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पलामू : प्रसव के बाद महिला की मौत, डॉक्टर फरार, घर और क्लिनिक में ग्रामीणों ने जड़ा ताला

Palamu :  पलामू जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डाक्टरों की करतूतों से लगातार मरीजों की मौत हो रही है. ताजा मामला जिले के पाटन प्रखंड अंतर्गत इमली गांव से जुड़ा हुआ है. आरोप है कि यहां प्रसव के बाद एक झोलाछाप डाक्टर ने महिला का जैसे तैसे इलाज किया, जिससे उसकी मौत हो गयी.

महिला की मौत के बाद ग्रामीण और परिजन भड़क गये और कथित चिकित्सक के घर और क्लिनिक में ताला जड़ दिया. घटना के बाद से आरोपी डाक्टर अपने परिवार के साथ फरार है. घटना की सूचना मिलने पर जिले के सिविल सर्जन मौके पर पहुंच गये हैं.

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 मेहता अपनी गाड़ी से उसे इलाज के लिए बिहार ले जाने लगा

मामला पाटन थाना क्षेत्र के किशुनपुर में संचालित मुस्कान अस्पताल से जुड़ा हुआ है. इसका संचालक डॉ उमेश कुमार मेहता बताया जा रहा है. स्थानीय लोगों के अनुसार इमली गांव के नौका टोला निवासी नन्दलाल राम की 24 वर्षीय पत्नी गुड़िया देवी को प्रसव के लिए मुस्कान अस्पताल में भर्ती कराया गया था. आरोप है कि अस्पताल के संचालक कथित डॉ. उमेश मेहता ने प्रसव के लिए 22 हजार रुपये फीस की मांगी.

गरीबी के कारण गुड़िया के परिजन पहले 5 हजार रूपये ही जमा कर पाये. अस्पताल में ही गुड़िया का प्रसव कराया गया.  उसने बच्ची को जन्म दिया, जिसके बाद उसकी (गुड़िया) की हालत बिगड़ने लगी. गंभीर स्थिति को देख आनन-फानन में उमेश मेहता अपनी गाड़ी से उसे इलाज के लिए बिहार ले जाने लगे,  लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गयी.

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उमेश मेहता रास्ते से ही फरार हो गया

बताया जाता है कि गुड़िया की मौत के बाद फोन करने के बहाने आरोपी चिकित्सक उमेश मेहता रास्ते से ही फरार हो गया. बाद में महिला का शव जब गांव पहुंचा तो लोग आक्रोशित हो उठे और आरोपी का घर घेर लिया. लेकिन तब तक घर सारे सदस्य भाग चुके थे. बाद में ग्रामीणों ने क्लिनिक और घर में ताला जड़ दिया. आरोप है कि उक्त चिकित्सक द्वारा फर्जी अस्पताल चलाया जाता है. उसने बिना किसी जांच के प्रसव के लिए गुड़िया का ऑपरेशन कर दिया.

यह भी जा रहा है कि उसके इस गोरख धंधे में उसका बेटा गुलशन कुमार भी शामिल है. मुस्कान अस्पताल में पहले भी कई मरीजों की मौत हो चुकी है, लेकिन आरोप है कि पैसों के बदौलत उमेश मेहता सबकुछ मेनेज करता रहा है. हैरत तो यह है कि किशुनपुर के स्वास्थ केंद्र से लगभग 100 गज की दूरी पर पंचायत सचिवालय के सामने यह अस्पताल मुस्कान क्लीनिक के नाम से संचालित होता है, लेकिन इसके बाद भी स्वास्थ विभाग के अधिकारी इस अस्पताल के संचालन के प्रति उदासीन रहे हैं.

अस्पताल के बाहर लगाये गये बोर्ड में कई तरह की जांच के साथ सुरक्षित प्रसव कराने का भी नोटिस भी लगा हुआ है. बहरहाल समाचार लिखे जाने तक आरोपी चिकित्सक के गिरफ्तारी की कोई सूचना नहीं है. पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी हुई है.

सूचना मिलने पर पाटन पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पीएमसीएच भेज दिया. पुलिस द्वारा आरोपी चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई किये जाने के आश्वासन के बाद आक्रोशित लोग शांत हुए. पाटन के प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. जुबेर अहमद ने भी आरोपी चिकित्सक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के प्रति लोगों को आश्वस्त किया है.

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