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पलामू: कैदी ने की मनरेगा में मजदूरी, पांकी विधायक ने कार्रवाई के लिए डीडीसी को आवेदन किया अग्रसारित

Palamu : मनरेगा की योजनाओं में भ्रष्टाचार के मामले आम है. ताजा मामला जेल में बंद कैदी से जुड़ा हुआ है. जेल में बंद कैदी के नाम पर हाजिरी लगाकर नाजायज राशि की निकासी कर ली गयी है. यह मामला पलामू जिले के नीलाम्बर-पीताम्बरपुर लेस्लीगंज प्रखंड क्षेत्र से जुड़ा हुआ है. प्रखंड के पचमो गांव में मेड़बंदी योजना में जेल में बंद कैदी के नाम पर पैसों की निकासी कर ली गयी है. इस सिलसिले में ग्रामीणों के द्वारा गत 7 फरवरी को पांकी विधायक डॉ. शशि भूषण मेहता को आवेदन दिया था.

विधायक ने कार्रवाई से संबंधित अनुशंसा करते हुए डीडीसी को पत्र अग्रसारित कर दिया है. लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई है.

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ग्रामीणों के अनुसार नीलाम्बर पीताम्बरपुर लेस्लीगंज प्रखंड के पचमो गांव में मेट दीपक गिरी ने अपने पिता रामप्रवेश गिरी के नाम पर मेड़बंदी का पैसा निकाल लिया है.

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ग्रामीणों का दावा है कि योजना पूरी तरह से फर्जी है, क्योंकि मेट के पिता रामप्रवेश गिरी के नाम पर जिस समय हाजिरी लगायी गयी है, उस समय वे जेल में थे.

ग्रामीणों ने दावा किया है कि 6 सितंबर 2021 को योजना में रामप्रवेश गिरी की हाजिरी दिखाई गयी है. उस समय रामप्रवेश गिरी जेल में थे.

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इसी प्रकार तीन तरह के मेट एक ही परिवार के होने के बताये गये हैं. दीपक गिरी, रामप्रवेश गिरी और बुल्लू देवी को मेट बताते हुए एक ही परिवार से जुड़ा हुआ बताया गया है.

ग्रामीणों ने फर्जी धनराशि की निकासी की वसूली करने और सारे फर्जी मेट का लेबर कार्ड रद्द करने और विभागीय मिलीभगत करने वाले रोजगार सेवक एवं सभी संलिप्त लोगों पर एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है.

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