न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

#Palamu: जुगाड़ से बना डाली इलेक्ट्रिक स्कूटी, पहले भी कर चुके हैं कई अविष्कार

839

Dilip Kumar

Palamu: कुछ कर गुजरने की तमन्ना हो तो तमाम मुश्किलें आड़े नहीं आतीं. इसी सोच को सच कर दिखाया है पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर नगर निगम क्षेत्र के शाहपुर निवासी वहाब खलीफा के पुत्र मो जुनैद ने.

Aqua Spa Salon 5/02/2020

अपनी कल्पनाशीलता से कई तरह के अविष्कार कर चुके मो जुनैद ने बढ़ते प्रदूषण और असंतुलित होते पर्यावरण को देखते हुए जुगाड़ से बैट्री से चलने वाली इलेक्ट्रिक स्कूटी बनाकर सबको हैरत में डाल दिया है.

जुनैद छोटी-मोटी प्राइवेट नौकरी कर अपना और अपने परिवार का भरन-पोषण करते हैं, इस कारण ना उसके पास पर्याप्त समय रहता है और ना ही पैसा.

बावजूद इसके वे लगातार अपनी सोच को आकार देने में लगे हैं. जुनैद में जुगाड़ से इकट्ठा किये गये सामानों से नयी-नयी चीजें बनाने की जिज्ञासा और उत्सुक्ता है.

वैसे तो अपने बहुत सारे डिवाइस और उपकरण तैयार कर अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित किया है, लेकिन हाल में उसके द्वारा बनायी गयी बैट्री से चलने वाली इलेक्ट्रिक स्कूटी चर्चा का विषय बनी है.

इसे भी पढ़ें : बगैर काम लिये 77 मजदूरों के नाम पर कर ली गयी तीन लाख 70 हजार 829 की फर्जी निकासी

Gupta Jewellers 20-02 to 25-02

हर तरफ जुनैद की स्कूटी के चर्चे

इस इको फ्रेंडली स्कूटी को लेकर जुनैद जिस रास्ते से गुजरते हैं, वहां भीड़ इकट्ठा हो जाती है. बच्चे, बूढ़े, युवा सभी इस स्कूटी के दीवाने हो गये हैं. हर कोई एक बार इस स्कूटी की सवारी करना चाहता है.

उपायुक्त ने किया उद्घाटन, ईनाम भी दिया

स्कूटी बनाने के बाद जुनैद ने इसका उद्घाटन जिले के उपायुक्त डॉ शांतनु कुमार अग्रहरि से कराया. उपायुक्त ने ना सिर्फ स्कूटी का उद्घाटन किया, बल्कि वे जुनैद की प्रतिभा से इतने प्रभावित हुए कि 501 रुपये का नगद पुरस्कार देकर प्रोत्साहित भी किया.

इससे पहले उपायुक्त डॉ अग्रहरि जुनैद द्वारा बनाये गये तीन चक्के वाली अनोखी साइकिल को देखकर हैरत में पड़ गये थे और उसकी तारीफ करते हुए उसे 1001 रुपये का नगद पुरस्कार देकर हौसला बढ़ाया था.

जुनैद का क्या है कहना? 

मो जुनैद बताते हैं कि वर्तमान समय भागदौड़ भरा है. पर्यावरण का संकट पूरा विश्व झेल रहा है. आर्थिक बचत की सोच हर किसी को है.

ऐसे में उन्होंने आर्थिक बचत और पर्यावरण सुरक्षा को ध्यान में रखकर इस स्कूटी का निर्माण किया है.

इसे भी पढ़ें : 45 हजार तक एडमिशन फीस, 2-3 हजार मंथली फीस, फिर भी बच्चों की कोचिंग का बाजार गर्म…

स्कूटी की हैं कई खूबियां

#Palamu: जुगाड़ से बना डाली इलेक्ट्रिक स्कूटी, पहले भी कर चुके हैं कई अविष्कार
जुनैद को प्रोत्साहित करते डीसी डॉ शांतनु कुमार अग्रहरि.
Related Posts

#Giridih: गाड़ी खराब होने के बहाने घर में घुसे अपराधियों ने लूटे ढाई लाख कैश व 50 हजार के गहने

धनवार के कोडाडीह गांव की घटना, तीन दिन पहले ही गृहस्वामी ने बेची थी जेसीबी

जुनैद ने बताया कि उसकी इलेक्ट्रिक स्कूटी में पैडल भी लगा हुआ है. किसी स्थिति में अगर चार्ज खत्म हो जाये तो पैडल रहने से लोग कहीं फंसेगे नहीं, बल्कि साइकिल की तरह चलाते हुए निकल जायेंगे.

स्कूटी टू सीटर है और इसकी स्पीड 18 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे है. मार्केंट में उपलब्ध अन्य स्कूटी से आधी कीमत 16 हजार पर उसकी स्कूटी मिलेगी. स्कूटी में फिलहाल दो बैट्री लगी है.

चार बैट्री लगाने पर और एक बार चार्ज करने के बाद 40 किलोमीटर तक आसानी से चल सकेगी. इसमें चार्जर प्वाइंट भी लगाया गया है, जिससे मोबाइल भी चार्ज किया जा सकता है.

जुनैद ने इस स्कूटी का भी नाम जेएसएन रखा है और वह अपनी इस इजाद से बेहद खुश हैं.

विद्यार्थियों को खूब पसंद आयेगी स्कूटी 

मो जुनैद ने बताया कि स्कूटी की कम कीमत और फायदे अनेक रहने से खासकर विद्यार्थियों को उनका यह अविष्कार काफी पसंद आयेगा.

वे कोचिंग, स्कूली और कॉलेज जाने में इस स्कूटी का बेहतर इस्तेमाल कर सकते हैं. आगे वाले हिस्से में एलइडी लगी है, जबकि उसके नीचे कैरियर भी लगा है, जिसमें कुछ सामान भरकर लाया जा सकता है.

अबतक मिले पांच ऑर्डर 

उन्होंने बताया कि बहुत जल्द यह स्कूटी वे बाजार में उतारने वाले हैं, लेकिन आर्थिक समस्या उनके राह में रोड़े अटका रही है. बावजूद वे अपने प्रयास को पंख देने में लगे हैं.

सोशल मीडिया पर उनकी स्कूटी की तस्वीर वायरल होने के बाद जुनैद को इसके लिए आर्डर मिलने लगे हैं. अबतक पांच लोगों ने स्कूटी का आर्डर दिया है.

जुनैद ने कहा कि अगर कोई यह स्कूटी खरीदना चाहे तो वे 8825391617 और 8102894059 पर उनसे संपर्क कर सकते हैं.

अब तक नहीं मिली कोई मदद

मो जुनैद अपनी प्रतिभा से शासन-प्रशासन, समाज सबको लगातार चैंकाता रहा है, लेकिन आर्थिक विपन्नता से कुंठित होती उसकी प्रतिभा को अब तक किसी स्तर से संरक्षण नहीं मिला है.

जुनैद की प्रतिभा को राष्ट्रीय फलक तक ले जाने की कोशिश आज तक ना तो तथाकथित नागरिक संगठनों ने की है और न ही उसे आज तक सरकारी स्तर पर ही कोई मदद मिली है.

पिछली बार जब मो. जुनैद ने सोलरचालित मिनी कार का अविष्कार किया था तो राज्य की पूर्व समाज कल्याण मंत्री डॉ लुइस मरांडी ने उसकी प्रतिभा के सम्मान में कई कसीदे पढ़े थे. यहां तक कि उन्होंने जुनैद की कल्पनाशीलता में रंग भरनें का भरोसा भी दिया था, लेकिन वह भरोसा आज तक कोरा ही है.

अगली बार टी सीटर प्लेन बनायेंगे जुनैद  

मो जुनैद की जिज्ञासा यहीं खत्म नहीं हुई है. वे इस स्कूटी के बाद टू सीटर प्लेन बनाने की सोच रखते हैं. हालांकि यह प्रोजेक्ट काफी महंगा है. मो जुनैद ने बताया कि इसमें करीब एक लाख रुपये खर्च होंगे.

कुछ लोगों से उनकी बात हुई है. जिले के उपायुक्त डॉ शातनु कुमार अग्रहरि ने उन्हें भरोसा दिलाते हुए कहा है कि अगर वह प्लेन बना लेता है तो उसे उड़ाने का लाइसेंस देंगे.

मो जुनैद कहते हैं कि सरकार अगर उसे आर्थिक मदद दे तो ऐसे प्रोजेक्टों को वे शीघ्र पूरा कर सकते हैं.

इसे भी पढ़ें : लाखों रुपये में होनेवाली प्लास्टिक सर्जरी रिम्स में हो रही मुफ्त, 40 मरीजों की हो चुकी है सफल सर्जरी

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like