न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

रांची बंद का आंशिक असर, आदिवासी संगठनों के लोग सड़क पर निकलते ही गिरफ्तार , जनजीवन रहा सामान्य

आदिवासी संगठनों ने रांची बंद का आह्वान किया था. झारखंड मुक्ति मोर्चा, वामदल, कांग्रेस, झारखंड विकास मोर्चा  ने दिया था समर्थन

47

Ranchi :  भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने के बाद रांची के आदिवासी संगठनों ने रांची बंद का आह्वान किया था. लेकिन रांची बंद का असर राजधानी समेत आस पास के इलाकों में आंशिक रहा. सुबह नौ बजे के बाद कुछ बंद समर्थक  कार्यकर्ताओं ने भले ही सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन किया हो. लेकिन प्रशासन ने बंद समर्थकों से सख्ती से निबटने की तैयारी पहले से कर रखी थी.

mi banner add

हालांकि जिस जोश के साथ बिरसा मुंडा के सम्मान में बंद का आह्वान किया गया था, बंद उतना असरदार नहीं रहा. दोपहर बाद रांची में जन जीवन सामान्य देखा गया. हालांकि कुछ नेताओं की गिरफ्तारी जरूर हुई , लेकिन इससे रांचीवासियों को कोई प्रभाव नहीं पड़ा. बता दें कि गुरुवार देर रात कोकर स्थिति भगवान बिरसा मुंडा समाधि स्थल में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा क्षतिग्रस्त हो गयी थी.

इसे भी पढ़ेंः राज्य में संघर्ष की तकतों को कमजोर करने की हो रही है सजिश, प्रतिमा के क्षतिग्रस्त होने पर उपवास पर बैठे समाज कर्मी

राजनीतिक दलों ने दिया था समर्थन

आदिवासी संगठनों की ओर से बंद के आह्वान को राजनीतिक दलों ने समर्थन दिया था. जिसमें झारखंड मुक्ति मोर्चा, वामदल, कांग्रेस, झारखंड विकास मोर्चा आदि शामिल थे. साथ ही कुछ अन्य सामाजिक संगठनों ने भी बंद का समर्थन किया. जिसमें कई नेताओं की गिरफ्तारी हुई. बंद को सफल बताते हुए भाकपा की ओर से बयान दिया गया कि बंद शांतिपूर्ण सफल रहा. जो यह बताता है कि अगर राज्य में वीर सपूतों का अपमान किया जायेगा, तो राज्य की जनता इसे कभी सहन नहीं करेगी.

इसे भी पढ़ेंः दर्द-ए-पारा शिक्षक : जिस कमरे में रहते हैं उसी में बकरी पालते हैं, उधार इतना है कि घर बनाना तो सपने जैसा

बंद समर्थकों को किया गया गिरफ्तार

Related Posts

आयकर विभाग ने आइटीआर एक, दो और चार के लिए ई-फाइलिंग यूटिलिटीज जारी की: संजय

इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स की रांची शाखा का बजट पर एक दिवसीय सेमिनार

बंद  समर्थक जहां से निकल रहे थे रांची बंद करने,  उन्हें वहीं पर  गिरफ्तार कर लिया जा रहा था. अनेक नेताओं के साथ कई समाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की भी गिरफ्तारी हुई. जयपाल सिंह स्टेडियम परिसर से आदिवासी जन परिषद् सहित अनके आदिवासी संगठनों ने एकजुट होकर जुलूस निकाला. जिन्हें पुलिस बल ने गिरफ्तार किया. वहीं आमया की ओर से भी बंद के समर्थन में सड़क पर उतर कर रांची बंद कराया गया,  इस तरह अन्य समर्थकों को भी गिरफ्तार किया गया.

दुमका में पुतला जलाकर विरोध किया गया

रांची में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने का  विरोध दुमका में किया गया. शनिवार को दुमका के आदिवासी छात्र संघ की ओर से सरकार का पुतला दहन किया गया. श्यामदेव हेंब्रम ने कहा कि राज्य में ऐसी घटनाओं में तेजी आयी है. कहीं बिरसा मुंडा तो कहीं सिद्धो कान्हू के प्रतिमाओं को तोड़ा जा रहा है. जो असामाजिक तत्वों की ओर से किया जा रहा है.

यह दर्शाता है कि झारखंड राज्य में कानून व्यवस्था खत्म हो चुकी है. संघ की ओर से सरकार को चेतावनी देते हुए इन्होंने कहा कि अगर स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमा का असामाजिक तत्वों की ओर से तोडा जाना नही रुकता है तो छात्र सड़क पर आकर विरोध प्रदर्शन के लिए मजबूर होगे. मौके पर मंगल मुर्मू, दिबूधन मुर्मू, अलोक मरांडी, नीलकमल मरांडी समेत अन्य लोग उपस्थित थे.

इसे भी पढ़ेंः कमीशन लेने वाले डॉक्टरों का केवाईसी भरवाता है मेदांता अस्पताल

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
%d bloggers like this: