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संसद सत्र 31 से, अंतरिम बजट में मिडिल क्लास पर  राहत की बारिश की संभावना

राज्यसभा सचिवालय के सूत्रों के अनुसार 31 जनवरी को ही पूर्वाह्न 11 बजे से संसद के केन्द्रीय कक्ष में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति का अभिभाषण होगा.  

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NewDelhi :  संसद का अगला सत्र 31 जनवरी से प्रारंभ होगा. उस दिन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगे. राज्यसभा सचिवालय के सूत्रों के अनुसार 31 जनवरी को ही पूर्वाह्न 11 बजे से संसद के केन्द्रीय कक्ष में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति का अभिभाषण होगा.  इसके कुछ समय बाद राष्ट्रपति के अभिभाषण की प्रति को उच्च सदन के पटल पर रखा जायेगा. वित्त मंत्री एक फरवरी को लोकसभा में अंतरिम बजट पेश करेंगे. सत्र 13 फरवरी तक चलेगा और इस दौरान कुल 10 बैठकें होंगी. यह आम चुनाव से होने वाला संसद का संभवत: आखिरी सत्र होगा. बताया जा रहा है कि नरेंद्र मोदी सरकार का अंतरिम बजट लोकलुभावन हो सकता है.  क्योंकि अप्रैल-मई में आम चुनाव कराये जा सकते हैं.

चुनाव से पहले कुछ लोकप्रिय घोषणाएं की जा सकती हैं

बता दें कि अंतरिम बजट में इस साल के सभी खर्चों का ब्योरा पेश किया जाता है. यह बजट सरकार के लिए काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि चुनाव से पहले कुछ लोकप्रिय घोषणाएं की जा सकती हैं. इस दौरान मिडिल क्लास को राहत देने के साथ ही किसानों से जुड़ी कई अहम घोषणाएं की जा सकती हैं. हालांकि अंतरिम बजट में सीमित समय के लिए जरूरी सरकारी खर्च की अनुमति होती है और इसके बाद नयी सरकार पूरा बजट पेश करती है. कहा जा रहा है कि अंतरिम बजट में किसानों के लिए पैकेज का ऐलान किया जा सकता है. इस पैकेज के तहत किसान को खेती करने के लिए हर सीजन 4000 रुपए की मदद की जा सकती है. यह पैसा सीधे उनके खाते में जाएगा. इसके अलावा उन्हें एक लाख रुपए तक का ब्याज रहित लोन दिया जा सकता है. किसानों के अलावा मोदी सरकार मिडिल क्लास को बड़ी राहत दे सकती है.

बढ़ाई जाएगी आयकर छूट की सीमा :  खबरों के अनुसार आयकर छूट की सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपए तक की जा सकती है. अभी यह सीमा 2.5 लाख तक है. अपने कार्यकाल के अंतिम बजट में मोदी सरकार नाराज चल रहे कारोबारियों को बीमा स्कीम का तोहफा दे सकती है. साथ कुछ प्रोडक्ट्स पर कस्टम ड्यूटी में भी बदलाव हो सकता है. राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में चुनाव हारने के बाद केंद्र की भाजपा सरकार दबाव में है. चुनाव परिणामों के बाद सरकार ऐसे कई फैसले ले रही है जिससे जनता राहत महसूस करे.

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