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कोचिंग संस्थानों में भेजकर अभिभावक बच्चों को परेशान करते हैं : डॉ एचसी वर्मा

नेशनल सेमिनार में शिक्षकों एवं छात्रों को डॉ एचसी वर्मा ने दिये टिप्स

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Ranchi : कोचिंग संस्थानों में बच्चों को भेजकर अभिभावक उनको पेरशान करते हैं. बच्चों को विषयवस्तु की सही जानकारी स्कूलों के शिक्षक एवं अभिभावकों के माध्यम से मिलती है. स्कूल के शिक्षकों का सही मार्गदर्शन एवं सही किताबों का चयन विषयवस्तु के प्रति बच्चों की जिज्ञासा को शांत कर सकता है. उक्त बातें मंगलवार को रांची विश्वविद्यालय में भौतिकी शिक्षक परिषद् द्वारा आयोजित सेमिनार में मुख्य वक्ता के रूप में आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर डॉ एचसी वर्मा ने कहीं. उन्होंने कहा कि शिक्षक को-रिलेशन के कारण विज्ञान की सही जानकारी बच्चों को नहीं दे पाते हैं. विज्ञान को समझने के लिए हमें सबसे पहले प्रकृति के नियमों को समझना होगा. प्रकृति की संयोजकता के बिना भौतिकी का कोई नियम सफल नहीं हो सकता है. कोचिंग संस्थान भारतीय शिक्षा व्यवस्था को खत्म करने पर लगे हुए हैं. स्कूली शिक्षा का गिरता स्तर ही कोचिंग संस्थानों के बाजारवाद को बढ़ावा दे रहा है. इस दौरान एचसी वर्मा ने भौतिकी के कई प्रमुख सिद्धांतों को रोचक तरीकों से प्रस्तुत किया. उन्होंने साधारण उदाहरणों के माध्यम से विज्ञान के कई नियमों को सरलता से बताया. इस दौरान उन्होंने कहा कि विज्ञान के छात्र पैसा एवं पावर के चक्कर में शोध कार्य से दूर हो रहे हैं, इस वजह से नये शोध भारत में नहीं हो पा रहे हैं.

कोचिंग संस्थानों में भेजकर अभिभावक बच्चों को परेशान करते हैं : डॉ एचसी वर्मा

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सेमिनार में इन शिक्षकों ने प्रस्तुत किये शोध

सेमिनार सत्र के दौरान कोचिन के भौतिक प्रोफेसर अनंत कृष्णन और पंजाब विश्वविद्यालय के डॉ एमएस मारवाह ने प्रतिनिधियों के समक्ष भौतिकी के शिक्षण को कैसे हम सबकी समझ में आ सके, उसकी जीवंत प्रस्तुति दी. कार्यक्रम के दौरान डीएवी के स्टूडेंट्स और शिक्षकों ने भौतिकी के विभिन्न पहलुओं पर शिक्षाविद् से चर्चा की. कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ आशा लाता सिन्हा, डॉ मनोज कुमार, डॉ राजकुमार सिंह, डॉ एसएन तिवारी, डॉ कुंदन एवं डॉ विजय सिंह ने शिरकत की.

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