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पारा टीचर और मनरेगा कर्मियों को नहीं लगाया जायेगा चुनाव कार्य में

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Deepak

Ranchi:  इस बार लोकसभा चुनाव 2019 के मतदान कार्य में पारा टीचर, मनरेगा कर्मी और पंचायत सेवकों को नहीं लगाया जायेगा. निर्वाचन आयोग में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है, जिसमें इन कर्मियों को चुनाव कार्य में लगाया जा सके. ऐसे में राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने भी इन कर्मियों को चुनाव ड्यूटी से मुक्त रखने का फैसला लिया है. चतरा के उपायुक्त ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए पारा टीचरों और मनरेगा कर्मियों को चुनाव कार्य में लगाये जाने की बाबत मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को पत्र लिख कर दिशानिर्देश मांगा था. इस बाबत संयुक्त सचिव धान ने बताया कि अस्थायी कर्मियों, दैनिक वेतनभोगियों को चुनाव कार्य में लगाये जाने की कोई नियमावली आयोग में नहीं है. उन्होंने कहा कि सिमडेगा के कोलेबिरा उप चुनाव में अंतिम समय पर पारा टीचरों को चुनाव कार्य में लगाया गया था. इसके लिए पोलिंग बूथ के आधार पर रैंडमाइजेशन तकनीक का उपयोग किया गया था. उन्होंने बताया कि ऐसे कर्मी प्रत्यक्ष रूप से स्थानीय होते हैं. ऐसे में इन्हें चुनाव कार्य में लगाये जाने से मतदान प्रभावित हो सकता है. उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में पारा टीचरों को लगाना मुनासिब नहीं है. उन्होंने कहा कि चतरा के उपायुक्त को बैंकों, स्थानीय लोक उपक्रमों से चुनाव कार्य के लिए मतदान कर्मी की प्रतिनियुक्ति को लेकर औपचारिक कार्रवाई करनी चाहिए.

झारखंड से दिल्ली, छत्तीसगढ़ और असम भेजा गया इवीएम

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झारखंड से दिल्ली, छत्तीसगढ़ और असम में इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन (इवीएम) भेजा गया है. झारखंड को इलेक्ट्रोनिक कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (इसीआइएल) का क्षेत्रीय स्टोरेज केंद्र बनाया गया है. झारखंड में इसको लेकर यहां पर एक लाख से अधिक इवीएम और वीवीपैट भेजे गये थे. निर्वाचन आयोग के आदेश पर अतिरिक्त इवीएम छत्तीसगढ़, असम और दिल्ली भेजा गया. झारखंड में 29464 मतदान केंद्रों के लिए इसीआइएल की तरफ से 195 प्रतिशत अधिक इवीएम और वीवीपैट मशीन भेजी गयी थी.

सभी उपायुक्तों को बूथ स्तर पर जागरुकता कार्यक्रम चलाने का निर्देश

राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की तरफ से सभी जिलों के उपायुक्तों को बूथ स्तर पर मतदान से संबंधित जागरुकता कार्यक्रम चलाने का निर्देश दिया गया है. सभी उपायुक्तों से कहा गया है कि वे मतदान केंद्र, पंचायत भवन, भीड़-भाड़ वाली जगहों पर इवीएम से मतदान करने के तरीके का अधिक से अधिक प्रचार करें. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की तरफ से मतदाताओं के प्रयोग किये गये मताधिकार की संतुष्टि के लिए वीवीपैट मशीन से निकलनेवाली परची के बारे में भी जानकारी देने का निर्देश दिया गया है.

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