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धैर्य, संयम, आत्मविश्वास एवं तनाव रहित जीवन से कोरोना को रोका जा सकता है: डॉ. कामिनी कुमार

Ranchi: एनएसएस, झारखंड एवं यूनीसेफ के संयुक्त तत्वावधान में “कोविड-19 महामारी से उत्पन्न तनाव के प्रबंधन एवं अच्छे स्वास्थ्य हेतु जागरूकता” विषय पर एक वेबिनार का आयोजन किया गया. इसमें एनएसएस,झारखंड के सभी विश्वविद्यालयों के कार्यक्रम समन्वयक, 24 जिलों के नोडल पदाधिकारी, कार्यक्रम पदाधिकारियों एवं स्वयंसेवकों ने भाग लिया.

वेबिनार के मुख्य अतिथि रांची विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ कामिनी कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि धैर्य, संयम, आत्मविश्वास एवं तनाव रहित जीवन से कोरोना वायरस को हराया जा सकता है.उन्होंने कहा कि कोरोना से डरने की जरूरत नहीं है.

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बल्कि सावधानी पूर्वक लड़ने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि छात्रों में तनाव एवं अवसाद को निष्क्रिय करने हेतु उन्हें व्यस्त करते हुए योग एवं व्यायाम पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है.

एनएसएस के सहायक कार्यक्रम सलाहकार, नई दिल्ली के कमल कुमार कर ने अपने संबोधन में कहा, चिंता एवं तनाव को दूर करने के लिए सकारात्मक सोच के भाव को विकसित करना होगा.

यूनीसेफ, झारखंड के प्रमुख प्रसन्ता दास ने कहा कि युवाओं को विभिन्न प्रकार की भावनाओं का सामना करना पड़ता है. कोविड – 19 के कारण चिंता, थकान और क्रोध एवं हमें यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि हम सब एक साथ है.

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अपने दैनिक दिनचर्या में बदलाव का सामना करने वाले किशोरों के लिए, उनके माता-पिता और विश्वविद्यालयों में शिक्षकों और परामर्शदाताओं से बात करना महत्वपूर्ण है.

उन्होंने कहा कि मास्क पहनने, 2 गज की दूरी बनाए रखना और हाथ धोने की अपील करते हुए कहा कि एनएसएस और यूनीसेफ द्वारा चलाये जा रहे अभियान “न डरना है, न घबराना है, मिलकर कोरोना को हराना है, के माध्यम से युवाओं को इस कठिन अवधि को दूर करने में मदद मिलेगा.

वेबिनार के मुख्य वक्ता प्रसिद्ध तनाव प्रबंधन के विशेषज्ञ मिलन कुमार सिन्हा ने कहा कि प्रत्येक मनुष्य में असीम क्षमता होती है, लेकिन जब आत्मविश्वास का स्तर बढेगा तो तनाव का स्तर घटेगा.

उन्होंने कहा कि हंसना, सत्संग, अच्छा व्यवहार के कारण हमें मन की शांति मिलती है. उन्होंने कहा कि सभी को सोचना चाहिए कि ये जिंदगी दुबारा नहीं मिलने वाली है. अतः हमें वर्तमान को कैसे अत्यधिक सूंदर, सुखमय एवं स्वास्थ्यवर्धक बना सकते हैं.

बंगलोर के प्रसिद्ध मनोचिकित्सक डॉ शशिभूषण कुमार गुप्ता ने तनाव, अवसाद, कुंठा एवं भय के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए इनसे मुक्त होने के लिये कई प्रकार की थेरेपी की व्याख्या की.

वेबिनार में कोविड- 19 महामारी के विरुद्ध एक मुहिम चलाने की रणनीति बनाई गई. जिसमें विश्वविद्यालय स्तर पर विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन करने, 01 मई से 18 वर्ष के ऊपर के आयु के लोगों के टीकाकरण अभियान में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने, सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक जनजागरण करने एवं विश्वविद्यालय स्तर पर तनाव प्रबंधन कोषांग गठन करके प्रत्येक जिला में युवाओं के अंदर व्याप्त तनाव को दूर करने हेतु वेबिनार, कार्यशाला, संवाद , उन्मुखीकरण आदि कार्यक्रमों का आयोजन करने की रणनीति बनाई गई.

स्वागत भाषण यूनीसेफ की पदाधिकारी आस्था अलंग ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन राज्य एन एस एस पदाधिकारी, झारखंड डॉ ब्रजेश कुमार ने किया.

वेबिनार में एन एस एस के क्षेत्रीय निदेशक पीयूष परांजपे, कार्यक्रम समन्वयकों क्रमशः डॉ मेरी मार्गरेट टुडु, डॉ दारा सिंह गुप्ता, डॉ जोनी रूफिना तिर्की, डॉ ओमप्रकाश पाण्डेय,24 जिलों के एन एस एस के नोडल पदाधिकारी, राज्य तनाव प्रबंधन कोषांग के पदाधिकारियों क्रमशः डॉ शशिकला सिंह, डॉ सरिता सिंह, डॉ विनोद कुमार शर्मा, डॉ आभा एक्का सहित एन एस एस के कार्यक्रम पदाधिकारी एवं 150 स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया.

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