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पलामू: सेंट्रल जेल से रिहा किये गये दो कैदी, हत्या मामले में काट चुके हैं उम्रकैद

Palamu: पलामू जिले के मेदिनीनगर सेंट्रल जेल से रविवार को दो कैदियों को रिहा किया गया. दोनों कैदी उम्र कैद की सजा काट चुके थे और उनका आचरण भी बेहतर था. कैदियों में एक देवघर के और एक गढ़वा जिले के हैं. मालूम हो कि गत 20 मार्च को इसी तरह गढ़वा के एक कैदी को छोड़ा गया था.

कैदियों को किया गया सम्मानित

कैदियों को भेजने से पहले मेदिनीनगर सेंट्रन जेल में उन्हें सम्मानित किया गया. जेल सुपरिटेंडेंट प्रवीण कुमार ने दोनों को शॉल ओढ़ाया. प्रमाणपत्र दिया और शपथपत्र पढ़ाया. गढ़वा के कैदी की उम्र 71 वर्ष है जबकि देवघर के कैदी की उम्र 35 वर्ष है. तीनों हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट चुके थे.

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 प्रस्ताव में भेजा गये थे 16 कैदियों के नाम

मेदिनीनगर सेंट्रल जेल के 16 कैदियों के नाम प्रस्ताव में भेजे गये थे. जिसके बाद राज्य सरकार ने तीन कैदियों को छोड़ने का आदेश दिया था. तीनों में एक को 20 मार्च को रिहा किया गया था. जबकि दो लोगों को रविवार को रिहा किया गया.

जेल सुपरिटेंडेंट प्रवीण कुमार ने बताया कि मेदिनीनगर सेंट्रल जेल के 16 कैदियों के नाम प्रस्ताव में भेजे गये थे. जिसके बाद राज्य सरकार ने तीन कैदियों को छोड़ने का आदेश दिया. तीनों कैदियों में एक को 20 मार्च को ही छोड़ दिया गया जबकि दो लोगों को रविवार को छोड़ा गया. रिहा किये गये तीनों कैदियों में गढ़वा के रंका निवासी मोहन यादव और मझियाव के रामनाथ चौधरी और देवघर के मधुपुर के सुधीर महतो हैं. वहीं आज रिहा किये गये दोनों कैदियों को प्रमाणपत्र दिया गया और शपथ पत्र पढ़ाया गया. कैदियों से बेहतर जीवन जीने की अपील की गयी है.

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बेहतर जीवन जीने का किया वादा

कैदियों ने जेल प्रशासन से समक्ष यह आश्वासन दिया है कि अब वह अपनी जिंदगी में कभी भी कोई गलत काम नहीं करेंगे और मुख्य धारा से जुड़ कर परिवार व समाज के लिए उन्नति का प्रयास करेगें. रिहा किये गये दोनों कैदियों को उनके घर तक भेजने की व्यवस्था जेल प्रशासन के द्वारा की गयी थी. हालांकि मौके पर कैदियों के परिजन पहुंचे और उन्हें अपने साथ ले गये.

गौरतलब है कि झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण परिषद द्वारा राज्य सरकार के पास सजायाफ्ता कैदियों को रिहा करने के लिए अनुशंसा आ जाने के बाद सभी को रिहा करने का आदेश दिया गया था.

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