West Bengal

मिसालः माता-पिता ने 19 वर्षीय पुत्र का अंगदान किया

Raniganj: रानीगंज के बल्लभपुर ग्राम पंचायत इलाके में रहनेवाले सरकारी कर्मचारी सोमनाथ घोष और उनकी पत्नी चंदना घोष के एकमात्र 19 वर्षीय पुत्र सौरवनिल घोष की सड़क दुर्घटना के पश्चात इलाज के दौरान मृत्यु के बाद दंपती ने समाज में अनुकरणीय दृष्टांत प्रस्तुत करते हुए उसका अंग दान किया.

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मिली जानकारी के अनुसार सौरवनिल तमिलनाडु के इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में पढ़ाई कर रहा था. 3 अगस्त को मोटरसाइकिल दुर्घटना में वह बुरी तरह से घायल हो गया था. उसका इलाज सीएमसी वेल्लोर में चल रहा था. जहां बुधवार को चिकित्सकों ने उसके ब्रेन डेथ की घोषणा की एवं अस्पताल के चिकित्सकों ने सौरवनिल के माता-पिता से अनुरोध किया कि वे अगर चाहें तो अपने पुत्र के अंग दान कर सकते हैं. चिकित्सकों की यह बात को सुन कर उन्होंने अपनी एकमात्र संतान का हार्ट, किडनी, लीवर, आंखों की कॉर्निया तथा शरीर के अन्य अंग दान करने का निर्णय लिया. दान किये उसके अंग को सीएमसी वेल्लोर से फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया. सौरभ के पिता सोमनाथ घोष एवं चंदना घोष ने बताया कि पुत्र के चले जाने का उन्हें काफी दुख है पर उसका अंग किसी के कार्य आ सके यह हमलोगों के लिए बहुत बड़ी बात होगी. साथ ही साथ उन्होंने चिकित्सकों से यह आवेदन किया कि जिस व्यक्ति को उनके पुत्र का अंग प्रत्यापन की जायेगा, कृपया उसके बारे में जानकारी दें. ताकि उन्हें पता चल सके कि उनके पुत्र का अंग किसके शरीर में मौजूद है.

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