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पलामू : दो ट्रैक्टर में फंसी तीन छात्राएं, एक की मौत

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Palamu : पलामू जिला अंतर्गत विश्रामपुर शहरी क्षेत्र में गुरुवार की दोपहर उस समय चीख पुकार मच गयी, जब तीन छात्राएं दो ट्रैक्टरों के बीच हादसे के बाद फंस गयी. इसमें कक्षा आठ की एक छात्रा की मौत हो गयी. जबकि दो छात्राएं जीवन और मौत के बीच जूझ रही हैं. दोनों ट्रैक्टरों पर ईंट भरी हुई थी. हादसे के बाद सभी छात्राएं बुरी तरह दबी नजर आ रही थीं. ग्रामीणों की मदद से किसी तरह उन्हें बाहर निकाला गया और इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिश्रामपुर में भर्ती कराया गया.

चालक ट्रैक्टर छोड़कर हुए फरार

विश्रामपुर-पांडू मुख्यपथ पर गड़ेरिया टोला के समीप गुरुवार की दोपहर करीब तीन बजे विपरीत दिशा से आ रहे दो ट्रैक्टरों की चपेट में आने से एक ही परिवार के एक बच्ची की मौत हो गयी है, जबकि दो गंभीर रुप से घायल हैं. घटना के बाद दोनों ट्रैक्टर को घटनास्थल पर ही छोड़कर चालक फरार हो गए है. पुलिस मौके पर पहुंचकर ट्रैक्टर को अपने कब्जे में ले लिया है और मामले की छानबीन में जुट गयी है.

स्कूल से आकर बगल की दुकान पर जा रही थीं छात्राएं

परिवार के लोगों ने बताया कि स्कूल से लौटकर तीनों छात्राएं 12 वर्षीय खुशी कुमारी उर्फ गुनगुन (मृतका), छह वर्षीय मनीषा और 11 वर्षीय खुशबू कुमारी बगल की दुकान में जा रही थीं. इसी बीच सड़क पार करने के दौरान तेज गति से विपरीत दिशा से आ रहे दो ट्रैक्टरों की चपेट में वे आ गयीं. स्थानीय लोगों की मदद से तीनों बच्चियों को किसी तरह निकाला गया. बाद में उन्हें सीएचसी में लाया गया, जहां डॉक्टर ने गुनगुन को मृत घोषित कर दिया. वहीं मनीषा और खुशबू का इलाज हो रहा है.

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कक्षा आठ की छात्रा थी गुनगुन

गुनगुन संत जोसेफ स्कूल में कक्षा आठ में पढ़ती थी, जबकि घायल मनीषा एलकेजी और खुशबू छठी कक्षा की छात्रा है. तीनों बच्चियां में गुनगुन और मनीषा गड़ेरिया टोला निवासी देववंश प्रजापति की पुत्री हैं, जबकि खुशबू बंधु प्रजापति की बच्ची है.

अधिक ट्रिप करने के चक्कर में होती हैं दुर्घटनाएं  

स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना चालक की लापरवाही से हुई है. ट्रिप अधिक करने के कारण ट्रैक्टर के चालक काफी तेज गति से घनी आबादी वाले क्षेत्रों में भी वाहन चलाते हैं. लोगों का यह भी आरोप है कि अधिकतर ट्रैक्टरों पर नवसिखिए चालक रहते हैं, जिनके पास गाड़ी चलाने का न तो कोई अनुभव होता है और न ही लाइसेंस रहता है. ऐसे वाहन चालकों पर ना तो परिवहन विभाग की रोक लगा पती है और ना ही स्थानीय प्रशासन.

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