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पलामू : बाल सुधार गृह से भागे तीनों बच्चे बरामद, DC ने 24 घंटे में मांगी रिपोर्ट

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Palamu: पलामू के बाल सुधार गृह से बच्चों के भागने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. इसी दौरान मंगलवार देर रात बाल सुधार गृह से फिर 3 बच्चे फरार हो गये. तीनों बच्चे के भागने के बाद सभी की खोजबीन शुरू कर दी गयी थी.

जिसके बाद बुधवार की सुबह फरार हुए तीनों बच्चों को सदर थाना क्षेत्र के सिंगरा गांव से बरामद कर लिया गया. गौरतलब है कि पिछले 10 दिनों में बाल सुधार गृह से बच्चों की भागने की यह दूसरी घटना है.

10 दिनों में दूसरी बार भागे बच्चे

पिछले 10 दिनों में बाल सुधार गृह से दूसरी बार बच्चे भागे हैं. इससे पहले 6 अगस्त को बाल सुधार गृह से 3 बच्चे भागे थे, जिन्हें ढूंढा नहीं जा सका है. जिसके बाद मंगलवार देर रात तीन बच्चे और भाग गये. लेकिन समय रहते इन सभी को पकड़ लिया गया.

जिस तरह से लगातार बाल सुधार गृह से बच्चों के भागने का सिलसिला जारी है इससे बाल सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा हो रहे हैं. वहीं, बाल सुधार गृह से बच्चों के भागने के मामले पर सीडब्ल्यूसी ने संज्ञान लिया है.

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दीवार फांद कर भागे थे सभी बच्चे

जानकारी के अनुसार बाल सुधार के अधिकारियों का कहना है कि बच्चे रात 11 बजे तक बाल सुधार गृह में थे और गार्ड जगा हुआ था. इसके बाद रात 12 बजे के करीब तीनों बच्चे फरार हुए थे.

बच्चे बाल सुधार गृह की दीवार को फांदकर फरार हुए थे. तीनों बच्चो को सीडब्ल्यूसी ने कुछ महीने पहले ही बाल सुधार गृह को सौंपा था. उल्लेखनीय है कि बच्चों के माता पिता की जानकारी बाल सुधार गृह के पास नहीं है.

ट्रैक्टर के ट्राॅली में छिपे हुए थे बच्चे

बाल गृह से मंगलवार रात भागने के बाद सारे बच्चे डालटनगंज रेलवे स्टेशन पहुंचे. यहां ट्रेन में सवार होकर कजरी तक गए. तीनों कजरी स्टेशन पर उतर गए और वहां से पैदल सिंगरा तरफ आ गए. रात में इसी गांव में लगे ट्रैक्टर की बड़ी ट्राॅली में सारे बच्चे छिप गए. सुबह होने पर ग्रामीणों ने उन्हें देखा और सदर थाना पुलिस को इसकी जानकारी दी.

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सदर-शहर पुलिस ने किया बरामद

सूचना मिलने पर शहर और सदर पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चों को बरामद कर शहर थाना ले आयी. यहां बच्चों को कुछ खाने-पीने के सामन दिये गये. बाद में बाल गृह से भागने की जानकारी लेने पर बच्चों द्वारा चौंकाने वाला खुलासा किया गया.

बच्चों ने बताया कि उन्हें भूखा पेट रखा जाता है. घास और झाड़ी साफ करने के काम में लगाया जाता है. मंगलवार सुबह उन्हें घास काटने का निर्देश दिया गया था और फिर रात में उन्हें भूखा रखा गया. बाल गृह में उन्हें परेशान किया जाता है. वहां दिलीप नाम का युवक उनकी पिटायी करता है और भरा-बुरा कहता है, जो उन्हें अच्छा नहीं लगता. लगातार परेशानी झेलने के कारण उन्होंने भागना मुनासिब समझा.

उपायुक्त ने बनायी जांच कमिटी, 24 घंटे में मांगी रिपोर्ट

पलामू बाल गृह से बच्चों के भागने की दूसरी घटना सामने आने पर जिला के उपायुक्त डा. शांतनु कुमार अग्रहरि ने मामले को गंभीरता से लिया है. उपायुक्त ने डीएसडब्लू नीता चौहान और सीडब्लूसी की एक संयुक्त टीम बनायी है. टीम को 24 घंटे में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है. उपायुक्त के निर्देश के बाद दोनों विभागों की टीम मामले की जांच में जुट गयी है.

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