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पालोनजी म‍िस्‍त्री का न‍िधन, शापूरजी पालोनजी ग्रुप के चेयरमैन के पुत्र साइरस म‍िस्‍त्री रह चुके हैं टाटा ग्रुप के चेयरमैन

News Wing Desk
Jamshedpur: देश के अरबपति‍ उद्योगपत‍ि शापूरजी पालोनजी ग्रुप (Shapoorji Pallonji Group) के चेयरमैन पालोनजी मिस्त्री (Pallonji Mistry) नहीं रहे. 93 साल की उम्र में मुंबई में उन्‍होंने अंति‍म सांस ली. नि‍र्माण क्षेत्र के साथ ही कई अन्य क्षेत्रों में कंपनी को बुलंद‍ियों तक पहुंचाने वाले पालोनजी मि‍स्‍त्री के समूह शापूरजी पालोनजी ग्रुप की मौजूदगी इंजीनियरिंग, कंस्ट्रक्शन, इंफ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट, वाटर एनर्जी और फाइनेंस सर्विस के सेक्टर में है. यह समूह 50 हजार से अधिक कर्मचार‍ियों का पर‍िवार है. पालोनजी ग्रुप अमीरों की सूची में दुन‍िया में 143वें नंबर पर है.
गुजरात के पारसी पर‍िवार में जन्‍मे पालोनजी मिस्त्री ने वर्ष 2003 में शादी के जरिए आयरिश नागरिकता ले ली थी. मिस्त्री के परिवार में उनकी पत्नी पात्सी पेरिन दुबाश और चार बच्चे- दो बेटे शापूर मिस्त्री और साइरस मिस्त्री और दो बेटियां लैला मिस्त्री और आलू मिस्त्री हैं . पालोनजी टाटा समूह में सबसे बड़े व्यक्तिगत शेयरधारक थेगुजरात के पारसी पर‍िवार में जन्‍मे पालोनजी मिस्त्री ने वर्ष 2003 में शादी के जरिए आयरिश नागरिकता ले ली थी. मिस्त्री के परिवार में उनकी पत्नी पात्सी पेरिन दुबाश और चार बच्चे- दो बेटे शापूर मिस्त्री और साइरस मिस्त्री और दो बेटियां लैला मिस्त्री और आलू मिस्त्री हैं . टाटा ग्रुप में सबसे बड़े व्यक्तिगत शेयरधारक थे. समूह में उनकी 18.4 फीसदी हिस्सेदारी थी. उनके पुत्र साइरस म‍िस्‍त्री ने रतन टाटा के बाद टाटा समूह के चेयरमैन का ज‍िम्‍मा संभाला था. हालांक‍ि, बाद में कथ‍ित रूप से रतन टाटा से बढ़ती दूरी की वजह से साइरस को समूह के अध्‍यक्ष पद से हटा द‍िया गया. साइरस म‍िस्‍त्री हालांकि‍, आसानी से पीछे हटने को तैयार नहीं हुए और उन्‍होंने लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी. हालांकि‍, सर्वोच्‍च न्‍यायालय से भी न‍िराश हाथ लगने के बाद पीछे हट गए.
1865 में हुई थी शापूरजी पालोनजी समूह की स्‍थापना
आपको बता दें क‍ि शापूरजी पालोनजी समूह की स्थापना 1865 में हुई थी. पिछले साल यानी 2021 में शापूरजी पालोनजी समूह ने अपने कंज्यूमर ड्यूरेबल्स बिजनेस को अमेरिकी प्राइवेट इक्विटी एंड फंड एडवेंट इंटरनेशनल को बेच दिया था. पालोनजी म‍िस्‍त्री को वर्ष 2016 में उद्योग क्षेत्र में योगदान को देखते हुए भारत के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था. पालोनजी म‍िस्‍त्री वर्ष 1947 में कंपनी में शामिल हुए थे और उन्होंने वर्ष 1970 में अबू धाबी, कतर और दुबई सहित मध्य पूर्व में इसके विस्तार का नेतृत्व किया था. मुंबई में र‍िजर्व बैंक आफ इंड‍िया की ब‍िल्‍ड‍िंग बनाने वाले समूह ने वर्ष 1971 में ओमान के सुल्तान के महल और वहां कई मंत्री भवन बनाने का करार क‍िया था.

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