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झारखंड में जनता को विकल्प देने को विधानसभा चुनाव लड़ेगी पार्टीः आप

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Akshay Kumar Jha

Ranchi: मोदी लहर के दौरान भी दिल्ली में जिस तरह से आप ने करिश्मायी जीत हासिल की थी, उस जीत को दोहराने की तो नहीं, लेकिन झारखंड में आप पार्टी जमीन तलाशने के लिए पसीना जरूर बहा रही है. कुछ दिनों पहले तक आप विधानसभा चुनाव को लेकर सरेंडर मोड में थी. लेकिन अचानक से पार्टी ने अपने तेवर बदले हैं. इसी सिलसिले में आप पार्टी ने 21 अगस्त को रांची में प्रदेश स्तर की एक बैठक की. बैठक में आप पार्टी के जाने माने चेहरों को तलब किया गया. बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली से झारखंड के प्रभारी और आप पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता दुर्गेश पाठक पहुंचे. इस मौके पर दुर्गेश पाठक से न्यूज विंग ने खास बातचीत की. पेश है बातचीत के मुख्य अंश.

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सवालः कैसा रहा आपका झारखंड का दौरा.

जवाबः इस बार का दौरा उम्मीद से बेहतर हुआ. कार्यक्रम बेहतरीन था. हमलोगों ने भी नहीं सोचा था कि 1200 वेलेनटियर आ जायेंगे बैठक में. करीब-करीब हर विधानसभा से पार्टी के कार्यकर्ता आये थे.

सवालः कितनी सीटों पर पार्टी चुनाव लड़ेगी, बैठक में किसी फैसले पर पहुंच पाये?

जवाबः विधानसभा चुनाव को लेकर एक कैंपेन कमेटी बनी है. इस कमेटी का नेतृत्व प्रेम कर रहे हैं. प्रेम और जयशंकर चौधरी मिल कर आनेवाले 10 दिनों में पूरे प्रदेश का दौरा करेंगे. क्षेत्र में जाकर नये उम्मीदवारों से मिलेंगे. जानेंगे कि क्षेत्र में पार्टी की क्या स्थिति है. उम्मीदवारों की बात सुनी जायेगी. दौरा पूरा होने के बाद कमेटी एक लिस्ट तैयार करेगी. लिस्ट पार्टी को सौंपी जायेगी. अभी यह संभावना बन रही है कि पार्टी ज्यादा से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ेगी. उन सीटों पर जरूर चुनाव लड़ा जायेगा जहां उम्मीदवार जीत का माद्दा रखते हों. कोशिश है कि पार्टी ज्यादा से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ेगी.

सवालः झारखंड में पार्टी के पास एक भी सीट नहीं है, ऐसे में चुनाव की रणनीति क्या रहेगी?

जवाबः जी बिल्कुल हम पहली बार यहां पर चुनाव लड़ रहे हैं. हमारे लिए यह नया चुनाव है. हमारे लिए तो यही है कि जिस तरह से झारखंड बनने के बाद जेवीएम, जेएमएम, कांग्रेस या बीजेपी ने काम किया है, उससे झारखंड बनने का मकसद पूरा नहीं हो पाया. जिस तरह से इतने सालों में झारखंड की स्थिति होनी चाहिए, अभी राज्य उसके आस-पास भी नहीं है. सरकार यहां के प्रोजेक्ट लटका कर रखती है. नये प्रोजेक्ट पास नहीं हो पाते.  भ्रष्टाचार हर तरफ चल रहा है. जिसका नुकसान सिर्फ और सिर्फ आम जनता को हो रहा है. ऐसे में चुनाव में आम आदमी पार्टी एक अलटरवनेटिव देने की कोशिश करेगी. पार्टी जनता के बीच जायेगी. बाकी जनता मालिक है.

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सवालः पूरे देश की ही तरह राज्य में विपक्ष कमजोर पड़ गया है.

जवाबः (सवाल के बीच में ही) विपक्ष कमजोर नहीं, बल्कि विपक्ष मैनेज हो गया है. विपक्ष कमजोर कतई नहीं है. सभी मैनेज हैं. जेवीए, कांग्रेस सभी विपक्षी पार्टियां बीजेपी से मैनेज हो गयी हैं. आप जेएमएम को ही देख लीजिए. वो एक आंदोलन से निकली हुई पार्टी है. लेकिन आज उस पार्टी के लीडर बीजेपी से मैनेज हो गये हैं. कांग्रेस का तो कुछ पता ही नहीं है. इस पार्टी का आगे-पीछे का तो कुछ पता ही नहीं है.

सवालः विपक्ष के कमजोर होने का पार्टी को कुछ फायदा मिलेगा?

जवाबः फायदे की बात तो नहीं कर सकता. लेकिन जनता को एक अलटरनेटिव देने की कोशिश करेंगे. हर सीट पर एक बढ़िया उम्मीदवार उतारने की कोशिश करेंगे. ऐसे उम्मीदवार को उतारने की कोशिश है. जो झारखंड को आगे लेकर जा सकें. वैसे उम्मीदवार जिन्होंने कुछ त्याग किया हो समाज के लिए.

सवालः क्या पार्टी 20-25 सीटों पर चुनाव लड़ेगी?

जवाबः अभी ऐसे किसी नंबर पर जाना ठीक नहीं है. बस संभावना है कि पार्टी ज्यादा से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ेगी. हमारी कोशिश है कि हम इस विधानसभा चुनाव में अपना प्रेजेंस जरूर बनाये और विधानसभा में अपनी पार्टी से कुछ लोगों को भेजें जरूर.

सवालः अरविंद केजरीवाल को झारखंड में देखने का मौका मिलेगा क्या?

जवाबः ये अभी से कहना जरा मुश्किल है. धीरे-धीरे चीजें स्पष्ट हो जायेंगी. हर चीज की संभावना बनी हुई है.

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