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पतंजलि एग्रो फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के कर्ज को बैंक ने किया एनपीए, 2016 में हुआ था उद्घाटन

सरकार ने योग गुरू से प्लांट दुबारा शुरू करने का किया आग्रह

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Ranchi : झारखंड की राजधानी में मेगा फूड प्रोसेसिंग प्लांट के लिए ली गयी कर्ज नन परफॉर्मिंग एसेट्स (एनपीए) हो गयी है. इलाहाबाद बैंक की हरमू शाखा की तरफ से एनपीए हुए 34 करोड़ के कर्ज की वसूली और मेगा फूड प्रोसेसिंग प्लांट की इकाई का अधिग्रहण करने के लिए जिला प्रशासन को पत्र लिखा गया है. पतंजलि एग्रो फूड्स प्राइवेट लिमिटेड ने अपनी इकाई के लिए इलाहाबाद बैंक से 34 करोड़ का कर्ज लिया था. पतंजलि से जुड़े एक अधिकारी नीतिन शिनाय की मृत्यु होने के बाद से मेगा फूड प्रोसेसिंग यूनिट की कार्यवाही समाप्त हो गयी थी. एग्री सम्मिट 2018 के दौरान राज्य सरकार ने पतंजलि एग्रो फूड्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े योग गुरू बाबा रामदेव से गेतलसूद के बंद पड़े मेगा फूड प्रोसेसिंग प्लांट को शुरू करने का आग्रह किया था. उद्योग विभाग के संयुक्त सचिव आलोक कुमार के अनुसार पतंजलि एग्रो फूड्स प्राइवेट लिमिटेड ने इसपर अपनी सहमति दे दी है. सरकार की तरफ से 2016 में 77 करोड़ रुपये की लागत से मेगा फूड प्रोसेसिंग पार्क का उद्घाटन किया गया था.

पतंजलि ने इलाहाबाद बैंक से लिया था 33.95 करोड़ का कर्ज

पतंजलि एग्रो फूड्स प्राइवेट लिमिटेड ने प्रोसेसिंग प्लांट के लिए इलाहाबाद बैंक की हरमू शाखा से 33.95 करोड़ का कर्ज लिया था. इतना ही नहीं केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय से मेगा फूड प्रोसेसिंग सेंटर के लिए 43 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया था. काफी तामझाम के साथ फरवरी 2016 में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरन कौर बादल, साध्वी निरंजन ज्योति, पतंजलि के आचार्य बालकृष्ण और मुख्यमंत्री रघुवर दास के संयुक्त नेतृत्व में पार्क का उदघाटन हुआ था. इस पार्क के लिए 56 एकड़ की भूमि पतंजलि समेत कई निवेशकों को दी गयी थी.

मेगा फूड प्रोसेसिंग पार्क के वाहन और आधारभूत संरचना हो रही है बेकार

प्रोसेसिंग पार्क की आधारभूत संरचना समेत कई वाहन पिछले दो वर्षों से रखे-रखे खराब हो रहे हैं. खंडहर में तब्दील हो चुके पार्क में अब नयी जान आने की उम्मीद जतायी जा रही है. यहां के वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, वर्कर हॉस्टल, प्रशासनिक भवन, सब्जियों तथा अन्य उत्पादों को लानेवाले एसी वाहन भी पड़े-पड़े खराब हो गये हैं.

तीन महीने में उत्पादन शुरू होने की उम्मीद

पतंजलि समूह की तरफ से कहा गया है कि मेगा फूड प्रोसेसिंग इकाई में उत्पादन तीन माह के अंदर शुरू हो जायेगा. समूह का कहना है कि एनपीए हुए कर्ज को कानूनी तरीके से रीवाइव कर यूनिट शुरू किया जायेगा. इसके लिए राज्य सरकार और केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय की तरफ से भी आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गयी है. राज्य सरकार की तरफ से हवाला दिया गया है कि मेगा फूड प्रोसेसिंग प्लांट की 90 फीसदी इकाईयां बनकर तैयार हैं. उसे बेहतर तरीके से शुरू करने की आवश्यकता है.

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