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पलामू: मुख्यमंत्री ने की पलामू-गढ़वा में संचालित योजनाओं की समीक्षा

Palamu: एक दिवसीय दौरे पर पलामू पहुंचे सूबे के मुखिया हेमन्त सोरेन ने पुलिस लाइन स्टेडियम में पदाधिकारियों के साथ बैठक कर पलामू एवं गढ़वा जिले में संचालित विकास योजनाओं के प्रगति की समीक्षा की. मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण यदि किसी पदधिकारी के पास आए तो आप उनसे अवश्य मिले एवं उनकी समस्याओं को सुनकर उसे निष्पादित करें। मुख्यमंत्री ने सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन, मुख्यमंत्री पशुधन विकास, सर्वजन पेंशन, केसीसी, मनरेगा, प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति, रिवेन्यू कोर्ट, ऑनलाइन मोटेशन एवं विधि व्यवस्था की गहन समीक्षा की.

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ प्रखंडों में इन योजनाओं में अपेक्षित विकास नहीं हुआ है. लोगों तक योजनाएं या तो उनको जागरूक करने अथवा किसी और वजह से नहीं पहुंच पाई है, पदाधिकारी उन सभी त्रुटियों को दूर करने का काम करें एवं 31 दिसंबर तक सभी को कैम्प लगाकर अथवा ड्राईव चलाकर योजनाओं से अक्षादित करने का काम करें.

उन्होंने कहा कि पशुओं के व्यापार में पलामू जिले में पशुतस्कर कह कर मॉबलिंचिंग के मामले आये हैं. इस तरह के मामलों को रोकने का काम करें. मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई ऐसा अपराध करता है वो दंड के योग्य है लेकिन इस तरह के अफवाह में पशु व्यापार को हानि नहीं पहुंचानी है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांट्रेक्ट पर कार्य कर रहे स्वयं सेवक, जल सहिया आदि को मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना से जोड़ें जिससे उनका भी विकास हो. ऐसा न हो कि वे केवल पदाधिकारियों के लिए न्यूनतम वेतन पर कार्य करते रह जाएं.

मुख्यमंत्री ने सर्वजन पेंशन के क्षेत्र में दोनों जिले के बेहतर प्रदर्शन को सराहा. साथ ही उन्होंने कहा कि एकल महिलाओं एवं दिव्यांगजानो को भी इससे अक्षादित करने का काम करें. उन्होंने कहा कि ड्राइव चलाकर एकल महिलाओं एवं अनाथ बच्चों को एक साथ टैग करने का काम करें, जिससे बच्चे को घर जैसा माहौल मिल सके एवं उस एकल महिला को ही अनाथ बच्चे को मिलने वाली सहायता राशि एवं एकल महिला पेंशन दिया जाए जिससे उनका विकास हो सके.

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर गाँव में श्रम आधारित कमसे कम 5 योजना मनरेगा के अन्तर्गत मानव दिवस सृजित कर करें, जिससे गाँव के लोगों को उनके आसपास ही काम मिल जाये उन्हें काम के लिए पलायान करने से रोक जा सके. मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑनलाइन मोटेशन ससमय निष्पादित करें.

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने विधि व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि गढ़वा जिले के बूढापहाड़ क्षेत्र में नक्सलियों की समस्या को खत्म करने के लिए उस क्षेत्र का विकास करना है वहां के सड़कों का सुदृढ़ीकरण हेतु छत्तीसगढ़ सरकार एवं केंद्र सरकार के साथ समन्वय स्तापित कर कार्य किया जाएगा. उन्होंने पत्थर एवं बालू के अवैध खनन को रोकने के लिए पदाधिकारियों को निर्देशित किया. जो यह व्यवसाय करना चाहते हैं उनका लीज बनवाएं, तस्करों पर लीगल एक्शन लें. विधि व्यवस्था के बारे में दोनों जिलों के पुलिस अधीक्षक ने अपने अपने जिलों में अपराध, अपराधी और उनपर हुए करवाई के विषय पर मुख्यमंत्री को विस्तृत रूप से जानकारी दी. दोनों जिलों में इसकी स्थिति पहले से बेहतर है.

मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने कहा कि बालू और पत्थर के अवैध खनन में सम्मलित लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने में कदापि नहीं हिचके.

बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के मंत्री बादल पत्रलेख, विश्रामपुर के विधायक रामचंद्र चंद्रवंशी, डालटनगंज के आलोक चौरसिया, पांकी के विधायक कुशवाहा डॉ. शशिभूषण मेहता, छतरपुर की पुष्पा देवी, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव प्रशांत कुमार, योजना एवं विकास विभाग के सचिव अमिताभ कौशल, डीजीपी नीरज सिन्हा, पुलिस महानिरीक्षक अभियान ए.बी. होमकर, पलामू आयुक्त जटा शंकर चौधरी, डीआईजी राजकुमार लकड़ा, पलामू उपायुक्त आंजनेयुलू दोड्डे, पुलिस अधीक्षक चंदन कुमार सिन्हा, गढ़वा उपायुक्त रमेश घोलप, पुलिस अधीक्षक अंजनी कुमार झा सहित पलामू एवं गढ़वा जिले के प्रशासनिक पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे.

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