिक समय से जमे 92 पुलिसकर्मियों को पटना जोन से बाहर स्थानांतरित करने की सिफारिश पुलिस मुख्यालय भेजी थी. पुलिस मुख्यालय द्वारा इन 92 पुलिसकर्मियों के स्थानांतरण का आदेश जारी करते हुए उन्हें 10 नवंबर तक कार्यमुक्त कर दिए जाने का निर्देश दिया गया है.

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