न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

पलामूः फरवरी से अटकी है 1.48 लाख लाभुकों की पेंशन-भीषण गर्मी में भी ऑफिस का चक्कर लगाने को विवश पेंशनधारी

527

Palamu: आर्थिक रूप से पिछड़े जिलों में शुमार पलामू में फरवरी माह से ही विभिन्न योजनाओं के लाभुकों की पेंशन बंद है. ऐसे में कई पेंशनधारियों के समक्ष भुखमरी की नौबत आन पड़ी है.

पेंशन से वंचित लाभुक भीषण गर्मी में भी हर दिन संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने को विवश हैं, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है.

Aqua Spa Salon 5/02/2020

इसे भी पढ़ेंःनीतीश ने इशारों में भाजपा को चेताया, कहा- यह जीत बिहार के लोगों की, कोई अपनी जीत माने, तो भ्रम है

1.48 लाख हैं पेंशनधारी

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पलामू जिले में विभिन्न योजनाओं के तहत पेंशन प्राप्त करने वाले लाभुकों की संख्या 1.48 लाख है. इनमें 1 लाख 27 हजार वृद्धावस्था पेंशन के लाभुक हैं, जबकि 17500 विधवा पेंशन के लाभुक हैं.

इसी प्रकार 1275 स्वामी विकेकानंद प्रोत्साहन योजना और 2572 आदिम जनजाति के लाभुक हैं. पिछले चार महीने से एक भी लाभुक को पेंशन की राशि प्राप्त नहीं हुई है.

आवंटन के अभाव में भुगतान लंबित

जिला समाज कल्याण पदाधिकारी शत्रुंजय कुमार की मानें तो आवंटन प्राप्त नहीं होने के कारण पेंशनधारियों का भुगतान लंबित है. उन्होंने कहा कि दो दिनों में आवंटन प्राप्त हो जाने की संभावना है और एक सप्ताह के भीतर पेंशन का भुगतान शुरू हो जायेगा.

इसे भी पढ़ेंःनये गृह मंत्री अमित शाह के सामने धारा 370, 35A और NRC का मसला सुलझाने की चुनौती

Gupta Jewellers 20-02 to 25-02

उन्होंने यह भी कहा कि जिला प्रशासन ने भुगतान से संबंधित लाभुकों की सूची सभी पंचायत सचिवालयों में चिपकाये जायेंगे. ताकि लाभुकों को न ही कोई परेशानी हो और न ही वे बिचौलियों की बातों में फंसे.

चिट्ठी आने पर 1000 रूपये प्रतिमाह होगा भुगतान

समाज कल्याण पदाधिकारी ने यह भी कहा कि अभी जो आवंटन प्राप्त होगा, उससे पुरानी दर प्रति माह 600 रूपये ही पेंशन का भुगतान होगा. सरकार से पत्र प्राप्त होने के बाद 1000 रूपये प्रति माह के हिसाब से पेंशन का भुगतान होगा.

गौरतलब है कि सरकार ने सभी पेंशनधारियों को अब 600 की जगह 1000 रूपये प्रतिमाह पेंशन देने का फैसला किया है. नयी दर अप्रैल माह से लागू है.

इसे भी पढ़ेंःहाल ए सीएम का बिजली विभाग : चार साल में 19606 करोड़ बजट, बिजली खरीद,रिपेयर और मेंटेनेंस में ही खर्च हो गए 18784 करोड़

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like