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पलामू से शुरू हुई पलाश यात्रा दिल्ली में संपन्न, केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री को सौंपा गया ज्ञापन

Palamu/ New Delhi: पलामू के लेस्लीगंज कुंदरी से गत 1 जून से शुरू हुई पलाश यात्रा 28 जून को समाप्त हो गयी. पलामू से करीब 1200 किलोमीटर चलने के बाद दिल्ली में ये यात्रा समाप्त हुई.

समापन के बाद चतरा के सांसद सुनील सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावेडकर से मुलाकात की. इस दौरान केन्द्रीय मंत्री को ज्ञापन सौंपा गया और यात्रा के उद्देश्य, पर्यावरण संरक्षण पर विस्तृत रूप से चर्चा की.

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लाह उत्पादन में होनेवाली समस्याओं की दी जानकारी

साथ ही पलामू की पहचान पलाश से लाह के उत्पादन में होनेवाली समस्याओं से केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया गया. इस संबंध में वन विभाग द्वारा की जा रही मनमानी के संबंध में भी केन्द्रीय मंत्री को जानकारी दी गयी.

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केन्द्रीय मंत्री ने पलाश से लाह उत्पादन में आ रही बाधाओं को दूर करने का जहां आश्वासन दिया, वहीं वन विभाग द्वारा की जा रही मनमानी पर अफसोस भी जताया.

केंद्रीय मंत्री द्वारा एशिया फेम कुन्दरी लाह बगान के निरीक्षण एवं सम्पूर्ण विकास के लिए सांसद के साथ जल्द चतरा आने का आश्वासन भी दिया गया. पूर्व में 16वें लोकसभा दौरान सांसद द्वारा उठाये गए प्रश्न अनुच्छेद 377 पर भी चर्चा की गई.

पर्यावरण संरक्षण के लिए पीपल, नीम, बरगद और तुलसी वृक्ष को बढ़ाने हेतु जागरूकता अभियान चलाने की जानकारी दी गयी. साथ ही पर्यावरण को स्वच्छ रखने हेतु समुचित सहायक कदम उठाने सहित पर्यावरण को हो रहे नुकसान एवं बढ़ते जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण को कम करने पर जोर दिया जायेगा.

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साथ ही कहा कि झारखंड, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों में पलाश के वृक्षों की संख्या बहुतायत में है, जिसकी खेती करने से क्षेत्रीय ग्रामीणों को स्वरोजगार उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ पलायन एवं बेरोजगारी की समस्या को कम किया जा सकता है.

क्या है मांग?

ज्ञापन के माध्यम से लाह खेती को लघुवन पदार्थ से हटाकर कृषि वन उपज घोषित करने, क्षेत्रीय ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए वनों के संरक्षण संवर्धन एवं प्रबंधन का अधिकार देने, सरकारी शिक्षा को मजबूती देने के लिए सरकारी विद्यालयों में सरकारी अधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों के बच्चों की शिक्षण अनिवार्य करने, किसानों के परिश्रम से उत्पादित अनाज की बर्बादी को रोकने के लिए सेव ग्रेंस अभियान चलाने, किसानों को खाद, बीज, सिंचाई, बिजली और गोदाम की व्यवस्था सहित अनाजों के उचित मूल्य समय पर व्यवस्था कराने की मांग की गयी है.

कमलेश सिंह, राजेश पाल, ईश्वरी राम, विनोद कुमार और विकास पांडेय सहित अन्य लोगों ने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात की.

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