न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

पारा शिक्षकों को अन्य राज्यों की तर्ज पर मिले वेतनमान : मंत्री सरयू राय

890

Ranchi : पारा शिक्षकों के मसले को लेकर राज्य के खाद्य आपूर्ति, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री सरयू राय ने मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी, कार्मिक सचिव केके खंडेलवाल तथा शिक्षा सचिव अमरेंद्र प्रताप सिंह के साथ अपने कार्यालय कक्ष में मंगलवार को बैठक की. बैठक में नगर विकास मंत्री सीपी सिंह भी शामिल थे. मंत्री सरयू राय ने बताया कि उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बिहार, छत्तीसगढ़ एवं उत्तरप्रदेश की सरकारों ने पारा टीचरों के मामले में जो व्यवस्था की है, उसके मद्देनजर क्या व्यावहारिक रास्ता निकाला जा सकता है, इस पर विचार करें. झारखंड के पारा शिक्षकों को अन्य राज्यों की तर्ज पर वेतनमान दिया जाना चाहिए.

व्यावहारिक समझौते की दिशा में कदम बढ़ायें सरकार और पारा शिक्षक

सरयू राय ने यह भी कहा कि राज्य की वित्तीय स्थिति को देखते हुए पारा शिक्षकों के मामले में सभी पूर्वाग्रह को छोड़कर पूरी संवेदना के साथ विचार किया जाना चाहिए और पारा शिक्षक संघ के लोग भी सभी तरह के पूर्वाग्रह को छोड़कर व्यावहारिक समझौते की दिशा में अपने कदम बढ़ायें. उन्होंने कहा, “हमारी चिंता यह है कि पारा शिक्षकों की हड़ताल के कारण राज्य में प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा पूरी तरह ठप हो गयी है. सरकार और पारा शिक्षक शिक्षा के हित को प्राथमिकता के केंद्र में रखकर विचार करें.” उन्होंने कहा कि अगर अधिकारी स्तर पर वार्ता से समाधान नहीं निकलता है, तो कैबिनेट मंत्रियों की एक मंत्रिमंडलीय उपसमिति बनाकर पारा शिक्षकों के साथ वार्ता कर समाधान निकाला जाना चाहिए.

कैबिनेट में बोनस का मुद्दा उठाया

silk_park

मंत्री सरयू राय ने मंगलवार को मंत्रीपरिषद की बैठक के दौरान धान खरीद पर सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 200 रुपये बोनस दिये जाने के अपने प्रस्ताव को रखा. इस पर मुख्यमंत्री ने खाद्य सचिव डॉ अमिताभ कौशल को बुलाया और उन्हें निर्देश दिया कि वह इस बारे में वित्त सचिव से बात कर उपयुक्त निर्णय लें.

इसे भी पढ़ें- किसानों से 1750 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदेगी सरकार, बोनस मिलने की भी संभावना

इसे भी पढ़ें- धनबाद : नाली के पानी से निगम करा रहा है ‘बीमारी’ की खेती

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: