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#Lockdown के बाद लंबित मानदेय भुगतान को लेकर पारा शिक्षक करेंगे आंदोलन: मोर्चा

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Ranchi: एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने कहा है कि झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा पारा शिक्षकों को सीधे कोर्ट नहीं जाने की पॉलिसी का निर्धारण गलत एवं हमारे संवैधानिक अधिकारों का हनन है.

डीईओ, उपायुक्त, जेईपीसी एवं शिक्षा सचिव स्तर पर अपीलीय प्राधिकार बनाकर पारा शिक्षकों को न्याय के लिए कोर्ट जाने से रोकने का कुत्सित प्रयास जो विभाग द्वारा किया जा रहा है वो निंदनीय है.

मोर्चा ने कहा है कि हमें डीईओ एवं उपायुक्त के किसी निर्णय के विरुद्ध न्याय हेतु जाना हो तो क्या हम उन्हीं के न्यायालय में जायेंगे जिन्होंने हमारे साथ अन्याय किया है?

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अन्याय करने वाले से ही कैसे मांगें न्याय?

यदि जेईपीसी ने कोई निर्णय पारा शिक्षकों के हित के विरुद्ध किया या सरकार के स्तर पर ऐसा कोई निर्णय हुआ तो क्या अन्याय करने वाले से ही हम न्याय मांगने जायेंगे?

विभाग की ओर से लिया गया यह निर्णय पारा शिक्षकों के अधिकारों का हनन है. इसका व्यापक विरोध किया जायेगा. वहीं इसे निरस्त कराने हेतु स्थिति सामान्य होते ही सांगठनिक प्रयास तेज किया जायेगा.

विभिन्न मुद्दों को लेकर राज्य के लगभग 5 हजार पारा शिक्षकों का मानदेय झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा पिछले 2 माह से लेकर 11-11 माह तक का नहीं दिया जाना पारा शिक्षकों के साथ घोर अन्याय है. इस कारण पारा शिक्षकों की  परिवार सहित दयनीय स्थिति हो चुकी है.

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मोर्चा के मुताबिक लगातार विभागीय अधिकारियों को पत्र, विभागीय मंत्री को आवेदन एवं मिलकर भी स्थिति से अवगत कराने के बाद भी भुगतान नहीं होना चिंतनीय है.

मोर्चा ने राज्य के मुख्यमंत्री से 5 मार्च 2020 को मिलकर भी विभागीय अधिकारियों की निरंकुशता से अवगत कराते हुए मानदेय भुगतान का आग्रह किया था परंतु परिणाम शून्य रहे.

अतः लॉक डाउन के पश्चात पारा शिक्षकों के लंबित मानदेय भुगतान को लेकर आंदोलन शुरू किया जायेगा.

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कोविड-19 रोकथाम में प्रतिनियुक्ति के साथ कराया जाये 50 लाख का बीमा

मोर्चा ने कहा कि कोविड 19 की रोकथाम, सर्वे आदि में राज्य के पारा शिक्षकों को लगातार प्रतिनियुक्ति की जा रही है.

एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा की राज्य इकाई ने शिक्षा सचिव एवं राज्य परियोजना निदेशक को पत्र लिखकर पारा शिक्षकों का 50 लाख का बीमा कराने की मांग की है, जिस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है.

सरकार जल्द से जल्द निर्णय लेकर पारा शिक्षकों का बीमा कराये ताकि कोई कैजुअल्टी होने पर परिजनों को वाजिब सहयोग मिल सके.

यह जानकारी मोर्चा के बिनोद बिहारी महतो, संजय कुमार दुबे, हृषिकेश पाठक, प्रमोद कुमार, नरोत्तम सिंह मुंडा, दशरथ ठाकुर, मोहन मंडल, प्रद्युम्न कुमार सिंह (सिंटू) ने दी.

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