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कल्याण कोष के प्रस्ताव से सहमत नहीं पारा शिक्षक, एकमुश्त पांच लाख और पेंशन की मांग

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Ranchi : शिक्षा विभाग द्वारा तैयार किये गये कल्याण कोष नीति के प्रस्ताव से राज्य के पारा शिक्षक सहमत नहीं हैं. वे इस प्रस्ताव में संसोधन चाहते हैं. हालांकि विभाग की ओर से बनाये गये इस प्रस्ताव पर मुहर लगने के साथ पारा शिक्षकों की तीसरी बड़ी मांग पूरी हो जायेगी.

विभाग की ओर से तैयार ड्राफ्ट पर सोमवार को शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो की मुहर लगनी थी. इसे लेकर अहम बैठक भी थी पर शिक्षामंत्री के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद बैठक को स्थगित कर दिया गया.

कैटेगरी में हो राशि तय, एकमुश्त मिले सेवानिवृति राशि

विभाग की ओर से तैयार ड्राफ्ट के तीन बिंदुओं पर पारा शिक्षकों की असहमति है. एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष संजय दूबे ने कहा कि पारा शिक्षकों ने अपना पूरा जीवन स्कूलों में बीता दिया है. अपने हक के लिए लगातार संघर्ष भी किया. सरकार ने खुद पारा शिक्षकों के अस्तित्व को माना है.

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इसके बाद भी सरकार ने कल्याण कोष के ड्राफ्ट में पारा शिक्षकों को कैटेगरी में बांट दिया. ऐसा नहीं होना चाहिए. पारा शिक्षक इस तैयार प्रस्ताव में संसोधन चाहते हैं. एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली राशि को कैटेगरी में नहीं बल्कि एकमुश्त पांच लाख रुपये चाहती है.

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पेंशन जैसी सुविधा भी दे सरकार

एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष संजय दूबे ने कहा कि जब पारा शिक्षक सामान्य शिक्षकों के समकक्ष काम करते हुए रिटायर हो रहे हैं. तो ऐसे में सरकार कुछ ऐसा तय करे कि पारा शिक्षकों को भी पेंशन के रूप में कुछ राशि रिटायरमेंट के बाद मिले.

मोर्चा का यह भी कहना है कि रिटायरमेंट के बाद पांच लाख रुपये एकमुश्त राशि तय हो और अंशदान के रूप में जो राशि काटी जायेगी, उसे भी रिटायरमेंट के बाद दिया जाये.

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अप्रशिक्षित पारा शिक्षकों को मिले एक और मौका

वहीं मोर्चा का कहना है कि अगर सरकार पारा शिक्षकों का वाकई में कल्याण करना चाहती है तो वैसे पारा शिक्षक जो अप्रशिक्षित रह गये हैं उन्हें भी प्रशिक्षण पूरा करने का एक और मौका दे.

गौरतलब है कि राज्य में चार हजार के करीब पारा शिक्षक हैं, जिनका एनआइओएस की गलती से प्रशिक्षण पूरा नहीं हो पाया है. वहीं ऐसे चार हजार पारा शिक्षक बीते 20 माह से बिना मानदेय के काम कर रहे हैं.

सरकार उनकी सेवा कोरोना काल में भी ली है. पारा शिक्षक संघ ऐसे चार हजार पारा शिक्षकों के 20 माह के मानदेय भुगतान की मांग भी करती है.

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… तो तीन हजार परिवार को मिल जाता लाभ

18 जनवरी 2019 को तत्कालीन शिक्षा मंत्री डॉ नीरा यादव के साथ हुई पारा शिक्षक संघ की बैठक में कल्याण कोष गठन की बात कही गयी थी. तब बात आयी गयी हो गयी. उसके बाद 18 महीने के बाद अब कल्याण कोष नीति का ड्राफ्ट तैयार हुआ है.

18 जनवरी 2019 के बाद से लेकर अब तक सैकडों पारा शिक्षकों की मृत्यू हो चुकी है. अगर तब ही यह कोष बन गया होता तो 3000 पारा शिक्षक परिवार को इसका लाभ मिल जाता.

प्रस्ताव की मुख्य बातें

  • कार्यकाल के दौरान मृत्यु होने पर आश्रित को मिलनेवाली आर्थिक सहायता  : पांच लाख
  • असाध्य रोग के इलाज के लिए : एक लाख रुपये
  • कार्य अवधि के दौरान दुर्घटना में विकलांग होने पर : डेढ़ से दो लाख
  • बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए ऋण (अधिकतम दो बच्चे) : दो लाख रुपये
  • शादी के लिए ऋण (अधिकतम दो बेटी) : डेढ़ लाख रुपये
  • सदस्यता प्राप्ति तिथि के पांच वर्ष की अवधि के बाद सेवानिवृत्त होने पर मिलनेवाली अधिकतम एकमुश्त राशि : 75 हजार रुपये
  • सदस्यता प्राप्ति की तिथि से 10 वर्ष की अवधि के उपरांत सेवानिवृत्त होने पर मिलनेवाली अधिकतम एकमुश्त :  डेढ़ लाख रुपये
  • सदस्यता प्राप्ति की तिथि से 10 वर्ष से अधिक अवधि के उपरांत सेवानिवृत्त होने पर मिलनेवाली अधिकतम एकमुश्त राशि : तीन लाख रुपये

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