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पारा शिक्षक हड़ताल मामले पर सुखदेव भगत का सरकार पर वार, कहा- निरंकुश हो गयी है भाजपा सरकार

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Lohardaga: लोहरदगा के विधायक सुखदेव भगत ने झारखंड की भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला है. झारखंड के पारा शिक्षकों के मामले पर सरकारी रवैये पर उन्‍होंने कहा कि भाजपा की सरकार निरंकुश हो गयी है. सरकार को आम जनता और अपने कर्मचारियों की बात सुननी चाहिए, परंतु यह सरकार लाठी के सहारे लोगों को हांकना चाहती है.

सुखदेव भगत ने कहा है कि पारा शिक्षक के मामले में सरकार ने बिल्कुल ही गलत काम किया है. पारा शिक्षक अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. उन पर लाठी चलवा कर सरकार ने जनता की आवाज को दबाने का काम किया है. सरकार शोषण पर उतर आयी है. सरकार को आने वाले समय में इसका खामियाजा भुगतना होगा. सुखदेव भगत ने सरकार के काम को लेकर कई सवाल उठाये.

झारखंड के पारा शिक्षक अपनी सेवा के स्‍थायीकरण और मानदेय की जगह समान काम के लिए समान वेतनमान के लिए आंदोलन कर रहे हैं. 25 नवंबर से यहां के पारा शिक्षक पूरे राज्‍य में घेरा डालो, डेरा डालो कार्यक्रम चला रहे हैं. इसके तहत सभी जिलों में वहां के स्‍थानीय पारा शिक्षक वहां के विधायकों, सांसदों व नेताओं के आवासों और ठिकानों पर घेराव व प्रदर्शन कर रहे हैं.

झारखंड स्‍थापना दिवस के मौके पर रांची में पारा शिक्षकों ने मुख्‍यमंत्री रघुवर दास को काला झंडा दिखाया था. तब पुलिस और सुरक्षा बलों के साथ पारा शिक्षकों की झड़प भी हुई थी. पुलिस की ओर से पत्‍थरबाजी करने वाले पारा शिक्षकों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गये थे और लाठीचार्ज की गयी थी. इस घटना से जुड़े दो सौ से अधिक पारा शिक्षकों को जेल भेज दिया गया है.

रांची की 15 नवंबर की घटना के बाद पाराशिक्षकों का आंदोलन उग्र हो गया. वे हड़ताल पर चले गये. विपक्षी दलों व संगठनों का पारा शिक्षकों को पूरा सहयोग मिल रहा है. इधर पारा शिक्षकों के आंदोलन को देखते हुए स्‍कूलों को नियमित करने के लिए सख्‍त निर्देश जारी किये हैं. पूरे झारखंड में 50 हजार टेट पास उम्‍मीदवारों को पारा शिक्षकों की जगह लाये जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. बावजूद इसके झारखंड में करीब 70 हजार पारा‍ शिक्षकों का आंदोलन ठंडा नहीं पड़ा है.

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