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पलामू : चुनावी साल में रघुवर सरकार ने थमाया फ्री होल्ड का लॉलीपॉप!  लीजधारियों के होश फाख्ता

रघुवर दास सरकार के मंत्रिमंडल द्वारा खासमहाल लीज को फ्री होल्ड करने के निर्णय पर लीजधारियों की खुशी अब गम में बदलती जा रही है.

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Dilip Kumar

Palamu  झारखंड में चुनावी साल चल रहा है. कई ऐसी योजनाएं धरातल पर उतारी जा रही है, जो पूरी तरह चुनावी मोड में बनायी गयी है. मतलब वोट बटोरने की नीयत स्पष्ट दिख रही है. पिछले दिनों कैबिनेट से पारित खासमहाल लीज लैंड को फ्री होल्ड किये जाने का निर्णय भी पूरी तरह चुनावी लॉलीपॉप है.

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रघुवर दास सरकार के मंत्रिमंडल द्वारा खासमहाल लीज को फ्री होल्ड करने के निर्णय पर लीजधारियों की खुशी अब गम में बदलती जा रही है. झारखंड के भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग द्वारा जारी फ्री होल्ड के नियमों को देख कर लीजधारियों के होश फाख्ता हो गये हैं. फ्री होल्ड में लीज भूमि को परिवर्तित करने के लिए लीज का नवीकरण कराना जरूरी बताया गया है, जिनका नवीकरण नहीं हुआ वे फ्री होल्ड का झुनझुना लेकर घूमते रहेंगे.

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लीजधारी की कूबत से बाहर है लीज नवीकरण कराना

प्रश्न है कि अगर लीज नवीकरण की शर्तें जटिल न होती तो अभी तक 90 प्रतिशत लीजधारी अपना नवीकरण करा चुके होते. लीज नवीकरण की कठिन शर्तों के कारण फ्री होल्ड की मांग उठी और पुरजोर ढंग से उठी. मुख्यमंत्री ने फ्री होल्ड की घोषणा कर दी. कई संगठन इस सकारात्मक निर्णय पर अपनी पीठ थपथपा रहे हैं. आज उनके भी चेहरों पर मायूसी स्पष्ट दिखाई दे रही है.

कैबिनेट के निर्णय में कहा गया है कि जिनकी लीज का नवीकरण हो गया है वो ही फ्री होल्ड की पात्रता रखते हैं. यानि ढाक के तीन पात. अब एक सामान्य लीजधारी की कूबत से बाहर है लीज नवीकरण कराना और सरकार की घोषणा लीजधारियों के लिए एक जोरदार झटके के समान है. लीज कराने का दम नहीं तो कहां से पायेंगे फ्री होल्ड की सुविधा. यानि न नौ मन तेल होगा-न राधा नाचेगी.

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 कठिन शर्तें

राजस्व विभाग की ओर से बताया गया कि लीजधारी जिस खासमहाल भूमि पर काबिज हैं, उसको फ्री होल्ड में परिवर्तित करने के लिए उसे उक्त भूमि का निर्धारित सरकारी दर का 15 प्रतिशत राशि का भुगतान करना होगा. यह 15 प्रतिशत केवल आवासीय प्रयोजन हेतु लायी जा रही जमीन के लिए निर्धारित दर है. जबकि व्यावसायिक कार्यों में उपयोग की जा रही लीज भूमि के लिए 30 प्रतिशत का भुगतान करना होगा.

इसको इस प्रकार समझा जा सकता है कि मेदिनीनगर शहर के नावाटोली मुख्य पथ पर अगर आपका आवास है तो सरकारी जमीन की दर का 15 प्रतिशत देना जरूरी है. अब मान लीजिए कि सरकारी दर चार लाख रूपया प्रति डिसमिल है तो उसे 15 प्रतिशत राशि चुकानी होगी. अगर आपकी आवासीय लीज भूमि का रकबा पांच डिसमिल है तो कुल तीन लाख रुपये जमा कराने के पश्चात आप जमीन का मालिकाना हक प्राप्त कर लेंगे. अगर व्यावसायिक श्रेणी की जमीन है तो प्रति डिसमिल 30 प्रतिशत देना होगा.

हालांकि कई लोग इसे भारी टैक्स मानते हैं और उनकी लाचारी भी है कि एक मुश्त राशि का भुगतान वे कैसे करें? कई निम्न मध्यवर्गीय लोग और मध्यवर्गीय लीजधारी इसे न्यायसंगत नहीं मानते और राशि पांच प्रतिशत करने की मांग कर रहे हैं. कुछ लोग कहते हैं कि राशि को जमा कराने के लिए न्यूनतम तीन किश्तों का प्रावधान किया जाये.

सरकार ने राज्य की राजधारी रांची समेत पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम, हजारीबाग, साहिबगंज, गढ़वा, लातेहार, कोडरमा एवं पलामू जिले में बड़ी संख्या पर जमीन लीज पर दे रखी है. लीज की अवधि 30 वर्ष होती है और तत्पश्चात उसका नवीकरण होना जरूरी है. पूरे राज्य में लीजधारियों की संख्या 10,174 है, लेकिन यह बात सामने आ रही है कि कई लीजधारी सरकार के फैसले से खुश हैं.

केएन त्रिपाठी ने की कड़ी आलोचना

झारखंड के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं पूर्वमंत्री केएन त्रिपाठी के अनुसार लीजधारी ताड़ से गिर कर खजूर में लटक गये हैं. प्रदेश की भाजपा सरकार ने लीजधारियों को मूर्ख बनाया है. सरकार ये जान रही है कि लीजधारी नयी शर्तों के तहत फ्री होल्ड नहीं करा पाएंगे. स्थिति पहले वाली ही रह जायेगी. रघुवर जी ने लीजधारियों को लॉली पॉप थमा दिया है.

श्री त्रिपाठी ने कहा कि सरकार यथा शीघ्र अपने कठोर नियम में परिवर्तन करे, अन्यथा जनता का आक्रोश उसकी गद्दी हिला देगा. कांग्रेस द्वारा आंदोलन खड़ा किया जायेगा. जनता का मखौल उड़ान सरकार बंद कर दे.

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पलामू चैंबर मिलेगा सीएम से

पलामू चैंबर आफ कामर्स के अध्यक्ष दुर्गा जौहरी ने कहा है कि कैबिनेट के फैसले में लचीला रूख अपनाने की मांग को लेकर वह एक प्रतिनिधि मंडल के साथ मुख्यमंत्री से मिलेंगे. उन्होंने आशा व्यक्त की कि समस्या का समाधान अवश्य हो जाएगा. श्री जौहरी ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि राजस्व विभाग ने इस निर्णय की व्याख्या सही ढंग से नहीं की होगी. लीजधारियों को राहत दिलाने के लिए मुख्यमंत्री रघुवर दास दृढ़ संकल्प हैं.

लीज प्रकरण पर एफजेसीसीआई की बैठक

खासमहाल की जमीन को फ्री होल्ड करने के सरकार के फैसले पर झारखंड चेंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के रीजनल उपाध्यक्ष रंजीत मिश्रा एवं स्थायी सदस्यों ने मुख्यमंत्री रघुवर दास के प्रति आभार व्यक्त किया है. इस सिलसिले में आज यहां एक बैठक आयोजित की गयी, जिसमें पलामू चेंबर ऑफ  कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के पदाधिकारी और सदस्य भी शामिल हुए.

बैठक में कहा गया कि यह सरकार द्वारा उठाया गया एक साहसी और सकारात्मक कदम है. रघुवर सरकार ने खासमहाल की जमीन को फ्री होल्ड कर इस समस्या को सदा के लिए समाप्त कर दिया है. बैठक में पलामू चेंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष आनंद शंकर द्वारा इस सिलसिले में किये गये प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की गयी और इस उपलब्धि के लिए उन्हें बधाई दी गयी.

लीज नवीकरण कराने की शर्त अव्यावहारिक

बैठक में लीजधारियों की उस प्रतिक्रिया पर भी चर्चा की गयी, जिसमें फ्री होल्ड से पहले लीज नवीकरण कराने की शर्त को अव्यावहारिक करार दिया जा रहा है. इस दौरान फ्री होल्ड के लिए निर्धारित शुल्क को भी कम करने की वकालत की गयी. बैठक में कहा गया कि पलामू एक पिछड़ा जिला है और यहां के लोग 15 से 30 प्रतिशत तक की राशि देकर अपनी जमीन फ्री होल्ड करा पाने की स्थिति में नहीं हैं. बैठक में लीज नवीकरण की शर्त और फ्री होल्ड के लिए निर्धारित शुल्क पर पुनर्विचार की मांग की गयी.

बैठक में कृष्णा प्रसाद अग्रवाल, इंद्रजीत सिंह डिम्पल, रंजीत कुमार मिश्रा, सुधांशु शेखर, नीलेश चन्द्रा, राकेश कुमार, संजय कुमार, राजेश कुमार, उदय शंकर दुबे, राजदेव उपाध्याय और फिरोजुद्दीन अंसारी सहित अन्य मौजूद थे.

फ्री होल्ड का मामला मात्र नौटंकी: सतीश

सतारूढ़ भाजपा के मुख्य घटक आजसू पार्टी के केन्द्रीय कार्यसमिति सदस्य सतीश कुमार खासमहाल जमीन को फ्री होल्ड करने के मामले को मात्र नौटंकी करार दिया है और इसे गुमराह करने का प्रयास बताया है. श्री कुमार ने कहा कि कुछ नेतागण इस मामले को चुनावी मुद्दा बनाकर जनता के सामने पेश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार ने जो रेट तय किया है, उससे जनता के ऊपर भारी आर्थिक बोझ आयेगा. अगर सचमुच सरकार जनता के हित में सोचती है तो एक से दो प्रतिशत लगान लेकर जमीन को फ्री होल्ड कर देना चाहिए.

20 साल से अटके मामले का हुआ निपटारा: आलोक चौरसिया

खासमहल जमीन को फ्री होल्ड कराने में कई स्तरों पर संघर्ष करने वाले क्षेत्रीय विधायक आलोक चौरसिया ने आज रांची में मुख्यमंत्री रघुवर दास से मुलाकात की और आभार जताया. विधायक ने कहा कि लंबे समय से अटके और जटिल मामले का मुख्यमंत्री रघुवर दास ने निपटारा कर लोगों को राहत देने का काम किया है. विधायक ने कहा कि मेदिनीनगर में करीब 20 वर्ष से खासमहल जमीन को फ्री होल्ड कराने का मामला लटका हुआ था. अब निपटारे के बाद लोगों को काफी सहूलियत होगी. विधायक ने कहा कि बीजेपी के नेतृत्व वाली रघुवर सरकार ने प्रदेश को प्रगति के रथ पर सवार किया है एवं निरंतर उसे आगे बढ़ा रही है.

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