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Palamu : सड़क नहीं होने पर मोटरसाइकिल से गांव पहुंचे पांकी विधायक, ग्रामीणों की स्थिति देखकर रह गए दंग

Palamu : पांकी के भाजपा विधायक डॉ. शशिभूषण मेहता मनातू प्रखंड के अभावग्रस्त और नक्सल प्रभावित डुमरी पंचायत के गौरवाटांड़, जसपुर (जोलपुर) चीरीटांड़ गांव में पहुंचे. गांव में पहुंचने के लिए सड़क नहीं रहने के कारण विधायक को मोटरसाइकिल से सफर करना पड़ा. करीब 8 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करने में दो से तीन नालों को पार करना पड़ा. विधायक जब गांव में पहुंचे तो वहां ग्रामीणों की फटेहाल स्थिति देखकर दंग रह गए.

दरअसल, पांकी विधायक बुधवार को मनातू प्रखंड क्षेत्र के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में बसे लोगों का हाल जानने निकले थे. मिटार पहुंचने पर विधायक को जानकारी मिली कि डुमरी पंचायत के गौरवाटांड़, जसपुर (जोलपुर) चिड़िखुर्द गांव के लोगों की स्थिति काफी खराब है.

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पीडीएस, आवास, पेंशन तक की सुविधा उन्हें नहीं मिलती. गांव में पहुंच पथ का भी अभाव है. ऐसे में विधायक मिटार से 8 किलोमीटर की दूरी बाइक से तय की और जंगलों पहाड़ों से होते हुए गांव में पहुंचे.

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गांवों की बदहाली के लिए पूर्व विधायक जिम्मेवार

विधायक गांव का हाल देख कर दंग रह गए. विधायक ने इसके लिए पूर्व विधायक को दोषी ठहराया है. विधायक ने लोगों से उनकी समस्या सुनी. लोगों ने विधायक को बताया कि गांव तक आने-जाने के लिए सड़क की कोई व्यवस्था नहीं है.

बरसात हो या गर्मी, पैदल ही सफर करना पड़ता है. गांव में पिने की पानी की भी व्यवस्था नहीं है. चुआड़ी का पानी पीते हैं. गांव में जल मीनार लगा है, लेकिन सोलर प्लेट चोरी हो जाने से जलमीनार खराब पड़ा है. बिजली की आपूर्ति पिछले कई महीनों से बंद है. मुखिया द्वारा आज तक कोई पहल नहीं की गयी है.

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आदिम जनजातियों के खाद्यान्न पर भी डाला जा रहा है डाका

ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें राशन समय पर नहीं मिलता है. पिछले कई महीने से केंद्र सरकार द्वारा मिलने वाला खाद्यान्न अब तक उन्हें नहीं मिल पाया है.

डीलर का घर लाभुकों के गांव से 10 किलोमीटर दूर है. डीलर लाभुकों के गांव में राशन बांटने की बजाय अपने घर पर ही राशन बांटता है. ग्रामीणों ने राशन डीलर पर कई गंभीर आरोप लगाए.

आदिम जनजाति परहिया लोग करते हैं निवास

गौरावाटांड़ में परहिया जाति के लोग निवास करते हैं, जबकि जसपुर व चीरीटांड़ में खेरवार लोग रहते हैं. बावजूद सरकारी सुविधा नहीं मिल पाती.

सरकार का निर्देश है कि आदिम जनजातियों के गांव में राशन का वितरण हो, लेकिन यहां ऐसा नहीं होता है. इन गांवों में एक भी पक्का का आवास नहीं है. झोपड़ीनुपा घर में लोग जीवन गुजारते हैं.

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पहली बार गांव में विधायक का हुआ आगमन

गौरवा टांड़, जसपुर व चीरीटांड़ में आज तक कोई विधायक-सांसद नहीं पहुंचे थे. पांकी विधायक कुशवाहा डॉक्टर शशिभूषण मेहता पहली बार गांव में पहुंचे. गांव में विधायक के पहुंचने पर लोगों में एक बार फिर विकास की आस जग गई है. गांव के लोगों ने बताया कि आज तक कोई विधायक सांसद ने इस गांव में उनका हाल जानने नहीं पहुंचा था.

शिविर लगाकर सुनी जाएगी समस्या: विधायक

पांकी विधायक ने कहा कि मनातू प्रखंड के कई इलाके अभी भी काफी पिछड़े हुए हैं. डुमरी पंचायत के गौरवाटांड़ व जसपुर इसके उदाहरण हैं. विधायक ने कहा कि पूर्व के विधायक की अदूरदर्शिता के कारण आज तक इन गांवों सरकारी योजनाएं नहीं पहुंची. गांव में बिजली की आपूर्ति बहाल करने के लिए बहुत जल्द नया ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा.

प्राथमिकता के आधार पर इन गांवों का विकास किया जाएगा. शिविर लगाकर लोगों की समस्या सुनी जाएगी और समाधान किया जाएगा.

पीडीएस डीलर की डीसी से शिकायत

विधायक ने कहा कि ग्रामीणों के द्वारा शिकायत मिली है कि केंद्र सरकार द्वारा मिलने वाला खाद्यान्न आदिम जनजाति लोगों को अब तक नहीं मिला है. पिछले कई माह से डीलर के द्वारा लोगों के बीच राशन का वितरण नहीं किया गया है.

विधायक ने पलामू उपायुक्त से दूरभाष पर बात कर पूरे मामले से अवगत कराते हुए दोषी डीलर पर कारवाई और आदिम जनजाति लोगों का राशन उपलब्ध कराने का आग्रह किया है.

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