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जेटेट पास अभ्यर्थियों की आंखों में धूल झोंक रही है सरकार: पारा शिक्षक

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Ranchi: झारखंड के पारा शिक्षक हड़ताल पर हैं. इस दौरान राज्य सरकार ने पारा शिक्षकों की हड़ताल को देखते हुए नया विज्ञापन जारी कर दिया है. इसके माध्यम से सरकार 22 नवंबर तक जो शिक्षक काम पर वापस नहीं लौटते हैं, तो उन्हें बर्खास्त कर जे टेट पास अभ्यर्थियों को स्कूलों में योगदान देने की पहल शुरू करेगी.

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अल्‍टीमेट के बाद भी जारी रहेगा हड़ताल

सरकार के इस संकेत के बाद पारा शिक्षक संघ के बजरंग प्रसाद ने कहा है कि सरकार पारा शिक्षकों के आंदोलन को दबाने के लिए इस तरह की प्रयास कर रही है, ताकि राज्य के बेरोजगार युवकों को फिर से छला जा सके. 16 सालों तक पारा शिक्षकों ने 8000 रुपये मानदेय पर काम किया. इसके बावजूद भी सरकार हमारे आंदोलन को गंभीरता से नहीं ले रही है. वहीं नये विज्ञापन के माध्यम से राज्‍य के बेरोजगार युवाओं को छलने का कार्य सरकार द्वारा किया जा रहा है. टेट पास अभ्यर्थियों को पिछले 5 सालों में सरकार को इनकी याद नहीं आयी. वर्त्‍तमान में पारा शिक्षकों की हड़ताल से बौखलाये सरकार फिर से टेट पास अभ्यर्थियों को छलने का कार्य कर रही है, ताकि बेरोजगार युवक फिर से इनके झांसे में आयें और स्कूलों में योगदान करें. सरकार पारा शिक्षकों की मांगों को अगर गंभीरता से नहीं लेती है, तो राज्य के 67000 पारा शिक्षक हड़ताल पर रहेंगे और तब तक रहेंगे जब तक सरकार पारा शिक्षकों को न्याय संगत मांगों को पूरा नहीं करती है.

 22 नवंबर से थानों में पारा शिक्षक देंगे गिरफ्तारी

राज्य सरकार के अल्टीमेटम के बाद पारा शिक्षकों ने निर्णय लिया है कि वह हड़ताल पर बने रहेंगे. सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ वह अपने आंदोलन को जारी रखेंगे. 22 नवंबर के बाद से राज्य के सभी पारा शिक्षक अपने नजदीकी थाना में परिवार के साथ गिरफ्तारी देंगे. जेल भरो आंदोलन के तहत पारा शिक्षक अपनी गिरफ्तारी देंगे. पारा शिक्षकों का कहना है कि 300 पारा शिक्षकों को जेल में बंद करने से आंदोलन बंद नहीं होगा, बल्कि यह और उग्र रूप लेगा. जब तक कि सरकार पारा शिक्षकों की मांगों को मान नहीं लेती है.

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