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पलामू: एमआर एमएमसीएच में कोरोना से दो मरीजों की मौत पर मारपीट के बाद हंगामा, दो गिरफ्तार

Palamu : मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक बार फिर कोविड-19 के दो मरीजों की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ. स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मारपीट की गयी और तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया गया. घटना के बाद कुछ देर के लिए स्वास्थ्यकर्मी हड़ताल पर रहे. बाद में सभी काम पर लौट गये. घटना के बाद छानबीन के दौरान 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

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अन्य की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है. विदित हो कि पिछले 8-10 दिनों के दौरान एमएमसीएच के कोविड-19 वार्ड में मरीजों की मौत के बाद स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मारपीट की यह तीसरी घटना सामने आई है. लगातार इस तरह की घटना सामने आने पर जहां सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं, वही व्यवस्था की पोल खुल रही है. ऐसी घटनाओं पर नियंत्रण नहीं लगा तो किसी दिन बड़ा हादसा देखने को मिल सकता है.

जानकारी के अनुसार बुधवार की सुबह 4 बजे एमआर एमएमसीएस के कोविड-19 वार्ड में एक-एक करके 2 अधेड़ मरीजों की मौत हो गयी. एक मरीज सदर थाना क्षेत्र के बड़कागांव का रहने वाला था. उसकी उम्र करीब 50 वर्ष के आसपास थी, जबकि दूसरे मरीज की उम्र 55 वर्ष थी और वह जिले के पाटन थाना क्षेत्र के रबदी का रहने वाला था.
मरीजों की मौत के बाद उसके परिजन आक्रोशित हो गये और इलाज में लापरवाही करने का आरोप लगाकर जमकर हंगामा शुरू कर दिया. आरोप है कि इस दौरान स्वास्थ्यकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट भी की गयी. अस्पताल में तोड़फोड़ की गयी.

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इधर, परिजनों का आरोप है कि मरीज की हालत गंभीर थी. डॉक्टर उसकी इलाज के लिए नहीं पहुंचे थे. परेशान होकर डॉक्टरों की तलाश में सभी लोग जुटे हुए थे. बावजूद उनसे मुलाकात नहीं हुई. इसी बीच उसके मरीज की मौत हो गयी. परिजनों ने कहा कि जिला प्रशासन लगातार यह दावा करते आ रहा है कि एमएमसीएच के कोविड-19 पूरी व्यवस्था सिस्टमैटिक हो गयी है, जबकि इसकी जमीनी हकीकत कुछ और है. समय से इलाज नहीं किया जाता है और इलाज के लिए कहा जाता है तो डॉक्टर से लेकर नर्सिंग स्टाफ लगातार लापरवाही बरतते रहते हैं. नतीजा मरीजों की इलाज के अभाव में मौत हो जाती है.

मारपीट से आहत स्वास्थ्य कर्मचारी हड़ताल पर चले गये. सूचना मिलने पर सदर एसडीओ राजेश शाह, सीएस डॉ अनिल श्रीवास्तव, डीपीएम दीपक कुमार, शहर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अरुण कुमार महथा मौके पहुंचे और मामले को सुलझाने की कोशिश की, लेकिन नर्सिंग स्टाफ ने उनकी एक न सुनी. नर्सिंग स्टाफ की ओर से बताया गया कि कोविड-19 की वजह से हर दिन मौत हो रही है. 8 दिनों के दौरान मौत के बाद हंगामा और मारपीट की यह तीसरी घटना है. ऐसी स्थिति में इलाज करना जोखिम भरा है. कोरोना संक्रमण की जो स्थिति है, उससे मरीजों की मौत निश्चित तौर पर हर दिन दो तीन की हो रही है. ऐसे में हंगामा, मारपीट और तोड़ फोड़ से उन्हें भारी नुकसान पहुंचता है.

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कंसेशन फॉर्म भरने के बाद मरीजों को भर्ती लेने के आश्वाशन पर माने स्वास्थ्यकर्मी

बातचीत के क्रम में पलामू डीपीएम दीपक कुमार ने स्वास्थ्य कर्मियों को समझाने का प्रयास किया. इस दौरान कन्फेशन फॉर्म भरने के बाद कोविड-19 के मरीजों को भर्ती लेने की मांग की गयी. सहमति बनने के बाद सारे हड़ताली स्वास्थ्य कर्मचारी काम पर लौट गये.

जिले के प्रभारी सिविल सर्जन डॉ अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि बताया कि ऐसी घटना पिछले 8-10 दिनों में तीन बार हो चुकी है. परिजनों को नियंत्रित रहना चाहिए. हम और हमारा पूरा स्टाफ इस पूरे प्रयास में लगा है कि इस महामारी से किसी की मौत ना हो.

आज है अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस

आज अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस है. यह दिन प्रत्येक वर्ष 12 मई को मनाया जाता है. इस दिन नर्सों का सम्मान किया जाता है, लेकिन एमएमसीएच के कोविड-19 में तैनात नर्सों के लिए यह दिन मनहूस साबित हुआ. इसके पीछे वजह बनी महामारी कोरोना. कोविड-19 वार्ड में एक संक्रमित मरीज की मौत के बाद परिजनों ने नर्सों को लात, घुसो एवं डंडो से पिटाई कर दी.

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