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पटना नगर निगम और सरकार आमने सामने, नए कानून से मेयर नाराज, हाईकोर्ट पहुंचा मामला

PATNA: बिहार सरकार और पटना नगर निगम आमने- सामने आ गए हैं. आपको बता दें कि बिहार सरकार नगर विकास विभाग द्वारा बिहार के नगर निकायों के कई अधिकारों पर कैंची चलाने का काम बिहार नगर पालिका संशोधन अधिनियम 2021 के माध्यम से किया गया है. सरकार द्वारा इसे लेकर गजट भी जारी कर दिया गया है. इस आदेश के कारण नगर निगम जनप्रतिनिधियों के कई अधिकार खत्म हो गए हैं. इस विषय को लेकर बुधवार को महापौर, उपमहापौर काउंसिल ऑफ बिहार की बैठक पटना में आयोजित की गई . बैठक काउंसिल के अध्यक्ष पटना मेयर सीता साहू की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें बिहार के कई नगर निकायों के मेयर और डिप्टी मेयर सम्मिलित हुए.

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बैठक में बताया गया कि बिहार सरकार ने इस गजट के माध्यम से बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 की धारा 36 ,37 ,38,41,53,56 435 का संशोधन किया गया है. बिहार सरकार के द्वारा बिहार नगर पालिका अधिनियम संशोधन का विरोध इस बैठक में बिहार के मेयर और डिप्टी मेयर ने किया. सीता साहू ने कहा नगर निगम एक स्वतंत्र संस्था है जिसकी देखरेख सरकार के माध्यम से की जाती है मगर सरकार द्वारा इस स्वतंत्र संस्था के अधिकारों को खत्म करने का कार्य कर रही है इसके विरोध में पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है.

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बैठक में कई जगहों से पहुंचे मेयर और डिप्टी मेयर ने कहा कि उनके अधिकारों को छीना जा रहा है वो अब चतुर्थ वर्ग के कर्मचारियों की बहाली तक नहीं कर सकते है और किसी भी परिस्थिति में उन्हें हटा भी नहीं सकते है. ऐसे में नगर निगम को बनाये रखने का कोई मतलब नही है.

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