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पलामू: फर्जी ‘सेल्फ हेल्प ग्रुप’ का कारनामा ऋण राशि के नाम पर दो लाख का गबन

 बैंक नोटिस मिलते ही सदस्यों के उड़े होश, समूह का लाइसेंस रद्द करने की मांग 

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Palamu: आसानी से लाखों की कमाई करने की चाह में लोग तरह-तरह के फर्जी हथकंडे अपनाते हैं. पलामू जिले में कुछ इसी तरह का मामला सामने आया है. फर्जी सेल्फ हेल्प ग्रुप (स्वयं सहायता समूह) बनाकर ऋण राशि झटक लेने का मामला प्रकाश में आया है.

घटना के बाद समूह से जुड़ी महिला सदस्यों के होश उड़ गए हैं. सदस्यों ने समूह की मान्यता रद्द करने की मांग की है.

कहां का है मामला? 

जिले के हुसैनाबाद प्रखंड अंतर्गत बुधुआ गांव की लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह की संचालिका द्वारा फर्जी तरीके से वनांचल ग्रामीण बैंक की दंगवार शाखा से दो लाख रुपये गबन करने का मामला प्रकाश में आया है.

समूह की आधा दर्जन महिला सदस्यों ने पलामू के उपायुक्त को एक शिकायत पत्र लिखकर लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह, जिसकी अनुज्ञप्ति संख्या 46/2009 है, को अविलंब रद्द करने की मांग की है.

बैंक के नोटिस मिलते ही उड़े होश 

पत्र में कहा गया है कि समूह के सदस्यों को उक्त फर्जीवाड़े का पता तब चला, जब वनांचल ग्रामीण बैंक की दंगवार शाखा से ऋण वसूली का उन्हें नोटिस दिया गया. नोटिस मिलते ही समूह की सदस्य प्रभा देवी, लगनी देवी, संगीता देवी, रामसति देवी, संझरिया देवी एवं लक्ष्मी देवी के होश उड़ गये.

लोन लिया ही नहीं तो वसूली कैसी? 

महिलाओं ने कहा कि जब उनलोगों ने लोन लिया ही नहीं है, तब वसूली कैसी? तत्काल इन महिला सदस्यों ने बैंक के शाखा प्रबंधक को एक आवेदन देकर जालसाजी कर लोन लिए जाने की पूरी जानकारी मांगी.

तब शाखा प्रबंधक ने लिखित जानकारी दी कि लक्ष्मी महिला स्वयं सहायता समूह, बुधुआ के नाम पर विगत 28 मार्च 2011 को दो लाख रुपये ऋण दिया गया है, जिसका खाता नंबर 14253026856 है. समूह के सदस्यों में एक बेबी देवी (पति संजय सिंह) बिहार की है, जबकि लगनी देवी एवं पानो देवी दूसरे गांव घोड़बंधा की हैं.

जानकारी मांगने पर महिला सदस्यों के साथ दुर्व्यवहार 

जनवरी 2019 में ऋण वसूली की नोटिस मिलने के बाद एक सदस्य प्रभा देवी का आरोप है कि जब वह समूह की संचालिका मीना देवी (पति ललित सिंह) से इस संबंध में जानकारी मांगी तो उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया.

तब गत 12 फरवरी 2019 को प्रभा देवी ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी को पत्र देकर समूह का लाइसेंस तत्काल रद्द करने की मांग की. इस आवेदन के आलोक में हुसैनाबाद के बीडीओ सह प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ने बुधुआ जाकर पूरे प्रकरण की जांच की तो मामला सत्य पाया गया.

संचालिका और उसके पति पर नहीं हुई कार्रवाई   

कोई भी पंजी संचालिका द्वारा नहीं दिखायी गयी तथा गांव की लाभुक महिलाओं ने कभी भी नियमित रूप से समय पर एवं उचित मात्रा में राशन नहीं दिये जाने की शिकायत की.

ग्रामीणों ने बीडीओ से कहा कि महिलाओं का समूह होने के बावजूद सारा कार्य संचालिका मीना देवी के पति ललित सिंह द्वारा ही किया जाता है.

फर्जी तरीके से चलाये जा रहे उक्त समूह के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं किये जाने से समूह की आधा दर्जन सदस्यों सहित अन्य ग्रामीणों में काफी आक्रोश है.

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