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लोक जनशक्ति पार्टी में टूट के बाद छलका पशुपति पारस का दर्द, चिराग पर क्या बोले जानिए ?   

New Delhi :  लोक जनशक्ति पार्टी में टूट के बाद हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद पशुपति कुमार पारस ने पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि हमनें पार्टी तोड़ी नहीं बल्कि बचाई है. उन्होंने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि हम तीनों भाइयों में बहुत बनती थी लेकिन राम विलास के निधन के बाद मैं अकेला महसूस कर रहा हूं. उन्होंने कहा कि हमने पार्टी तोड़ी नहीं बल्कि बचाई है.

 

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NewsWing से एक विशेष बातचीत में पशुपति कुमार पारस ने कहा कि चिराग पासवान के रहने से मुझे कोई परेशानी नहीं है. हमारी पार्टी पहले की तरह रहेगी. हम एनडीए से जुड़े रहेंगे. पारस ने नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए उन्हें एक अच्छा लीडर और विकस पुरूष बताया .

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उन्होंने कहा कि पार्टी के 99% कार्यकर्ता, सांसद, विधायक और समर्थक सभी की इच्छा थी कि हम 2014 में NDA गठबंधन का हिस्सा बनें और इस बार के विधानसभा चुनाव में भी हिस्सा बने रहें लेकिन, पार्टी में गलत लोग घुस आए हैं. ऐसे लोगों ने ही बिहार में गठबंधन तोड़ दिया. चिराग पासवान से मुझे कोई शिकायत नहीं है. वो जिस तरह से पार्टी चला रहे थे उससे सब नाराज थे.

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उल्लेखनीय है कि बिहार में चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी में बड़ी टूट हुई है. पार्टी के पांच सांसदों ने पार्टी से अलग होने का फैसला कर लिया है. एलजेपी के छह में से पांच लोकसभा सांसदों ने हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद पशुपति कुमार पारस को संसदीय दल का नेता चुना है. पशुपति चिराग पासवान के चाचा हैं. चिराग पासवान को हटाकर नेता चुना जाना बिहार की राजनीति के लिहाज से बड़ी घटना के रूप में देखी जा रही है.

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