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पलामू : सड़कें हैं #Dangerous, थोड़ी सी चूक होते ही हो जाते हैं हादसे, मरम्मत और निर्माण पर नहीं है किसी का ध्यान

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Dilip kumar

Palamu :  पलामू जिले की कई सड़कें मरम्मत और निर्माण के अभाव में खतरनाक हो गयी हैं. बड़े-बड़े गड्ढे हो गये हैं और उनमें भारी जलजमाव है. इन सड़कों पर चलना खतरे से खाली नहीं. थोड़ी सी चूक होते ही हादसा हो जाता है और बड़े नुकसान की संभावना बन जाती है. दशहरा जैसे बड़े पर्व पर भी इन सड़कों की मरम्मत पर किसी का ध्यान नहीं रहा गया है.

एनएच 39 पर जानलेवा है बैरिया चौक का क्षेत्र

मेदिनीनगर शहर के बैरिया चौक पर एनएन 39 की स्थिति काफी भयावह है. बड़े-बड़े तीन चार गड्ढे हो गये हैं. इन गड्ढो में गंदा दूषित नाली का पानी भरा रहता है. पानी से पता नहीं चलता कि गड्ढे की गहराई कितनी है. नतीजा छोटे वाहन इस चौक से पार करते ही पलट जाते हैं. एक सप्ताह के दौरान आधा दर्जन से अधिक हादसे यहां हो चुके हैं. ठेला, मोटरसाइकिल, साइकिल सवार, ई-रिक्शा, छोटी कार सहित अन्य छोटे वाहन गड्ढे में जाते ही पलट गये हैं. ठेलों में भरा सामान बर्बाद हो गया है, वहीं ई-रिक्शा में सवार यात्रियों को भारी परेशानी हुई है.

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डस्ट डाला गया, लेकिन बारिश के कारण सारा बह गया : डिप्टी मेयर

मेदिनीनगर नगर निगम के डिप्टी मेयर मंगल सिंह ने बताया कि बैरिया चौक पर मरम्मत करायी गयी. डस्ट डालकर गड्ढे को भरा गया, लेकिन कई घरों के नाली का पानी और बारिश का पानी अधिक मात्रा में आ जाने से भरावट में पड़ा डस्ट बह गया. चूकि सड़क एनएच की है, इसलिए ठोस मरम्मत तो संबंधित विभाग ही कर सकता है. बावजूद दुर्गा पूजा को देखते हुए एक बार पुनः मरम्मत करायी जायेगी.

तालाब में तब्दील है बड़कागांव-खनवा मुख्य सड़क

मेदिनीनगर सदर प्रखंड अंतर्गत बड़कागांव-खनवा पथ तालाब में तब्दील हो गया है. इस सड़क से गुजरना नरक की अनुभूति करा जाता है. बड़े बड़े गड्ढे और में सड़ा हुआ बरसाती पानी से मिलकर सड़क की सच्ची कहानी बनती है. इससे होकर सफर करने में राहगीरों की नानी याद आ जाती है. मोटरसाइकिल व टेम्पो के परिवहन में चालकों को कट मार मारकर करतब करना पड़ता है. यात्री हिचकोले खा-खा कर रोज बदहाल होते हैं. सड़क पर पैदल चलना ऐसी अनुभूति कराता है, जैसे आप कोई अभिशाप झेल रहे हों.

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सात महीने पहले हुआ है शिलान्यास

ऐसा नहीं है कि इस बदहाली पर रहबरों की नजर नहीं पड़ी है. इस पथ के चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण के लिये सात माह पूर्व पलामू के सांसद विष्णु दयाल राम एवं क्षेत्रीय विधायक आलोक कुमार चौरसिया ने शिलान्यास किया था. स्थिति यह है कि ग्रामवासियों-राहगीरों को शिलापट देख देखकर ही संतोष करना पड़ रहा है. मनमानी ऐसी है कि ठेकेदार द्वारा गड्ढों को भरवाना भी मुनासिब नहीं समझा जा रहा है.

ठेकेदार की लापरवाही से बनी है ऐसी स्थिति: आरईओ कार्यपालक अभियंता

आरईओ के कार्यपालक अभियंता देव सहाय भगत ने बताया कि ठेकेदार की लापरवाही से ऐसी स्थिति बनी है. मार्च में शिलान्यास के बाद ठेकेदार को काम लगाने का निर्देश दिया गया था. लेकिन काम शुरू नहीं हो सका. बरसात शुरू हो गयी. उन्होंने स्वयं सड़क की स्थिति देखी है. बहुत ज्यादा स्थिति खराब है. निर्माण शुरू कराने के लिए ठेकेदार पर दबाव बनाया जाएगा. फिलहाल सड़क में बने गड्ढे को भरवाया जायेगा. ताकि दशहरा में आवागमन बेहतर हो सके.

शाहपुर-कल्याणपुर पथ है काफी जर्जर  

शाहपुर मेन रोड से सेमरटांड़ होते कल्याणपुर तक करीब 6 किलोमीटर लंबी सड़क 14 वर्ष से जर्जर हालत में है. इस सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए है. बारिश होने पर गड्ढे तालाब का रूप ले लेते हैं. इससे आवागमन पर बुरा असर पड़ता है. बारिश के पानी से लबालब भरे होने के कारण इस सड़क से गुजरना मौत को दावत देने के समान हो जाता है.

2002 के बाद नहीं बनी सड़क

इस सड़क को वर्ष 2002 में बनाया गया था. बनने के एक से डेढ़ वर्ष तक इसकी स्थिति थोड़ी ठीक रही, लेकिन इसके बाद धीरे-धीरे इसकी स्थिति जर्जर होती गयी. इस अवधि में ना तो इस सड़क की मरम्मत करायी गयी और ना ही इसे नया बनाने पर किसी का ध्यान गया. लंबे समय तक इसकी सुध नहीं लेने पर अब सड़क जर्जर के साथ-साथ जानलेवा हो गयी है.

जनप्रतिनिधियों का आश्वासन नहीं आया काम

इस सड़क की मरम्मत और निर्माण के लिए सांसद और विधायक तक फरियाद लगायी जा चुकी है, लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला. सड़क निर्माण के लिए स्थानीय लोगों द्वारा कई बार इस सड़क से सटे इलाके में कार्यक्रम कराया गया. सांसद वीडी राम को कल्याणपुर में कार्यक्रम के दौरान सड़क की खराब स्थिति से अवगत कराया गया और बनवाने की फरियाद की गयी. सड़क देखने के बाद सांसद ने भी माना कि इसकी हालत खराब है, लेकिन निर्माण का आश्वासन देने के सिवाय और कुछ नहीं कर पाए.

बहरहाल, ग्रामीण और राहगीर नित्यप्रति शिलापट-शिलान्यास, गड्ढो और उसमें जमे पानी  को निहारते हुए सत्यानाश का कड़वा स्वाद चखने पर विवश हैं.

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