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पलामू : 15 से शुरू होगा ऐतिहासिक बेतला महोत्सव – 2

एक माह तक गूंजगी सांस्कृतिक गतिविधियां

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Palamu : कला एवं साहित्य का संगम ऐतिहासिक बेतला महोत्सव टू की शुरूआत आगामी 15 दिसंबर से होगी. बेतला महोत्सव समिति के तत्वावधान में 15 दिसंबर से 20 जनवरी 2019 तक चले वाले इस कार्यक्रम में कई प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जायेगी.

कला दिखाने का मिलेगा अवसर

पलामू प्रमंडल के मेदिनीनगर, लातेहार एवं गढ़वा के अलावा आसपास के कई गांवों और कस्बों के कई स्कूल भी बढ़-चढ़कर इसमें हिस्सा ले रहे हैं. प्रतियोगिता के सफल नन्हें कलाकारों के लिए बेतला में दो दिनी कला शिविर का आयोजन किया जाएगा. जिसमें बाहर से आने वाले दक्ष कलाकारों द्वारा नन्हें कलाकारों को कला की बारिकियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा.

कलात्मक विकास पर जोर

शिविर में खास तौर पर बच्चों के कलात्मक विकास को बढ़ाने के लिए जोर दिया जा रहा है. इसके अलावा कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए लेखन प्रतियोगिता आयोजित की जायेगी, जिसमें सफलता अर्जित करने वाले विद्यार्थियों के लेख को प्रकाशित किया जायेगा.

16 दिसंबर को होगा भित्ती चित्रण

बेतला महोत्सव समिति के संयोजक राजेश पांडेय, इप्टा के प्रदेश सचिव उपेंद्र मिश्रा, पंकज श्रीवास्तव व अजीत पाठक ने संयुक्त रूप से पत्रकारों को बताया है कि 16 दिसंबर को भीत्ती चित्रण का आयोजन किया जायेगा. जिसमें शहर के छोटे-बड़े कलाकार अपने हुनर से शहर को रंगीन बनाने की कोशिश करेंगे. महोत्सव का मुख्य आयोजन 17 जनवरी को बेतला में एवं 19 तथा 20 जनवरी को मेदिनीनगर में किया जायेगा.

बताया गया कि इस बेतला महोत्सव के आयोजन में चेस आर्ट फाउन्डेशन, इप्टा, नयी संस्कृति सोसाइटी, कशिश आर्ट, करण प्रकाशन, अवार्ड संस्था, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के साथ-साथ प्रेम भसीन, नैयर जमाल, वंदना श्रीवास्तव एवं आशा जी सहयोगी है. वक्ताओं ने कहा कि बेतला महोत्सव के पहले संस्करण की सफलता के बाद कलाकार एवं साहित्यकारों के आग्रह पर समिति द्वारा यह महोत्सव दूबारा आयोजित करने का निर्णय लिया गया है.

कला एवं साहित्य का संगम है महोत्सव

यह महोत्सव कला एवं साहित्य का संगम है, जिसके माध्यम से कला के सभी क्षेत्र के कलाकारों को एक प्लेटफॉर्म देने की कोशिश होती है. इस महोत्सव में साहित्य, पेंटिंग, नृत्य, लोकगान, पारंपरिक संगीत, नाटक, भित्ति चित्रण, कवि सम्मेलन एवं कार्यशाला के साथ-साथ कई और कार्यक्रम आयोजित होते हैं. महोत्सव में बाहर के कलाकारों के साथ-साथ झारखंड के कई कलाकार हिस्सा लेंगे. कहा गया कि उपेक्षित कला एवं कलाप्रेमियों को इस मंच से जोड़ने की पूरी कोशिश की जा रही है. मौके पर साहित्यकार हरिवंश प्रभात, कलाकार प्रेम भसीन, वंदना श्रीवास्तव एवं अमर चक्र उपस्थित थे.

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