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हजार से 1200 रुपये तक मिलने वाली प्रोत्साहन राशि 2018 से पंचायत स्वयंसेवकों को नसीब नहीं

  • अब फिर से आंदोलन की तैयारी में पंचायत सचिवालय स्वयंसेवक
  • अलग-अलग योजनाओं के तहत मिलनी है प्रोत्साहन राशि
  •  ग्रामीण विकास विभाग की ओर से 2016 में नियुक्ति हुई थी

Ranchi: साल 2016 में पूर्व सरकार ने पंचायत सचिवालय स्वयंसेवकों की बहाली की. जिन लोगों को प्रोत्साहन राशि के नाम पर बहाल किया गया, उन्हें साल 2018 से प्रोत्साहन राशि नहीं दी गयी, जबकि एक-एक पंचायत स्वयंसेवक को सरकार दस रुपये से लेकर 1200 रुपये तक ही प्रोत्साहन राशि देती है.

साल 2018 से लगातार पंचायत स्वयंसेवकों ने आंदोलन किया. इसके बाद भी पूर्व सरकार ने इनकी मांगों को पूरा नहीं किया. यहां तक की दो सालों से लंबित प्रोत्साहन राशि भी अब तक नहीं दी गयी है. अब फिर से पंचायत स्वयंसेवक आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं. 27 जनवरी से राज्य स्तरीय पंचायत सचिवालय स्वयंसेवक संघ की ओर से अनिश्चिकालीन हड़ताल की येाजना बनायी है. गत 12 जनवरी को संघ की ओर से विधायकों से समर्थन मांगा गया था.

ग्रामीण विकास विभाग ने की थी नियुक्ति

राज्य में इनकी संख्या 17 हजार 735 है. ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत पंचायत स्वयंसेवकों की नियुक्ति की गयी थी. पंचायत स्वयंसेवकों ने कई बार पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व विभागीय मंत्री के समक्ष अपनी समस्याएं रखी थी. वर्तमान में भी संघ की ओर से प्रोत्साहन राशि की जगह मानदेय देने और बकाया भुगतान के लिये मंत्रियों और विधायकों से वार्ता जारी है. इसके बाद भी बकाया भुगतान नहीं किया गया.अगर इनके प्रोत्साहन राशि की बात करें, तो अलग अलग योजनाओं के तहत इन्हें दस रूपये से लेकर पंद्रह हजार तक दिया जाता है.

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किन योजनाओं से कितना मिलता है

एक प्रधानमंत्री आवास योजना पूरी करने में इन्हें 1200 रूपये मिलते हैं. वहीं अगर नौ महीने से अधिक समय आवास पूरा होने में लगता है तो राशि की कटौती की जाती है. स्वच्छ भारत मिशन के तहत ओडीएफ घोषित पंचायत पर उस क्षेत्र के स्वयंसेवक को 15 हजार रुपये, राशन कार्ड बनाने में दस रुपये, राशन कार्ड से नाम हटाने पर 20 रुपये, वृद्धा और विधवा पेंशन देने में दस रुपये, किसी भी तरह के सर्वे एक परिवार में करने पर 20 रूपये और कृषि सर्वे पर 50 रुपये मिलने हैं. ये प्रोत्साहन राशि राज्य सरकार पंचायत स्वयंसेवकों को देगी.

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40 हजार से डेढ़ लाख तक बकाया

राज्य स्तरीय पंचायत सचिवालय स्वयंसेवक संघ के अध्यक्ष चंद्रदीप कुमार ने बताया 17 हजार 735 पंचायत सचिवालय स्वयंसेवकों को पूर्व सरकार ने बहाल तो किया लेकिन इन्हें प्रोत्साहन राशि 2018 से अब तक नहीं दी गयी. अब बकाया अधिक हो गया है. कुछ ने तो काम भी छोड़ दिया.
इन्होंने बताया कि एक एक पंचायत स्वयंसेवकों के पास सरकार का बकाया लगभग 40 हजार से डेढ़ लाख तक है. अगल-अलग समय में आंदोलन करके इसकी जानकारी दी गयी. लेकिन फिर भी भुगतान नहीं किया.

क्या है इनकी मांग

पंचायत स्वयंसेवकों की प्रमुख मांगें हैं- प्रोत्साहन राशि की जगह मानदेय दी जाये, सरकार उचित मानदेय तय करें, स्थायीकरण हो, बकाया भुगतान किया जायें.
चंद्रदीप ने कहा कि कोरोना के कारण साल 2020 में संघ की ओर से आंदोलन नहीं किया गया. अब स्थिति सामान्य है ऐसे में आंदोलन किया जायेगा.

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