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 पलामू: युवक के अपहरण का मामला झूठा निकला, पुलिस की जांच में सच से उठा पर्दा

पलामू जिले के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत प्रतापपुर गांव निवासी अखिलेश यादव के पुत्र रंजीत यादव के अपहरण मामला अफवाह निकला.

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Daltonganj ; पलामू जिले के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत प्रतापपुर गांव निवासी अखिलेश यादव के पुत्र रंजीत यादव के अपहरण मामला अफवाह निकला.  रंजीत के मामा सरयू यादव द्वारा हुसैनाबाद थाना में गत 13 अगस्त को सोची समझी साजिश के तहत पुरानी दुश़्मनी के कारण गांव के ही कुछ लोगों पर अपहरण करने का मामला दर्ज कराया था. लेकिन पुलिसिया जांच के बाद सच सामने आया. रंजीत को बरामद कर उससे पूछताछ की जा रही है. हुसैनाबाद के एसडीपीओ मनोज महतो ने जानकारी दी कि कांड के अनुसंधान के दौरान कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने आये, जिससे स्पष्ट हुआ कि रंजीत उर्फ लाल बाबू यादव का अपहरण नहीं हुआ है बल्कि उसने स्वयं को छुपाकर अफवाह फैलायी कि उसका अपहरण हो गया है.

यह बात सामने आयी कि रंजीत यादव द्वारा ऐसा किये जाने का मूल कारण बिहार के समस्तीपुर में नेटवर्किंग का काम करने के दौरान कुछ लोगों का पैसा हड़प लेना था.  इस संबंध में जयकुश चंद्रवंशी द्वारा हुसैनाबाद थाना को दिये गये आवेदन में रंजीत द्वारा नौकरी के नाम पर एक लाख रुपये लेने का भी खुलासा हुआ है. रंजीत जयकुश को रूपये नहीं देने के लिए अपहरण की अफवाह फैलायी और गायब हो गया.

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तकनीकी सेल से मिला सुराग

शिकायत के बाद इसका खुलासा तकनीकि सेल एवं गुप्त सूचना के आधार पर हुआ. रंजीत यादव अपहरण की अफवाह फैलाकर गायब रहता था और समय-समय पर अपने परिजनों से मोबाईल द्वारा बात भी करता था. पुलिस ने तकनीकि सेल के जरिये कॉल डिटेल निकाला. रंजीत ने गांव के ही जयकुश चंद्रवंशी व विकास चंद्रवंशी को झूठा आरोप लगाकर केश में फंसाने का षड्यंत्र रचा था. दोनों भाईयों ने नौकरी दिलाने के लिए एक लाख रुपये रंजीत को दिये थे और नौकरी नहीं लगने पर वापस मांग रहे थे. नहीं देने पर उससे मामूली मारपीट भी की थी.

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रंजीत का परिवार माओवादी समर्थक माना जामा है

रंजीत यादव के पिता अखिलेश यादव सहित पूरा परिवार माओवादी नक्सली समर्थक माना जाता है. वर्तमान में रंजीत द्वारा स्कूल भवन निर्माण की राशि निकासी करने के बाद भी विद्यालय भवन का निर्माण नहीं किया गया है. इसके विरुद्ध हुसैनाबाद बाद थाना में राशि गबन करने का मामला दर्ज किया गया है. कांड अनुसंधान के क्रम में रंजीत यादव पर नौकरी के नाम पर पैसा लेने के आरोपों की भी पुष्टि हुई है. पुलिस ने रंजीत यादव की खोजबीन शुरू की और उसके छिपने के ठिकाने पर छापामारी की गयी तो वह वहां से भाग निकला. हालांकि गढ़वा जिले के नगर उंटारी थाना क्षेत्र से उसे गिरफ्तार किया गया.

पुलिस छापामारी दल में पुलिस निरीक्षक प्रभाकर सिंह, थाना प्रभारी रास बिहारी लाल, प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षक संगीता कुमारी, विजय कुजुर, जीतेंद्र कुमार सहित कई पुलिसकर्मी मौजूद थे.

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