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हंगामे से हुआ संसद के शीतकालीन सत्र का आगाज, कृषि कानून वापसी बिल लोकसभा से पारित

New Delhi : संसद के शीतकालीन सत्र का आगाज हंगामे के साथ हुआ. विपक्ष के जोरदार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी. पुन: 12 बजे से लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, जिसमें कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने सदन में तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने संबंधी विधेयक को पेश किया. विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच ये बिल पारित हुआ. इसके बाद स्पीकर ने लोकसभा की कार्यवाही को दो बजे दिन तक के लिए स्थगित कर दिया. विपक्ष इस बिल पर चर्चा की मांग करता रहा लेकिन स्पीकर ने साफ कहा कि वह चर्चा को तैयार हैं पहले सभी सदस्य अपनी अपनी सीट पर बैठ जायें.

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वहीं शीतकालीन सत्र में विपक्ष ने सरकार को किसान, महंगाई और तेल की कीमतों के मुद्दे पर घेरने की रणनीति बनाई है. संसद का यह सत्र 29 नवंबर से 23 दिसंबर तक चलेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के फैसले की घोषणा थी और इसके बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इन तीनों कानूनों को निरस्त करने संबंधी विधेयक को मंजूरी दे दी थी. इसके अलावा सरकार इस पूरे सत्र में करीब 30 विधेयक पेश करने जा रही है जिनमें क्रिप्टोकरंसी, बिजली, पेंशन, वित्तीय सुधार और बैंकिंग कानून से संबंधित विधेयक शामिल हैं.

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संसद में सवाल भी हो और शांति भी : नरेन्द्र मोदी

संसद के शीतकालीन सत्र के पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर हमला किया है. उन्होंने कहा है कि मैं चाहता हूं कि संसद में सवाल भी हो और शांति भी. पीएम मोदी ने सोमवार को कहा कि संसद के शीतकालीन सत्र में देश हित में चर्चा हो और राष्ट्र की प्रगति के लिए रास्ते खोजे जाएं.आगे प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार हर सवाल का जवाब देने को तैयार है, बशर्ते सदन में चर्चा हो. संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है. सत्र की शुरूआत से पहले संसद भवन परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद में सवाल भी हों और शांति भी हो. हम चाहते हैं संसद में सरकार के खिलाफ, सरकार की नीतियों के खिलाफ जितनी आवाज प्रखर होनी चाहिए वह हो, लेकिन संसद की गरिमा व अध्यक्ष की गरिमा… इन सब दिशाओं में हम वह आचरण करें, जो आने वाले दिनों में युवा पीढ़ी के काम आए. सरकार हर विषय पर चर्चा करने के लिए तैयार है.

पीएम मोदी ने कहा कि सरकार खुली चर्चा करने के लिए तैयार है. सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है. प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद का यह सत्र और आगे आने वाले सत्र भी आजादी के दीवानों की भावनाओं के प्रति समर्पित हों. उन्होंने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव की जो भावना है, उसी भावना के अनुरूप संसद में देश हित में चर्चा हो. देश की प्रगति के लिए रास्ते खोजे जाएं, नए उपाय खोजे जाएं.

कांग्रेस ने संसद परिसर में दिया धरना

इधर, कृषि कानूनों की वापसी की मांग को लेकर कांग्रेस ने संसद परिसर में धरना दिया. इसमें कांग्रेस की कार्यवाहक अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल समेत पार्टी के अन्य नेता शामिल हुए. आज ही संसद में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर कृषि कानून वापसी बिल पेश करेंगे, जिसे लेकर सांसदों को भेजे गए संसदीय नोट की भाषा पर विवाद खड़ा हो चुका है.

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