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पलामू : पहाड़ बचाने के लिए गोलबंद हुए ग्रामीण, जुलूस निकाल कर किया प्रदर्शन

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

PALAMU :  जिले के पांकी प्रखंड के आसेहार के ग्रामीण लीज की बाद सुन कर उग्र हो गए हैं. आसेहार पंचायत क्षेत्र में पहले से ही दो माइंस संचालित है. एक दो छोटे पहाड़ गांव में मवेशी चरागाह के रूप में मौजूद हैं. उसे भी बाहर से कुछ लोग लीज कराने के उद्देश्य से जांच पड़ताल कर रहे थे. मवेशी चरा रहे कुछ ग्रामीण की नजर उनकी गाड़ी पर पड़ी. पास जाकर उन्होंने पूछा कि आप लोग कौन हैं और क्या कर रहे हैं? इस पर बाहर से आए लोगों ने कहा कि हम लोग इस पहाड़ को लीज कराने आए हैं. यह पहाड़ हमारा होने वाला है. हम सरकार के आदमी हैं. बहुत जल्द ही लीज हो जाएगा, जिसका भी मकान इस पहाड़ के नीचे है. वह सब लोग मकान खाली कर दो और यहां से भाग जाओ.

यह बात धीरे-धीरे गांव में सारे लोगों के बीच फैल गई और सभी लोग आक्रोशित हो गए और पहाड़ के नजदीक वाली बस्ती भैरव टोला में शनिवार की शाम 5 बजे तक हजारों की संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए. जुलूस की शक्ल में मेन रोड होते हुए माइंस तक जाकर विरोध प्रदर्शन किया. दोनों माइंस के काम को ठप करा दिया.

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ग्रामीणों ने माइंस संचालक से बात कर माइंस बंद रखने की बात कही. भविष्य में किसी भी पहाड़ को लीज नहीं होने देने का संकल्प लिया.

खबर मिलने पर आप नेता कौशल किशोर बच्चन जी आंदोलन में शामिल हुए.उन्होंने ने कहा कि एक तरफ सरकार जल, जंगल, जमीन को बचाने का नारा देती है और दूसरी तरफ पूंजीपतियों के हाथों पहाड़ व जंगल को बेचने का काम कर रही हैं. यह सरासर गलत है. नदी पहाड़ ही गांव की एकमात्र संपत्ति है, जिसे किसी कीमत पर बिकने नहीं देंगे.

इस आंदोलन में हम भी ग्रामीण जनता के साथ हैं. चाहे जान भी क्यों न देनी पड़े? किसी कीमत पर पहाड़ लीज नहीं होने देंगे. गांव की सुंदरता इस पहाड़ से ही झलकती है. यह पहाड़ मवेशियों के चरागाह का एक मात्र साधन है. लोग टहलने, मन बहलाने के लिए भी इस पहाड़ में घूमने फिरने जाते हैं. पर्यटन के रूप में हमारा गांव काफी सुंदर है. सुंदरीकरण कर पहाड़ पर पर्यटन के लिए पार्क विकसित करने के साथ-साथ मनोरंजन के लिए अच्छा साधन हो सकता है.

मुखिया देव सागर राम ने कहा कि पहाड़ लीज होने से गांव को कोई फायदा नहीं है. 5 साल से पहाड़ लीज है. अभी तक गांव में कोई भी विकास का काम नहीं हुआ. सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है. रॉयल्टी का जो पैसा कटा है. उससे गांव में विकास का काम होगा, लेकिन यह सिर्फ सुनने और कहने की बात रह गई है. पहाड़ की रॉयल्टी एक नया पैसा का भी काम हमारे गांव में नहीं हुआ है.

स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सतीश कुमार ने कहा कि दिन-रात माइंस में काम होने के कारण बच्चों की शिक्षा पर भी बुरा असर पड़ रहा हैं. दिन रात ठक ठक की आवाज से पढ़ाई में काफी परेशानी होती है.

पंसस सरिता देवी ने कहा कि माइंस की ब्लास्टिंग से मकान में दरारे पड़ गई है. गांव के मकानों की लाइफ कम हो गई है. दिन रात डस्ट उड़ने से स्वास्थ पर भी बुरा हाल रहता है.

विरोध प्रदर्शन में सतीश कुमार, एकराम अंसारी, आलमतब अंसारी, सरिता देवी, वासुदेव रवि, राजदेव रवि, मिथिलेश गिरी, अरविंद गुप्ता, संजय गुप्ता, अक्षय कुमार, नीरज कुमार, प्रवेश मोची, मंटू प्रसाद, सुरति कुंवर, सुनीता देवी, मीना देवी, कलावती देवी, बौधी देवी, धनो देवी, किस्मतीया देवी, रुपनी देवी, शांति देवी, सोहराई भुइयां, राजेंद्र भुइयां, कमेश भुइयां, उमेश भुइयां, राजन कुमार, वीर भुइयां, रामजन्म भुइयां, अजय भुइयां आदि शामिल थे.

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